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बर्फ से ढका गंगोत्री नेशनल पार्क… जम गए नल, पानी को तरसे लोग!

भारी बर्फ पड़ने से पानी जम गया. स्थानीय लोग पानी को पिघलाने के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं.

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11 Dec 2025
( Updated: 11 Dec 2025
02:09 PM )
बर्फ से ढका गंगोत्री नेशनल पार्क… जम गए नल, पानी को तरसे लोग!
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उत्तराखंड (Uttarakhand) के गंगोत्री नेशनल पार्क में इन दिनों कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे वहां के ऊपरी इलाकों में पानी जमकर बर्फ में बदल चुका है. गंगोत्री धाम, चीड़वासा और कनखू बैरियर जैसे ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फ की मोटी परत जम गई है. 

पार्क के पास रहने वाले स्थानीय लोगों और कर्मचारियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. भारी बर्फ पड़ने से पानी जम गया. वनकर्मी और स्थानीय लोग पानी को पिघलाने के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं. नल जम गए हैं सड़कों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है. 
इस बर्फबारी के कारण निचले इलाकों में भी सर्दी का असर बढ़ गया है. 

जम गए नल, सड़कें बर्फ से ढकीं 

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ऊपरी हिमालय में बर्फबारी के बाद तापमान में आई गिरावट ने निचले क्षेत्रों को और भी ठंडा बना दिया है. वन विभाग और गंगोत्री नेशनल पार्क की टीम विपरीत मौसम की चुनौतियों के बावजूद गश्त और निगरानी जारी रखे हुए है. कर्मचारी लगातार वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण में जुटे हुए हैं, ताकि किसी भी तरह का नुकसान न हो. 

यह ठंड और बर्फबारी गंगोत्री क्षेत्र के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण तो है लेकिन यह स्थानीय जीवन को भी प्रभावित कर रही है. इसके बावजूद स्थानीय ग्रामीण और कर्मचारी ठंड से जूझते हुए अपने रोजमर्रा के काम कर रहे हैं. गंगोत्री धाम क्षेत्र में तापमान लगातार शून्य से नीचे जा रहा है, जिससे विभागीय टीमों को दैनिक कार्यों में भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद कर्मचारी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहुंचकर ट्रैप कैमरे सफलतापूर्वक स्थापित कर चुके हैं. 

अवैध शिकार पर कड़ी निगरानी 

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प्रशासन बर्फबारी के दौरान होने वाली अवैध शिकार गतिविधियों पर सख्त नजर रख रहा है. ट्रैप कैमरों जरिए खुलासे किए जा रहे हैं.  फुटेज से वन्यजीवों की जनसंख्या का आकलन और उनके आवागमन के पैटर्न का विश्लेषण करना विभाग के लिए आसान हो जाता है. 

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वन विभाग का कहना है कि शीतकाल के दौरान इस निगरानी से न सिर्फ पार्क की जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी। यही नहीं, अगर कोई अभी अप्रत्याशित गतिविधि होगी, उस पर भी नजर रहेगी. 

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