Iran-US War का असर! ईरान से जंग के बीच अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए आई ये बुरी खबर
दो देशों को लड़ाने वाला अमेरिका इस बार खुद लड़ाई लड़ रहा है. ईरान के साथ जंग अमेरिका को आर्थिक मोर्चे पर कमजोर कर रही है.
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ईरान से जंग के बीच अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए बुरी खबर आई है. अमेरिका की अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत दिखने लगे हैं. इसका सीधा असर अमेरिका में नौकरियों पर पड़ रहा है. श्रम सांख्यिकी ब्यूरो की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में फरवरी में 92,000 नौकरियां खत्म हो गईं.
रिपोर्ट के अनुसार, नॉनफार्म पेरोल पिछले महीने की तुलना में 92,000 घटे हैं. पिछले पांच महीनों में यह तीसरी बार है जब रोजगार में गिरावट दर्ज की गई है. इससे देश में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई है, क्योंकि कई प्रमुख क्षेत्रों में नौकरियां कम हुई हैं.
आगे भी जारी रह सकती है बेरोजगारी
शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक हेल्थकेयर सेक्टर में 28,000 नौकरियां कम हुईं. इसका मुख्य कारण एक बड़े हेल्थ इंश्योरेंस प्रदाता कंपनी में हुई हड़ताल बताया गया है. पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में नॉनरेजिडेंट सीनियर फेलो गैरी क्लाइड ने कहा, ‘मैं काफी समय से श्रम बाजार के कमजोर होने की उम्मीद कर रहा था. अब यह सामने आ गया है. हालांकि मुझे बड़े क्रैश की उम्मीद नहीं है लेकिन आने वाले महीनों में रोजगार वृद्धि धीमी रह सकती है.’
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के लिए टैक्स और टैरिफ रिफंड सकारात्मक पक्ष हैं जबकि ऊंची ऊर्जा कीमतें नकारात्मक पक्ष हैं. आर्थिक एवं नीति अनुसंधान केंद्र के सह-संस्थापक डीन बेकर ने कहा कि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर हैं, लेकिन इसका एक कारण खराब मौसम भी हो सकता है. फरवरी में कुछ क्षेत्रों में रिकॉर्ड बर्फबारी के साथ तेज ठंड देखी गई.
ज्यादातर सेक्टर्स की हालत खराब
उन्होंने बताया कि रेस्टोरेंट सेक्टर में 30,000 और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 11,000 नौकरियां कम हुईं, जिसमें मौसम की भूमिका रही. फिलहाल कोई भी सेक्टर मजबूत रोजगार वृद्धि नहीं दिखा रहा है. इसके साथ ही वेतन में अपेक्षा से ज्यादा वृद्धि हुई है. औसत प्रति घंटे की कमाई महीने-दर-महीने 0.4 प्रतिशत और साल-दर-साल 3.8 प्रतिशत बढ़ी.
जो फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ सैन फ्रांसिस्को की अध्यक्ष मैरी डेली ने CNBC से कहा कि यह आंकड़े दिखाते हैं कि श्रम बाजार के स्थिर होने की उम्मीद शायद ज्यादा थी. साथ ही महंगाई लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है और तेल की कीमतें बढ़ रही हैं.
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रिपोर्ट के अनुसार इन्फॉर्मेशन सर्विसेज सेक्टर में 11,000 नौकरियां कम हुईं, जिसका कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कटौती बताया गया है. वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 12,000 नौकरियां घटीं. जेफरिज में सीनियर इकोनॉमिस्ट थॉमस सिमोन्स ने कहा कि फिलहाल यह जरूरी नहीं कि आगे लगातार खराब रोजगार आंकड़े आएं, लेकिन आर्थिक मंदी का जोखिम जरूर बढ़ गया है. इस बीच फेडरल रिजर्व श्रम बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ब्याज दरों में कटौती के सही समय का इंतजार कर रहा है.
ईरान के साथ जंग से और बढ़ेगी बेरोजगारी?
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अर्थशास्त्री इस बात पर भी नजर रख रहे हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर क्या होगा? अगर यह संघर्ष और बढ़ता है तो वैश्विक तेल कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. दुनिया को युद्ध के मुहाने पर लाने वाले अमेरिका को ये जंग आर्थिक मोर्चे पर तोड़ रही है. क्योंकि इस युद्ध में ईरान से कई ज्यादा अमेरिका के संसाधन और बजट खर्च हो रहे हैं. इसकी वजह ये है कि ईरान का डिफेंस सिस्टम अमेरिका और इजरायल के मुकाबले सस्ता है. जबकि अमेरिका का डिफेंस स्ट्रक्टर कई गुना महंगा है. वहीं, दो देशों को लड़ाने वाला अमेरिका इस बार युद्ध में खुद कूदा है. अमेरिका कई दिनों तक इस लड़ाई को जारी तो रख सकता है लेकिन यह उसके आर्थिक साम्राज्य को ढहा सकता है. जिसका खामियाजा अमेरिकियों को चुकाना पड़ रहा है.
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