कहां है 400 साल पुराना हनुमान मंदिर, जहां भक्तों की हर मुराद होती है पूरी, दिव्य मूर्ति के दर्शन मात्र से मिलती अपार शांति
मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं. हनुमान जी के इस मंदिर में मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. वहीं, रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर का नजारा अद्भुत रहता है. पूरे दिन मंदिर परिसर में हनुमान जी के दर्शन हेतु भक्तों का सैलाब उमड़ा रहता है.
Follow Us:
सनातन धर्म में हनुमान जन्मोत्सव एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो हर साल चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस साल हनुमान जन्मोत्सव का त्योहार गुरुवार को पूरे देश में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस शुभ दिन अधिकांश हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रहेगी, जहां विशेष पूजा, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जा रहा है.
कहां है हनुमान जी का लगभग 400 साल पुराना मंदिर?
देश के उन्हीं प्रसिद्ध और अद्भुत हनुमान मंदिरों में से एक उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बारीपुर में स्थित सिद्धपीठ मनोकामनापूर्ण श्री हनुमान जी का लगभग 400 साल पुराना मंदिर है. यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व भी है.
यहां दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं
मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं. हनुमान जी के इस मंदिर में मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. वहीं, रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर का नजारा अद्भुत रहता है. पूरे दिन मंदिर परिसर में हनुमान जी के दर्शन हेतु भक्तों का सैलाब उमड़ा रहता है.
मंदिर स्थल पर एक 400 साल पुराना वट वृक्ष आज भी मौजूद
मंगल मूर्ति हनुमान जी के इस पवित्र मंदिर स्थल पर एक 400 साल पुराना वट वृक्ष आज भी मौजूद है, जो कि इस स्थान को और भी अद्भुत बनाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यह मंदिर एक छोटी झोपड़ी में स्थापित थी, लेकिन आज यह एक भव्य मंदिर के रूप में मौजूद है, जहां पूरे साल हजारों श्रद्धालु और पर्यटक प्रभु के दर्शन के लिए आते हैं.
किस दिव्य मूर्ति के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं को असीम शांति
यह भी पढ़ें
मंदिर के गर्भगृह में दक्षिणमुखी हनुमान जी की एक दिव्य मूर्ति स्थापित है, जिसके दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं को असीम शांति की अनुभूति होती है. मंदिर में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को शाम में भव्य आरती आयोजित होती है और मंदिर के बगल में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाता है.
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें