एक्स मुस्लिम, ‘सनातनी’ का टैग लेकर घूम रहे सलीम वास्तिक पर कसा शिकंजा, 31 साल पुराने हत्याकांड में अरेस्ट
Youtube पर हीरो बना, इस्लामी कुरुतियों पर सवाल उठाए, नाम से खान हटाया और वास्तिक जोड़कर इमेज चमकाई, लेकिन ये सब एक चोला था, जो 31 साल पुराने 'पाप' पर पर्दा डाल रहा था.
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Salim Wastik Arrest: सलीम वास्तिक, ये नाम हाल ही सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, पहले जानलेवा हमला और फिर आरोपियों के एनकाउंटर ने सनसनी मचा दी. अब ये ही सलीम वास्तिक खुद हत्यारे निकले और 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किए गए हैं.
गाजियाबाद के यूट्यूबर सलीम वास्तिक को दिल्ली पुलिस ने 31 साल पुराने हत्या और अपहरण के केस में गिरफ्तार किया है. सलीम वास्तिक गाजियाबाद में 26 साल से पहचान छुपाकर रह रहा था. पुलिस उसे थाना में ले जाकर पूछताछ कर रही है.
पुलिस को 26 साल से थी तलाश
अधिकारियों ने बताया कि सलीम वास्तिक की मर्डर और अपहरण के केस में पुलिस को तलाश थी. दिल्ली की कोर्ट से उसे सजा भी हुई थी, लेकिन वह 25 साल से फरार चल रहा था. दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस उसे पहचान नहीं सकी. आखिरकार उसे गाजियाबाद से शनिवार की सुबह गिरफ्तार किया गया.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के गोकलपुरी थाने में सलीम खान के खिलाफ अपहरण, रंगदारी, हत्या का केस दर्ज है. सलीम वास्तिक का असली नाम सलीम खान पुत्र नूरहसन है. वह मूल रूप से शामली के नानूपुरा का रहने वाला है.
सलीम वास्तिक का पूरा घटनाक्रम समझें
दिल्ली में 20 जनवरी 1995 को व्यापारी के 13 साल के बेटे संदीप बंसल का अपहरण किया था. उसके बाद रंगदारी मांगी, जब फिरौती नहीं मिली तो बच्चे की हत्या कर दी. इसके बाद गोकलपुरी थाना में केस दर्ज किया था.
दिल्ली की अदालत ने 1997 में सलीम को उम्रकैद की सजा सुनाई गइ थी. साल 2000 में वो पैरोल पर बाहर आया और फरार हो गया. 20 साल पहले सलीम गाजियाबाद आकर बस गया. शुरुआत में कंस्ट्रक्शन का काम किया, फिर मौलवी बना. 7 साल पहले इस्लाम धर्म छोड़कर सलीम ने नाम के साथ ‘वास्तिक’ शब्द जोड़ लिया.
Youtube वीडियो में इस्लाम पर उठाए सवाल
सलीम वास्तिक इस्लाम की कुरीतियों पर सवाल उठाने लगा और अपनी छवि मुस्लिमों के विरोधी के तौर पर पक्की कर ली. उस पर मुस्लिमों के खिलाफ भड़काऊ और विवादित टिप्पणी करने का भी आरोप है. ‘सलीम वास्तिक 007’ नाम से यूट्यूब चैनल बनाया और मुस्लिमों के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया. इस तरह सलीम वास्तिक को हिंदू संगठनों का साथ मिलता चला गया. उसकी पहचान Ex मुस्लिम के रूप में हो गई.
गाजियाबाद में हुआ था जानलेवा हमला
फरवरी 2026 को गाजियाबाद में सलीम वास्तिक के ऑफिस में घुसकर अज्ञात हमलावरों ने उस पर जानलेवा हमला किया था. UP पुलिस ने कुछ दिन के अंदर ही आरोपियों को एनकाउंटर कर दिया था. जिसके बाद सलीम अचानक देशभर में चर्चित हो गया था.
उसी समय दिल्ली पुलिस के भी कान उस समय खड़े हो गए. जांच की तो उन कारनामों की पुष्टि हुई. दिल्ली पुलिस सिर्फ सलीम वास्तिक के ठीक होने का इंतजार कर रही थी. इसके बाद पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड्स, फिंगरप्रिंट्स और फोटो मैच की. इसके बाद छापेमारी कर उसे दबोच लिया गया.
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सलीम वास्तिक 26 साल से पुलिस को चकमा देता रहा, सोशल एक्टिविस्ट बनकर इमेज चमकाई, लेकिन असल में वह एक चोला था, सलीम का ‘वास्तिक’ टैग महज एक चोला था. जो उसे पुलिस से इतने सालों तक बचाता रहा. अब सलीम खान का कोर्ट में हिसाब होगा.
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