ग्रैमी अवॉर्ड में ट्रंप के खिलाफ गूंजा ICE OUT का नारा, कौन हैं सिंगर बिली आइलीश, जिन्होंने US को कहा ‘चोरी की जमीन’
मशहूर अमेरिकी सिंगर बिली आइलीश (Billie Eilish) के हाथ में ग्रैमी अवॉर्ड था लेकिन जुबां पर ट्रंप के खिलाफ विरोध में तीखे शब्द.
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म्यूजिक की दुनिया का ऑस्कर कहे जाने वाला ग्रैमी अवॉर्ड (Grammy Award) अलग वजह से चर्चाओं में है. इस बार ये सेरेमनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोध का केंद्र बन गई. जहां दुनिया की नामी हस्तियों ने ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी का अनोखे अंदाज में विरोध किया और नया नारा गढ़ दिया ‘ICE OUT’
‘चोरी की गई जमीन पर कोई भी गैरकानूनी नहीं होता. हमें लगातार लड़ते रहना है, अपनी आवाज उठाते रहना है.’
मशहूर अमेरिकी सिंगर बिली आइलीश (Billie Eilish) के हाथ में ग्रैमी अवॉर्ड था और जुबां पर ट्रंप के खिलाफ ये तीखे शब्द. बिना नाम लिए उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन कार्रवाई का विरोध किया. बिली आइलीश का इशारा अमेरिका के औपनिवेशिक इतिहास की ओर भी था. उन्होंने अमेरिका की इमिग्रेशन एजेंसी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के खिलाफ ICE आउट का नारा दिया. बिली आइलिश ने इस दौरान अमेरिका को स्टोलन लैंड (चोरी की जमीन) भी कहा. आखिरी में बिली ने F**K ICE भी कहा.
बिली आइलीश ने कहा, ‘सच में समझ नहीं आ रहा कि क्या बोलें और क्या करें. यहां बैठे लोगों में मुझे बहुत उम्मीद दिख रही है, बस हमें लगातार लड़ते रहना है, अपनी आवाज उठाते रहना है, और विरोध करते रहना है. हमारी आवाज मायने रखती है, और लोग मायने रखते हैं.’ बिली आइलीश के इस बयान पर लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं. बिली आइलीश इससे पहले भी ट्रंप के खिलाफ विरोध का झंडा बुलंद कर चुकी हैं. वो सोशल मीडिया पर भी अमेरिका के ज्वलंत मुद्दों मुखर रहती हैं.
कौन हैं बिली आइलीश?
बिली आइलीश का जन्म 18 दिसंबर 2001 को कैलिफोर्निया में हुआ था. उनका पूरा नाम बिली आइलीश पाइरेट बेयर्ड ओ कॉनेल है.
बिली सिंगर और सॉन्ग राइटर दोनों हैं, जिन्होंने बेहद कम उम्र में वैश्विक संगीत के जगत में अपनी पहचान बनाई. साल 2019 में उनका सबसे हिट एल्बम आया था. जिसका नाम ‘When We All Fall Asleep, Where Do We Go’ था.
इससे पहले भी बिली आइलीश कई ग्रैमी अवॉर्ड जीत चुकी हैं. इस साल उन्हें ‘वाइल्डफ्लावर’ के लिए सॉन्ग ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिला है.
ग्रैमी अवॉर्ड में ट्रंप पर भड़के ये कलाकार
बिली आइलिश ही नहीं ट्रंप के खिलाफ कई सेलिब्रिटी का गुस्सा फूटा. एल्बम ऑफ द ईयर प्यूर्टो रिको के मशहूर रैपर बैड बनी ने भी अपने स्पीच की शुरुआत ‘ICE out’ से किया. उन्होंने कहा, ‘हम जंगली नहीं हैं, न जानवर और न ही एलियन. हम इंसान हैं और हम अमेरिकी हैं.’
बैड बनी ने अपना दर्द बताया कि कैसे उन्हें अपने सपनों के लिए देश छोड़ना पड़ा था. इनके अलावा गीतकार एमी एलन, जेसन इसबेल, मार्गो प्राइस, केहलानी, रियानन गिडेंस जैसे कलाकारों ने भी ICE Out का नारा लगाते हुए विरोध जताया. ग्रैमी अवॉर्ड में कई कलाकारों ने ICE विरोधी पिन और बैच भी पहने.
अमेरिका को स्टोलन लैंड क्यों कह रहे लोग?
अमेरिका को चोरी की जमीन कहे जाने का संदर्भ इतिहास से मिलता है. बताया गया कि अमेरिकी सरकार ने मूल अमेरिकी समुदायों को उनकी अपनी ही पुश्तैनी जमीनों से जबरन हटाया. इसके लिए कई बार सेना की ताकत दिखाई तो कई बार धोखे से हटाया.
19वीं सदी में ट्रेल ऑफ टीयर्स अभियान चलाया गया था. जिसमें हजारों आदिवासियों को अपने घर छोड़कर दूर इलाकों में भेजा गया था. आदिवासियों की जमीनें श्वेत लोगों को बेच दी. उस समय बड़े पैमाने पर आदिवासियों से जमीनें छिनीं गई.
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मौजूदा समय में भी ट्रंप सरकार इमिग्रेशन कार्रवाई के नाम पर लोगों को जबरन जेल भेज रही है. यहां तक कि कई बच्चों को भी इस कार्रवाई का जरिया बनाया जा रहा है. हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई जिसमें इमिग्रेशन अधिकारियों ने 400 से ज्यादा बच्चों को हिरासत में लिया. इनमें एक पांच साल का बच्चा भी था. ICE की कार्रवाई के दौरान कई लोगों की मौत भी हुई.
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