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LPG संकट के बीच भारत ने चीन के साथ कर दिया बड़ा खेल, ईरान से बीजिंग जा रहे गैस टैंकर को रास्ते में ही खरीदा

पूरी दुनिया में जारी तेल-गैस संकट के बीच भारत ने चीन-अमेरिका के साथ समुंद्र में ही खेला कर दिया. ईरान से बीजिंग जा रहे जहाज को रास्ते में ही अपनी ओर मोड़ लिया और खरीद लिया. इतना ही नहीं डॉलर नहीं रुपये में पेमेंट करने की भी डील कर डाली.

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26 Mar 2026
( Updated: 26 Mar 2026
03:35 PM )
LPG संकट के बीच भारत ने चीन के साथ कर दिया बड़ा खेल, ईरान से बीजिंग जा रहे गैस टैंकर को रास्ते में ही खरीदा
भारत आ रही LPG की एक और बड़ी खेप (सांकेतिक तस्वीर)
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मिडिल ईस्ट में जंग के बीच पूरी दुनिया में तेल और गैस को लेकर बवाल मचा हुआ. खाड़ी में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने के कारण भारत सहित उन देशों में उर्जा की सप्लाई प्रभावित है, जिनकी निर्भरता GCC के देशों के ऊपर है. ऐसे में केंद्र की मोदी सरकार एक-एक बूंद क्रूड ऑयल, LPG को देश में लाने की कोशिश कर रही है. इस लिहाज से देखें तो सरकार ने इसी बीच वो किया है जिसकी खूब चर्चा हो रही है.

भारत ने बीच समुद्र की ऐसी डील, हिल गया चीन!

होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे अपने जहाजों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही सरकार और इंडियन नेवी ने वो कमाल किया है, जिसके बारे में आप सुनेंगे तो कहेंगे, वाह! दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को ईरानी सहित अन्य प्रतिबंधित देशों से तेल-गैस खरीद को लेकर 30 दिनों की छूट दी है. ऐसे में भारत-ईरान ऊर्जा व्यापार एक बार फिर बहाल होता दिख रहा है, जो कि अमेरिकी सेंशन के कारण साल 2019 से एक तरह से थम सा गया था. इसी सिलसिले में अब खबर सामने आ रही है कि LPG संकट से जूझ रहे भारत में ईरान से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर निकला एक टैंकर देश के पश्चिमी तट पर जल्द पहुंचने वाला है.

भारत ने चीन जा रहे जहाज को अपनी ओर मोड़ा!

दरअसल भारत ने बीच समुंद्र कुछ ऐसा किया कि चीन जा रहा एक LPG टैंकर भारत की ओर मुड़ने पर मजबूर हो गया. शिपिंग डेटा (LSEG) की मानें तो 'ऑरोरा' नामक प्रतिबंधित पोत ईरानी एलपीजी लेकर दक्षिण के राज्य में स्थित मंगलुरु पोर्ट पर पहुंचने वाला है. खास बात यह है कि कार्गो मूल रूप से चीन के लिए रवाना हुआ था, लेकिन इसे भारत की ओर मोड़ दिया गया. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने LPG की इस खेप को लेकर समुंद्र में डील कर ली. ये खरीदारी एक ट्रेडर के माध्यम से की गई है. और इससे भी बड़ी बात ये है कि भारत ने इसका भुगतान भारतीय रुपयों में करने की बात मनवा ली है.

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तीन कंपनियों के बीच होगा LPG का बंटवारा!

28 फरवरी को शुरू हुए दूसरे चरण के ईरान-इजरायल जंग के बाद से भारत भयंकर उर्जा और गैस संकट से जूझ रहा है. तेल की वैकल्पिक व्यवस्था भारत ने कर रखी है, लेकिन घरेलू लेवल पर उपयोग में होने वाली गैस की उपलब्धता को लेकर भारत खाड़ी के देशों पर निर्भर है. भारत इतिहास के सबसे गंभीर LPG संकट से जूझ रहा है. सरकार की कूटनीतिक सक्रियता के कारण अब तक 4 तेल और गैस के टैंकर देश में आ चुके हैं. कमर्शियल सिलेंडर्स के कोटे में कटौती की गई है और इसकी सप्लाई को डोमेस्टिक यूज के लिए दिया जाने लगा है.

सरकार ने किया ऐसी किसी भी डील से इनकार!

मालूम हो कि देश LPG के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है. उसकी 60% मांग की पूर्ति आयात से होती है. ऐसे में जो ये खेप आ रही है उसका बंटवारा देश की तीन प्रमुख कंपनियों इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के बीच किया जाएगा. यहां ये भी बता देना जरूरी है कि ये खबर सूत्रों के हवाले से आई है. सूत्रों ने इस डील की पुष्टि की है, हालांकि सरकार ने सावधानी और सीक्रेसी का ध्यान रखते हुए इस तरह की किसी भी डील से इनकार किया है. केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "ईरान से किसी भी लोडेड कार्गो की हमें जानकारी नहीं मिली है." 

आपको बता दें कि अब तक शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस और जग वसंत जैसे चार टैंकर्स भारत आ चुके हैं. इन्हें जरूरत के हिसाब से विभिन्न जगहों पर डॉक कर दिया गया और कुछ की तो अनलोडिंग भी पूरी हो चुकी है. वहीं फारस की खाड़ी में फंसे खाली जहाजों पर भी LPG को लोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि देश में गैस की कमी ना हो सके. बीती शाम हुई सर्वदलीय बैठक में भी सरकार ने देश को विश्वास लिया कि तेल और गैस को लेकर स्थिति नियंत्रण में है. 

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सरकार ने उर्जा संकट पर कहा:

  • केंद्र सरकार ने साफ किया कि संघर्ष के बावजूद भारत में स्थिति पूर्ण नियंत्रण में, देश में कच्चा तेल, LPG और अन्य जरूरी सप्लाई पर्याप्त.
  • विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेजेंटेशन दिया, विदेश मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री गैस-तेल की सप्लाई सामान्य रहने की जानकारी दी.
  • सरकार ने विपक्ष को बताया कि भारत की मजबूत रिफाइनिंग क्षमता के कारण सप्लाई प्रभावित नहीं हुई.
  • अब तक 4 शिपमेंट आ चुकी हैं, आगे भी सप्लाई जारी रहने की उम्मीद जताई गई.
  • ईरान ने 5 दिन बाद सप्लाई रूट फिर खोले, इसे सकारात्मक संकेत बताया गया.
  • भारत सभी देशों के संपर्क में और सक्रिय कूटनीति जारी है, सप्लाई लाइन चालू रहना भारत की कूटनीतिक सफलता.
  • भारतीयों की सुरक्षा के लिए दूतावास अलर्ट हैं, जरूरत पड़ने पर भारतीयों को निकालने की पूरी तैयारी है. 

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