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सोम प्रदोष व्रत: महादेव-पार्वती की पूजा का सर्वोत्तम दिन, ये काम करने से पूरी होंगी सारी मनोकामनाएं, नोट कर लें शुभ समय

ज्योतिष के अनुसार कुंडली में चंद्र देव से जुड़े अशुभ योगों को दूर करने में यह व्रत अत्यंत प्रभावशाली है. विधि-विधान से व्रत रखने पर भगवान शिव की कृपा से मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं. दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य और मधुरता बढ़ाने के लिए सोम प्रदोष व्रत का विशेष सुझाव दिया जाता है.

सोम प्रदोष व्रत: महादेव-पार्वती की पूजा का सर्वोत्तम दिन, ये काम करने से पूरी होंगी सारी मनोकामनाएं, नोट कर लें शुभ समय
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देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती को प्रदोष तिथि सर्व प्रिय है. 30 मार्च को सोम प्रदोष व्रत रखा जाएगा. ये व्रत भगवान शिव (महादेव) और माता पार्वती की आराधना को समर्पित है. प्रदोष काल में शिव-पार्वती की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है. 

 सोम प्रदोष व्रत करने से क्या लाभ मिलता है

प्रदोष समय सोमवार शाम 6 बजकर 38 मिनट से रात 8 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. जब प्रदोष का दिन सोमवार को पड़ता है तो इसे सोम प्रदोष कहा जाता है.  सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव के अत्यंत प्रिय व्रतों में से एक है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह व्रत करने से मानसिक शांति, वैवाहिक सुख और पारिवारिक समृद्धि की प्राप्ति होती है. 

व्रत रखने पर भगवान शिव की कृपा से बरसती है

वहीं, ज्योतिष के अनुसार कुंडली में चंद्र देव से जुड़े अशुभ योगों को दूर करने में यह व्रत अत्यंत प्रभावशाली है. विधि-विधान से व्रत रखने पर भगवान शिव की कृपा से मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं. दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य और मधुरता बढ़ाने के लिए सोम प्रदोष व्रत का विशेष सुझाव दिया जाता है.

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प्रदोष काल में कैसे करें पूजा

प्रदोष काल में शिवलिंग का दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से अभिषेक किया जाता है. शाम के समय शिव-पार्वती की पूजा, आरती और मंत्र जाप का विशेष महत्व होता है. इस दिन दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है. 

इस दिन कौनसा नक्षत्र पड़ेगा 

सोमवार को सूर्योदय 6 बजकर 14 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 38 मिनट पर होगा. चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 7 बजकर 9 मिनट तक, उसके बाद शुक्ल त्रयोदशी तिथि रहेगी. नक्षत्र मघा दोपहर 2 बजकर 48 मिनट तक, उसके बाद पूर्वाफाल्गुनी रहेगा. योग शूल शाम 4 बजकर 51 मिनट तक व करण बालव सुबह 7 बजकर 9 मिनट तक रहेगा. 

जानें शुभ मुहूर्त

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महत्वपूर्ण और शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 41 मिनट से 5 बजकर 27 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 1 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 19 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 37 मिनट से 7 बजे तक रहेगा. साथ ही, अमृत काल दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा.

जानें अशुभ समय 

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अशुभ समय की बात करें तो सोमवार को राहुकाल सुबह 7 बजकर 47 मिनट से 9 बजकर 20 मिनट तक, यमगंड सुबह 10 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक और गुलिक काल दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से 3 बजकर 32 मिनट तक रहेगा.

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