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मिडिल ईस्ट जंग के बीच भारत पर मंडराया ‘गैस संकट’! GAIL को कतर से LPG सप्लाई बंद, अब क्या है विकल्प?

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच अब कतर ने गेल (GAIL) को गैस सप्लाई बंद कर दी है, जिसके बाद भारत में घरेलू गैस की कीमतों या आपूर्ति पर इसका असर पड़ सकता है.

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05 Mar 2026
( Updated: 05 Mar 2026
05:10 PM )
मिडिल ईस्ट जंग के बीच भारत पर मंडराया ‘गैस संकट’! GAIL को कतर से LPG सप्लाई बंद, अब क्या है विकल्प?

इजरायल-अमेरिका-ईरान युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की गैस सप्लाई पर भी दिखने लगा है. सरकारी गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड ने बताया है कि कतर से मिलने वाली तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह बंद हो गई है. कंपनी ने चेतावनी दी है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो डाउनस्ट्रीम ग्राहकों को गैस आपूर्ति में कटौती करनी पड़ सकती है.

LPG कोटे को 4 मार्च 2026 से शून्य कर दिया गया है 

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके दीर्घकालिक सप्लायर पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड (पीएलएल) ने 3 मार्च को फोर्स मेजर नोटिस जारी किया है. यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि कतर और भारत के बीच एलएनजी जहाजों के आवागमन में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री नेविगेशन प्रतिबंधों के कारण बाधाएं आ रही हैं. इसके अलावा कतर के रास लाफान में स्थित एलएनजी लिक्विफिकेशन प्लांट भी बंद कर दिया गया है. फाइलिंग के मुताबिक, पेट्रोनेट के अपस्ट्रीम सप्लायर कतर एनर्जी ने भी क्षेत्र में हालिया सैन्य टकराव के कारण संभावित फोर्स मेजर की स्थिति की जानकारी दी है. इसी वजह से पेट्रोनेट द्वारा गेल को दिए जाने वाले एलएनजी कोटे को 4 मार्च 2026 से शून्य कर दिया गया है.

जरूरत पड़ने गैस सप्लाई में कटौती कर सकती है गेल

गेल ने कहा है कि वह इस स्थिति का आकलन कर रही है और जरूरत पड़ने पर अपने ग्राहकों को गैस सप्लाई में कटौती करने का फैसला ले सकती है. हालांकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि अन्य स्रोतों से मिलने वाली एलएनजी सप्लाई फिलहाल प्रभावित नहीं हुई है. कंपनी लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और किसी भी बड़े अपडेट की जानकारी शेयर बाजार को देती रहेगी. आपको बता दें कि भारत में गेल करीब 11,400 किलोमीटर लंबे प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का संचालन करती है और देश में गैस ट्रांसमिशन के क्षेत्र में लगभग 75 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रखती है. यह नेटवर्क कई गैस स्रोतों को बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं और अन्य ग्राहकों से जोड़ता है.

मिडिल ईस्ट युद्ध से ऊर्जा बाजार में हलचल

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी हलचल देखी जा रही है. एशिया में स्पॉट एलएनजी की कीमतें तीन साल के उच्च स्तर के करीब पहुंचने के बाद गुरुवार को थोड़ी नरम हुईं. ट्रेडर्स के अनुसार, एशिया में स्पॉट एलएनजी की कीमत लगभग 23.80 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट कर गिर गई, जो पिछले सप्ताह की तुलना में अभी भी दोगुनी से ज्यादा है. ऊर्जा बाजार में यह उछाल उस समय आया जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसके बाद क्षेत्र में तेल और गैस सप्लाई को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं. 

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बाजार को सबसे ज्यादा चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद अहम समुद्री मार्ग है. इसी रास्ते से मिडिल ईस्ट से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई दुनिया भर में होती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कतर के रास लाफान एलएनजी प्लांट (दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यात प्लांट) पर भी परिचालन रोक दिया गया है. इसके अलावा, कुछ एलएनजी टैंकरों ने यूरोप की बजाय एशिया की ओर अपना रास्ता बदल लिया है, जिससे सप्लाई के लिए प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो वैश्विक ऊर्जा बाजार और भी अस्थिर हो सकता है, जिसका असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर भी पड़ सकता है.

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