केरल में चुनावी बिगुल! CPI ने फूंका शंख, 25 योद्धाओं के साथ मैदान में उतरी वामपंथी पार्टी
Kerala Elections 2026: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपने चुनावी अभियान को गति देते हुए आधिकारिक तौर पर 25 उम्मीदवारों की सूची जारी की है.
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सत्तारूढ़ एलडीएफ सरकार की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 25 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा कर दी है. 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव में कैबिनेट में शामिल सीपीआई के चारों मंत्री एक बार फिर चुनाव लड़ेंगे.
सीपीआई ने जारी की उम्मीदवारों की सूची
सीपीआई ने परवूर में विपक्षी नेता वीडी सतीसन के खिलाफ ईटी ताइसन मास्टर को मैदान में उतारा है. वहीं, कान्हांगड से सलाहकार गोविंदन पल्लिकापिल, नादापुरम से वकील पी वसंतम, तिरुरंगडी से अजित कोलाडी, मंजेरी से मुस्तफा वीएम (निर्दलीय), एरानाड से एडवोकेट शेफ़ीर कीझिशेरी, और पट्टाम्बी से मुहम्मद मुहसिन को टिकट दिया है.
75 उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर चुकी है CPI
इसके अलावा मन्नारकाडु से मैनसिल अबुबकर, त्रिशूर से आलमकोड लीलाकृष्णन, ओल्लूर से के राजन, नटिका से गीता गोपी, कैपमंगलम से के के वलसराज, कोडुंगल्लूर से वी आर सुनील कुमार, परवूर से ईटी ताइसन मास्टर, मुवत्तुपुझा से एन अरुण, चेरथला से पी प्रसाद, हरिपद से टीटी जिस्मोन, वैकोम से पी प्रदीप, पीरूमेड से के सलीम कुमार, अडूर से प्रिजी कन्नन, पुनालुर से अजयप्रसाद सी, चदयामंगलम से जे चिंचू रानी, करुनागपल्ली से वकील एमएस तारा, चथन्नूर से वकील आर राजेंद्रन, नेदुमंगड से वकील जीआर अनिल और चिरायिंकीझु विधानसभा सीट से मनोज बी एडामना को उम्मीदवार बनाया है. इसके पहले सीपीआई ने 75 उम्मीदवारों की घोषणा की थी.
9 अप्रैल 2026 को होने वाले हैं केरल विधानसभा चुनाव
गौरतलब है कि केरल विधानसभा के 140 सदस्यों के चुनाव के लिए 9 अप्रैल 2026 को केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. वोटों की गिनती और परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे. केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त होने वाला है.
केरल में वाम गठबंधन की हुई थी बड़ी जीत
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अप्रैल 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे ने विधानसभा की 140 सीटों में से 99 सीटें जीतकर राज्य सरकार का फिर से गठन किया था और पिनाराई विजयन ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.
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