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UP से इंसेफ्लाइटिस खत्म करने के बाद अब क्रोनिक किडनी डिजीज के खिलाफ मुहिम, योगी सरकार ने बनाई रणनीति

CM योगी ने छोटे बच्चों को क्रोनिक किडनी डिजीज से बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह दी. वे SGPGI में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए

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19 Dec 2025
( Updated: 20 Dec 2025
06:16 AM )
UP से इंसेफ्लाइटिस खत्म करने के बाद अब क्रोनिक किडनी डिजीज के खिलाफ मुहिम, योगी सरकार ने बनाई रणनीति
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UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए. यहां उन्होंने कहा कि क्रोनिक किडनी डिजीज का मुकाबला संतुलित और संयमित जीवन से कर सकते हैं. CM योगी ने छोटे बच्चे भी क्रोनिक किडनी डिजीज से बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह दी. 

CM योगी ने कहा कि हमने दो साल में UP में इंसेफ्लाइटिस बीमारी के खत्म करके एक बड़ा उदाहरण पेश किया है. उन्होंने कहा, SGPGI अपनी स्थापना के समय से ही मानवता की सेवा कर रहा है. पहले की सरकारों में प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र उपेक्षित था. अस्पतालों को धन की कमी से जूझना पड़ता था. हॉस्पिटल गंदगी और अव्यवस्था का पर्याय बन गए थे. अब प्रदेश में हॉस्पिटल और पूंजी की कमी नहीं है और विश्वस्तरीय सुविधाएं हैं. 

CM योगी ने बताए आंकड़े

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CM योगी ने कुछ आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा, 2017 के बाद हमने SGPGI समेत प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल को धन की कमी नहीं होने दी है. UP में 1947 से लेकर 2017 तक केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे लेकिन अब प्रदेश में 80 मेडिकल 25 करोड़ नागरिकों की सेवा कर रहे हैं. 

‘कोरोना काल में अस्पतालों ने करोड़ों मरीजों को बचाया’

CM योगी ने कोरोना काल में SGPGI समेत सरकारी अस्पतालों की उत्कृष्ट सेवा को याद करते हुए कहा कि हमने संकट की घड़ी में कुशलता से काम किया था. उस समय तकनीक को चिकित्सा सेवा से जोड़ते हुए टेलीमेडिसिन का सहारा लेकर कोराना मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया गया. उन्होंने बताया, हमारी सरकार ने अकेले एक साल में प्रदेश के नागरिकों के इलाज के लिए 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया. आज आयुष्मान भारत के तहत साढ़े 5 करोड़ गोल्डन कार्ड बन चुके हैं. आयुष्मान कार्ड के तहत किडनी की बीमारी से ग्रस्त मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है. 

‘लोगों की सेहत के लिए सरकार गंभीर’

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CM योगी ने कहा, अब UP बीमारू राज्य नहीं है. हमारे पास अस्पतालों को वित्तीय सहायता करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है. पहले वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया था अब वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज है. हमने हर जिले के सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की व्यवस्था की है. हम नागरिकों की सेहत से समझौता नहीं करने वाले हैं. हमारी सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ समय समय पर अभियान चलाती रहती है. 

CM योगी ने बताया, हमारी सरकार 34 जनपदों में नेचुरल फॉर्मिंग को बढ़ावा दे रही है. हम खेती में उर्वरक के प्रयोग को कम करने की दिशा में काम कर रह हैं. पूर्वांचल में 2017 से पहले इंसेप्लाइटिस से हजारों बच्चों की मौत हो जाती थी लेकिन हमने 2017 में सरकार बनने के बाद 2 साल में इस बीमारी को खत्म कर दिया. 

चार दिवसीय वर्कशॉप में किडनी रोग के इलाज पर चर्चा

SGPGI में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन का भव्य शुभारंभ हुआ. इस मौके पर CM आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे. इस दौरान 18 से 21 दिसंबर तक चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला ISNCON-2025 में किडनी रोगों के आधुनिक उपचार, अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों पर व्यापक विमर्श किया जा रहा है. जिसमें CM योगी के साथ-साथ डिप्टी CM ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और SGPGI के निदेशक प्रोफेसर राधाकृष्ण धीमन मौजूद रहे. 

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