माफिया अतीक से ‘सालार मसूद गाजी’ तक… ‘बाबा’ ने कैसे मिट्टी में मिलाया अस्तित्व, CM योगी ने खुद बताया
जहां पहले UP में माफियाओं का बखान और महिमामंडन किया जाता था वहां अब योगी सरकार इन्हें दफ्न करने का काम कर रही है.
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CM Yogi on Salar Masud Ghazi: साल 2017 के बाद UP में माफियाओं की उल्टी गिनती शुरू गई. जहां पहले मुगल आक्रांताओं के मेले सजते थे वहां अब हिंदू वीरों और राजाओं के वीरता भरे किस्सों को जीवंत किया जा रहा है, जहां पहले UP में माफियाओं का बखान और महिमामंडन किया जाता था वहां अब योगी सरकार इन्हें दफ्न करने का काम कर रही है. CM योगी आदित्यनाथ ने माफियाओं और मुगल आक्रांताओं पर सॉफ्ट कॉर्नर रखने वाले लोगों पर निशाना साधा है.
दरअसल, CM योगी ने राजधानी लखनऊ में भारतेंदु नाट्य अकादमी के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की थी. जहां उन्होंने UP में बदलते सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल पर बात की. इस दौरान उन्होंने माफियाओं का जिक्र करते हुए विपक्ष पर बड़ा निशाना साधा.
CM योगी ने सालार गाजी पर क्या कहा?
CM योगी ने माफियाराज को मुगल राज से जोड़ा. उन्होंने कहा, आज जो मिट्टी में मिले हैं, वो सालार मसूद गाजी की विचारधारा से आते हैं. CM योगी ने कहा, सालार मसूद माफिया से कम नहीं था. अभी जो माफिया मिट्टी में मिले हैं, वो उसी विचारधारा से आते हैं. उसने हमारे मंदिर तोड़े थे. महाराज सुहेल देव ने सालार मसूद को मारकर जनता को दासता से मुक्त कराया था. ऐसे नायकों पर नाटक तैयार करने चाहिए और उनका मंचन स्कूलों और कॉलेजों में होना चाहिए ताकि आज की पीढ़ी उनके बारे में जानें.
जो माफिया अभी मिट्टी में मिले हैं, उन्हीं का एक रूप था सालार मसूद…
उसे जहन्नुम में भेजने की गारंटी महाराजा सुहेलदेव ने दी थी... pic.twitter.com/IPEMoXxrmO— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 5, 2026
‘गाजी मेले में नहीं सुहेलदेव स्मारक पर जुटती है भीड़’
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने वोट बैंक के लिए देश के वीर और वीरांगनाओं पर कोई कार्यक्रम नहीं किया. विपक्ष नाम लेने से डरता था, ताकि वोट बैंक पर फर्क न पड़े. जहां सालार मसूद को मारा गया था. वहां उसके नाम से मेला लगता था, लेकिन महाराजा सुहेलदेव का नाम कोई नहीं लेता था. भारतीय समाज ने उन्हें भुला दिया था. एक हजार साल बाद PM मोदी ने उन्हें सम्मान दिलाया. हमारी सरकार ने वहां उनके नाम पर आयोजन शुरू किए. आज सालार मसूद के मेले से ज्यादा भीड़ वहां जुटती है.
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