कौन है मौलाना अब्दुल्ला सलीम? CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी के बाद लखनऊ में सड़कों पर उतरे लोग, निकाली शव यात्रा
लखनऊ के हजरतगंज में सीएम योगी आदित्यनाथ की मां पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ. एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मौलाना का पुतला फूंका और गिरफ्तारी की मांग की.
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों माहौल गर्म नजर आ रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. शहर के प्रमुख इलाके हजरतगंज चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने मौलाना के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला भी फूंका. इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने किया. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार से मौलाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई.
पुतला दहन और जोरदार नारेबाजी
शनिवार को हजरतगंज इलाके में बड़ी संख्या में छात्र और युवा जमा हुए. उन्होंने पहले मौलाना के खिलाफ नारे लगाए और फिर उसका पुतला बनाकर चौराहे पर आग के हवाले कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने पुतले को पैरों से कुचलते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया. इससे पहले युवाओं ने हजरतगंज में मौलाना की प्रतीकात्मक शव यात्रा भी निकाली. इसके बाद चौराहे पर पुतले पर पेट्रोल डालकर उसे जला दिया गया. इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के गुस्से के आगे पुलिस की कोशिशें सफल नहीं हो सकीं. प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केवल एक नेता नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़े हुए हैं. उनका कहना था कि किसी भी व्यक्ति को किसी की मां के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की मां का सम्मान पूरे देश की माताओं जैसा है और ऐसी टिप्पणी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने
इस पूरे विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है. बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा बिष्ट यादव ने भी मौलाना सलीम के बयान की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि मां का दर्जा हर धर्म में बहुत ऊंचा होता है. इस्लाम धर्म में भी मां को बेहद सम्मान दिया जाता है. ऐसे में किसी की मां के खिलाफ इस तरह की भद्दी टिप्पणी करना बेहद गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि मौलाना को तुरंत अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए और भविष्य में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
माफी तक जारी रहेगा प्रदर्शन
प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं ने साफ कहा है कि जब तक मौलाना सलीम अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक विरोध जारी रहेगा. प्रदर्शन में शामिल युवकों ने कहा कि अगर माफी नहीं मांगी गई तो आने वाले दिनों में और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरेंगे. उनका कहना था कि किसी भी नेता की नीतियों का विरोध लोकतंत्र में किया जा सकता है, लेकिन परिवार के सदस्यों पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना बेहद गलत है. प्रदर्शन कर रहे एक युवक जतिन शुक्ला ने कहा कि मौलाना ने होली और रमजान जैसे पवित्र समय में भी अपनी मानसिकता का परिचय दिया है. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ इतने बड़े राज्य के मुख्यमंत्री हैं और एक संत भी हैं. ऐसे में उनकी मां के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना समाज में नफरत फैलाने जैसा है.
विवादित बयान से बढ़ा आक्रोश
दरअसल, मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने गौकशी कानून को लेकर एक विवादित बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि अगर किसी व्यक्ति के पास थोड़ी मात्रा में भी मांस मिल जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है. इसी बयान के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां का जिक्र करते हुए कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की. यह बयान सामने आने के बाद प्रदेश में कई जगहों पर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.
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फिलहाल लखनऊ में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद मामला और गर्माता नजर आ रहा है. लोग लगातार मौलाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. अब देखना होगा कि इस विवाद पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और मौलाना सलीम की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं.
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