×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

भारत आ रही है LPG की बड़ी खेप, ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान ने कहा- इंडिया हमारा दोस्त

LPG GAS Cylinder Shortage: LPG लेकर आ रहे भारत के जहाजों के लिए ईरान ने रास्ता खाली कर दिया है. 'शिवालिक' के बाद 'नंदा देवी' ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर लिया है.

Author
14 Mar 2026
( Updated: 14 Mar 2026
05:35 PM )
भारत आ रही है LPG की बड़ी खेप, ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान ने कहा- इंडिया हमारा दोस्त

मिडिल ईस्ट तनाव ने पूरी दुनिया को तनाव दे दिया. कहीं तेल तो कहीं गैस संकट से लोग डरे हुए हैं. भारत में भी LPG के लिए कतार में लगे लोगों की लंबी लाइन देखी जा सकती है. इस बीच अच्छी खबर ये है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से भारत के दो जहाज LGP लेकर निकल गए है. 

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के दौरान ईरान की ओर से भारतीय जहाजों के लिए रास्ता साफ किया जा रहा है. ईरान ने दूसरे जहाज ‘नंदा देवी’ को भी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से निकाल दिया है. यह LPG लेकर आने वाला भारत का दूसरा जहाज है.

शिवालिक ने पार किया था Strait of Hormuz

इससे पहले LPG लेकर आने वाला जहाज 'शिवालिक' भी होर्मुज जलडमरूमध्य से सफलता पूर्वक निकला था. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 'शिवालिक' को भारतीय नौसेना की सुरक्षा में लाया जा रहा है और अगले दो दिनों के भीतर इसके किसी भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है. संभवतः यह मुंबई या कांडला पहुंचेगा. जहाज खुले समुद्र में पहुंच चुका है और भारतीय नौसेना के मार्गदर्शन में सुरक्षित रूप से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने आगे बताया कि 'नंदा देवी' जहाज 46,000 मीट्रिक टन से ज्यादा LPG ला रहा है. 

PM मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियान से की थी बात

सूत्रों के अनुसार, रणनीतिक रूप से संवेदनशील जलक्षेत्र से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए दोनों जहाजों को नौसेना की कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच माल और ऊर्जा के प्रवाह को लेकर हुई उच्च स्तरीय चर्चा के बाद जहाज आ रहे हैं. 

इस बीच, भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली ने संकेत दिया कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, जिसने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से आवागमन को ठप्प कर दिया है, भारतीय जहाजों को जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग मिल सकता है. 

क्षेत्र में भारत और ईरान के साझा हितों की ओर इशारा करते हुए फथली ने कहा, ‘जी हां, क्योंकि भारत हमारा मित्र है. आप इसे दो-तीन घंटों में देखेंगे. हमारा मानना ​​है कि ईरान और भारत के इस क्षेत्र में साझा हित हैं.’ उन्होंने आगे कहा था कि भारत में राजदूत के रूप में, मैं यह कहना चाहता हूं कि युद्ध के बाद इस स्थिति में भारतीय सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में हमारी मदद की है. 

यह भी पढ़ें- ट्रंप ने ईरान के ‘दिल’ पर किया वार, खर्ग आईलैंड पर अमेरिका का हमला क्यों है दुनिया के लिए बड़ी टेंशन

राजदूत का यह बयान ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान ने कुछ देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है. होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्गों में से एक है, जिससे होकर विश्व के 20 प्रतिशत तेल और गैस निर्यात का आवागमन होता है।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या 28 पर है और सभी भारतीय जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा के लिए सक्रिय रूप से निगरानी की जा रही है. इनमें से 24 भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में स्थित थे, जिनमें 677 भारतीय नाविक सवार थे और 4 जहाज जलडमरूमध्य के पूर्व में स्थित थे, जिनमें 101 भारतीय नाविक सवार थे. 

ईरान में 1200 लोगों की मौत

यह भी पढ़ें

इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच करीब 15 दिनों से जंग जारी है. इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले किए थे. जिससे ईरान को बड़ा नुकसान हुआ है. युद्ध में अब तक कम से कम 2,000 लोग मारे गए हैं. अकेले ईरान में 1200 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है. इसके अलावा, अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान लेबनान में भी 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, इराक के स्वास्थ्य अधिकारियों का दावा है कि इस संघर्ष में उनके देश में कम से कम 30 लोग मारे गए हैं. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें