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भारत की सबसे छोटी नदी के बारे में जानते हैं आप? राजस्थान में बहने वाली इस नदी के किनारे मिलेगा असली सुकून

राजस्थान के अलवर जिले में बहने वाली ये नदी बहती अपनी लंबाई के लिए नहीं, बल्कि अपनी सादगी और महत्व के लिए जानी जाती है। लगभग 45 किलोमीटर लंबी अरवारी नदी प्राचीन अरावली की पहाड़ियों से निकलकर अपना सफर तय करते हुए सरसा नदी में मिल जाती है। ये नदी भारत की उन बड़ी नदियों से बिलकुल अलग है जो साल भर बहती हैं। अरवारी एक rain-fed नदी है, यानी यह पूरी तरह से बारिश के पानी पर निर्भर करती है। मॉनसून के दौरान अरवारी के किनारे हरियाली दिखाई देती है और नदी में एक नई जान आ जाती है। वहीं, सूखे महीनों में यह शांत होकर धीमे-धीमे बहती है।

भारत की सबसे छोटी नदी के बारे में जानते हैं आप? राजस्थान में बहने वाली इस नदी के किनारे मिलेगा असली सुकून
Gemini
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लोग अक्सर शहर के शोर और भागदौड़ वाली लाइफस्टाइल से परेशान होकर कुछ समय शांति में बिताना पसंद करते हैं। शांत नजारे ही आपके दिल पर सबसे गहरी छाप छोड़ते हैं जहाँ शोर शराबा कम होता है। ये ऐसी जगहें हैं जहाँ पहुंचकर ज़िंदगी की रफ़्तार थोड़ी धीमी हो जाती है और हम प्रकृति के बेहद करीब महसूस करते हैं। 

आज हम जानेंगे भारत की अनगिनत नदियों के बीच एक ऐसी नदी के बारे में, जो अपनी विशालता या नाम के लिए नहीं, बल्कि अपनी सादगी के लिए जानी जाती है। ये नदी भारत की सबसे छोटी नदी है। यह राजस्थान की अरवारी नदी है, जिसकी लंबाई मात्र 90 किलोमीटर है।

अरवारी नदी: भारत की सबसे छोटी नदी

राजस्थान के अलवर जिले में बहने वाली ये नदी बहती अपनी लंबाई के लिए नहीं, बल्कि अपनी सादगी और महत्व के लिए जानी जाती है। लगभग 45 किलोमीटर लंबी अरवारी नदी प्राचीन अरावली की पहाड़ियों से निकलकर अपना सफर तय करते हुए सरसा नदी में मिल जाती है। ये नदी भारत की उन बड़ी नदियों से बिलकुल अलग है जो साल भर बहती हैं। अरवारी एक rain-fed नदी है, यानी यह पूरी तरह से बारिश के पानी पर निर्भर करती है। मॉनसून के दौरान अरवारी के किनारे हरियाली दिखाई देती है और नदी में एक नई जान आ जाती है। वहीं, सूखे महीनों में यह शांत होकर धीमे-धीमे बहती है। 

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इस छोटी सी नदी का यहाँ के इलाके में बड़ा योगदान है। ये नदी खेती-बाड़ी में मदद करती है, यह जमीन के अंदर पानी के स्तर को बनाए रखने में मदद करती है और राजस्थान के कई गाँवों के लिए जीवनरेखा का काम करती है।

कैसे पहुंचे?

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अगर इस नदी की शांति का अनुभव करना चाहते हैं, तो यहाँ पहुँचना बेहद आसान है। हवाई यात्रा कर रहे हैं तो सबसे नजदीकी हवाई अड्डा इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (दिल्ली) है। यह अलवर से लगभग 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। एयरपोर्ट से आपको अलवर के लिए कैब या बस आसानी से मिल जाएगी। ट्रेन से यात्रा करने वालों के लिए अलवर रेलवे स्टेशन प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, जयपुर से बहुत अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। By Road यात्रा करना चाहते हैं तो दिल्ली से NH48 के ज़रिए 3 घंटे की ड्राइव करके अलवर पहुँच सकते हैं।

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