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बनारस में 21 फर्जी पंडा-पुजारी गिरफ्तार, काशी विश्वनाथ मंदिर के VIP दर्शन के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी और वसूली करने के दौरान 21 पंडा और पुजारियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस की इस धरपकड़ कार्रवाई में दशाश्वमेध से 16 और चौक से 5 ठगों को गिरफ्तार किया गया है.

बनारस में 21 फर्जी पंडा-पुजारी गिरफ्तार, काशी विश्वनाथ मंदिर के VIP दर्शन के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा
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वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा था. हर रोज दर्शन करने आ रहे देश और दुनिया के हजारों भक्तों से ठगी और दुर्व्यवहार किया जा रहा था. पिछले कई दिनों से आ रही शिकायत और लगातार घट रही घटनाओं के बाद 21 फर्जी पंडा और पुजारियों को गिरफ्तार किया गया है. इन सभी पर आरोप है कि 'VIP' और 'सुगम दर्शन' के नाम पर झांसा देकर मोटी रकम वसूलते थे. पुलिस को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कई चौक थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया गया. जहां पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. 

काशी विश्वनाथ मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर चल रही थी ठगी

बता दें कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बड़ा इजाफा हुआ है. ऐसे में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बाद कई लोगों ने VIP दर्शन के नाम पर ठगी शुरू कर दी है. इसमें कई ऐसे ठग एक्टिव हुए, जो खुद को पंडा या पुजारी कहकर लोगों को गुमराह कर तगड़ी वसूली करते थे. कमाल की बात यह है कि इनमें कई ठग पारंपरिक वेशभूषा में नजर आते थे, ताकि दूसरों की नजर में वह असली पुजारी लग सकें.

एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने चलाया विशेष अभियान

पुलिस को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद दशाश्वमेध सर्किल के एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने कई थानों और चौकियों में विशेष अभियान चलाया. जिसके तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. इस दौरान दशाश्वमेध क्षेत्र से 16 और चौक क्षेत्र से 5 पंडा- पुजारियों को गिरफ्तार किया गया है. 

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इस मामले पर क्या बोले एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने

एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने इस विशेष अभियान की सफलता को लेकर बताया कि 'दशाश्वमेध और चौक थाने की 2 टीमों को लगाया गया था. इस धरपकड़ कार्रवाई में दशाश्वमेध से 16 और चौक से 5 ठगों को गिरफ्तार किया गया. यह सभी लोग श्रद्धालुओं से सुगम दर्शन के नाम पर ठगी और वसूली दोनों करते थे. यहीं नहीं उनके साथ बदसलूकी भी करते थे. हमने प्लान बनाया है कि भविष्य में किसी श्रद्धालु के साथ ऐसी घटना न हो.'

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