×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

योगी सरकार के 9 सालों में विकास के पहिए ने पकड़ी रफ्तार, गांवों में फैला दूध का कारोबार, 51 हजार महिलाएं बनीं उद्यमी

Uttar Pradesh: यूपी में 1500 गांवों में फैले दुग्ध व्यवसाय के जरिए 51 हजार महिलाएं उद्यमी बनकर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं. इन सभी महिलाओं के खाते में हर महीने 03, 13 और 23 तारीख को पैसा आ जाता है.

Author
03 Apr 2026
( Updated: 03 Apr 2026
11:05 AM )
योगी सरकार के 9 सालों में विकास के पहिए ने पकड़ी रफ्तार, गांवों में फैला दूध का कारोबार, 51 हजार महिलाएं बनीं उद्यमी
Image Source: Social Media
Advertisement

CM Yogi: उत्तर प्रदेश के तराई और आसपास के क्षेत्र अब महिला सशक्तीकरण और आर्थिक क्रांति का नया केंद्र बन चुके हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आई श्वेतक्रांति ने बरेली, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर और रामपुर जैसे जिलों की दिशा और दशा बदल दी है. यहां 1500 गांवों में फैले दुग्ध व्यवसाय के जरिए 51 हजार महिलाएं उद्यमी बनकर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं. इन सभी महिलाओं के खाते में हर महीने 03, 13 और 23 तारीख को पैसा आ जाता है.

CM योगी के कार्यकाल में महिलाओं से बना दो सौ करोड़ रुपये का व्यवसाय 

सृजनी एमपीसीएल के नेतृत्व में तराई के इन जिलों में अब हर सुबह दूध संग्रहण किया जाता है, जहां महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादन से लेकर संग्रहण और विपणन तक की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहीं हैं. परिणामस्वरूप क्षेत्र में प्रतिदिन एक लाख लीटर से अधिक दूध का कारोबार हो रहा है और अब तक महिलाएं सवा दो सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यवसाय कर चुकीं हैं.

 जो क्षेत्र पहले विकास की दौड़ में पिछड़े माने जाते थे, वहीं योगी सरकार के कार्यकाल में अब महिलाओं की मेहनत से नई आर्थिक पहचान बन रही है और गांव-गांव में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं.

गांव की अर्थव्यवस्था की प्रमुख संचालक बन रहीं महिलाएं

Advertisement

इस परिवर्तन के पीछे उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसने महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने का काम किया. इसी का परिणाम है कि महिलाएं अब केवल सहयोगी नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था की प्रमुख संचालक बन गईं हैं.

छह हजार से अधिक गांवों में सक्सेज मॉडल 

प्रदेश स्तर पर भी यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है. उत्तर प्रदेश आज दुग्ध उत्पादन में देश में अग्रणी बन चुका है, जहां ग्रामीण महिलाएं प्रतिदिन लगभग 10 लाख लीटर दूध का संग्रहण कर रहीं हैं. 31 जिलों में महिलाओं ने पांच हजार करोड़ रुपये का कारोबार किया है और छह हजार से अधिक गांवों में इस मॉडल ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है.

Advertisement

यह भी पढ़ें

 तराई की यह श्वेतक्रांति केवल आर्थिक उन्नति की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी सशक्त उदाहरण है. महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें