छत्तीसगढ़ में मौसम परिवर्तन, तूफान, तेज हवाएं और बिजली गिरने का अलर्ट जारी
रायपुर जैसे शहरी इलाकों में बिजली कड़कने या हवा से जुड़ी दिक्कतों की वजह से बिजली की सप्लाई में कुछ समय के लिए रुकावट आ सकती है. मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में ज्यादा से ज्यादा तापमान में धीरे-धीरे 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलेगी.
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, क्योंकि राज्य में मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव आया है. मंगलवार को मौसम विभाग ने संभावित तूफान, तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी. साथ ही, लोगों से सावधानी बरतने की अपील की.
प्रभावित इलाके
यह अलर्ट सरगुजा और बिलासपुर डिवीजनों के सभी जिलों के साथ-साथ राजनांदगांव, कबीरधाम, बेमेतरा, रायपुर, बलौदाबाजार, नारायणपुर और सुकमा को कवर करता है. इन इलाकों में मौसम अचानक खराब होने का खतरा है. कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
तूफान का कारण
मौसम में यह बदलाव एक सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण हो रहा है. इसमें मध्य भारत से होकर गुजरने वाली एक ट्रफ (हवा का कम दबाव वाला क्षेत्र) और इस क्षेत्र को प्रभावित करने वाले बड़े मौसमी बदलावों के संभावित अवशेषों का असर शामिल है.
17 से 20 मार्च के बीच होगी कई हिस्सों में हल्की बारिश
आईएमडी की ओर से जारी अपडेट के अनुसार, 17 से 20 मार्च के दौरान छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज तूफानी हवाएं चलने की उम्मीद है. साथ ही, कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी संभावना है. यह चेतावनी मध्य और पूर्वी भारत में अस्थिर मौसम के दौर के बीच आई है, जहां पड़ोसी राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, ओडिशा और विदर्भ में भी इसी तरह के अलर्ट जारी किए गए हैं.
यह चेतावनी अचानक आने वाले तूफानों की संभावना पर प्रकाश डालती है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को बाधित कर सकते हैं, संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं या बाहरी गतिविधियों, खेती और यात्रा के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं. बिजली गिरने और तेज हवाओं से खतरा बढ़ जाता है, खासकर सरगुजा, नारायणपुर और सुकमा जिलों में आम तौर पर पाए जाने वाले ग्रामीण और जंगली इलाकों में.
सावधानी बरतने के उपाय
अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे तूफान और बिजली कड़कने के दौरान घर के अंदर ही रहें, खुले मैदानों, ऊंची इमारतों या पानी वाली जगहों से दूर रहें और उन चीजों को सुरक्षित कर लें जो तेज हवा के झोंकों से उड़ सकती हैं. प्रभावित इलाकों के किसानों को खास तौर पर सावधान किया गया है, क्योंकि गर्मी से पहले आने वाले तूफान खड़ी फ़सलों, बागवानी और पशुधन को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
रायपुर जैसे शहरी इलाकों में बिजली कड़कने या हवा से जुड़ी दिक्कतों की वजह से बिजली की सप्लाई में कुछ समय के लिए रुकावट आ सकती है. मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में ज्यादा से ज्यादा तापमान में धीरे-धीरे 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलेगी.
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इसके बाद के समय में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है. वहां के लोग और स्थानीय प्रशासन हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं और जिला अधिकारी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. आईएमडी ने सुरक्षा से जुड़े इन दिशा-निर्देशों पर जोर दिया है.
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