×
जिस पर देशकरता है भरोसा

मां-बाप के पास जाएगा मैसेज, तभी होगी शादी! गुजरात में लव मैरिज पर सरकार का बड़ा फैसला, प्रस्ताव पेश

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 2006 के नियमों में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है. इसके तहत शादी के सर्टिफिकेट के लिए माता-पिता की मर्जी जरूरी होगी.

Author
21 Feb 2026
( Updated: 21 Feb 2026
12:57 PM )
मां-बाप के पास जाएगा मैसेज, तभी होगी शादी! गुजरात में लव मैरिज पर सरकार का बड़ा फैसला, प्रस्ताव पेश
Image Made With AI
Advertisement

Gujarat Marriage Registration New Rule: गुजरात में अब लव मैरिज बिना मां-बाप की इजाजत के नहीं हो पाएगी. कपल को शादी की जानकारी पैरेंट्स को देनी ही होगी. अगर जानकारी नहीं भी दी तो उनकी शादी का मैसेज खुद बखुद उनके पास पहुंच जाएगा. क्योंकि गुजरात सरकार ऐसा प्रस्ताव लेकर आई है जिसमें शादी के लिए केवल दूल्हा-दुल्हन की मर्जी काफी नहीं होगी. 

20 फरवरी 2026 को राज्य विधानसभा में उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर्ष संघवी ने गुजरात मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 2006 के नियमों में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया. लव जिहाद के मामलों को रोकने और लड़कियों की सुरक्षा के लिए विवाह पंजीकरण नियमों में बड़े बदलाव की घोषणा की है. 

गुजरात सरकार के मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट में क्या संशोधन है? 

Advertisement

प्रस्ताव के अनुसार, विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन करते समय दूल्हा-दुल्हन को एक घोषणा-पत्र देना अनिवार्य होगा. जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने अपने माता-पिता को इस विवाह की जानकारी दी है या नहीं. आवेदन में दोनों पक्षों के माता-पिता के नाम, पता, आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर जैसे विवरण जमा करने होंगे. असिस्टेंट रजिस्ट्रार आवेदन की जांच के बाद 10 कार्य दिवसों के अंदर माता-पिता को व्हाट्सएप, ईमेल या अन्य माध्यम से सूचना भेजेगा. सरकार का तर्क है कि यह बदलाव मुख्य रूप से अंतर-धार्मिक विवाहों (खासकर लव जिहाद के आरोप वाले मामलों) में धोखाधड़ी, पहचान छिपाने और बालिका/युवतियों को बहला-फुसलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है. 

विवाह प्रमाण-पत्र जारी करने में अब 30 से 40 दिनों का समय लगेगा, ताकि आपत्तियां या जांच पूरी हो सके. सभी दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड होंगे, और एक अलग पोर्टल भी बनाया जाएगा. गवाहों की तस्वीरें और आधार कार्ड भी अनिवार्य होंगे. 

गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने क्या कहा? 

हर्ष संघवी ने कहा कि यह कदम बेटियों की इज्जत, सनातन परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था की रक्षा के लिए है. उन्होंने 'लव जिहाद' को सांस्कृतिक आक्रमण करार दिया और कहा कि पहचान छिपाकर (जैसे सलीम बनकर सुरेश बनना) शादी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. 

सरकार ने मांगे सुझाव 

Advertisement

गुजरात सरकार के इस फैसले पर लोगों की अलग-अलग राय है. भारत का संविधान जहां हर बालिग को अपनी मर्जी से साथी चुनने का हक देता है. ऐसे में कुछ लोग इसे युवाओं की आजादी पर हमला बता रहे हैं. दूसरी ओर वे लोग हैं जो सरकार के इस फैसले को सुरक्षा और अनहोनी से बचने के लिए बेहतर कदम बता रहे हैं. बंटी हुई राय पर गुजरात सरकार ने 30 दिनों तक जनता से सुझाव-आपत्तियां मांगी हैं. जिसके बाद अंतिम नियम बनेंगे. गुजरात में पिछले वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां युवतियों को बहला-फुसलाकर अन्य राज्यों में ले जाया गया. 

महाराष्ट्र में भी उठ रही मांग 

यह भी पढ़ें

महाराष्ट्र में भी इसी तरह की मांग उठ रही है. कई घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं जहां हिंदू लड़कियों को धोखा देकर शादी की गई और उन्हें अन्य इलाकों में ले जाया गया. महाराष्ट्र सरकार से भी ऐसे नियम लागू करने की अपील की जा रही है ताकि युवा हिंदू लड़कियों को सुरक्षा मिले. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें