ईरान पर किसी भी वक्त हमला कर सकता है अमेरिका, ट्रंप को अटैक प्लान बताया गया, अब तक 217 लोगों की मौत का दावा
ईरान में बीते 28 दिसंबर से मुल्ला और इस्लामी रिजीम के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. कहा जा रहा है कि अब तक करीब 217 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है. कहा जा रहा है कि ईरान पर अमेरिका किसी भी वक्त हमला कर सकता है. ट्रंप को अटैक प्लान बताया गया. बस अंतिम फैसला बाकी है.
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ईरान में बढ़ती महंगाई और अर्थव्यवस्था की खराब हालत को लेकर शुरू हुए प्रदर्शन ने सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ भीषण गुस्से का रूप ले लिया है. तेहरान और अन्य शहरों में जारी प्रदर्शन और भारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि अमेरिका ईरान के मामले में सैन्य हस्तक्षेप भी कर सकता है. कहा जा रहा है कि अमेरिका ईरान की क्रांति के दौरान जिस तरह के हालात पैदा हुए थे, कुछ वैसी स्थिति को पैदा होता देख कार्रवाई भी कर सकता है, बदला भी ले सकता है.
ईरान पर नए हमले कर सकता है अमेरिका!
अमेरिकी मीडिया ने यूएस के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ नए हमले का आदेश देने की संभावना पर विचार कर रहे हैं. इस संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति को सैन्य विकल्पों के बारे में ब्रीफ किया गया है.
ईरान पर हमले का आदेश देने का विचार कर रहे ट्रंप!
'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप बढ़ती महंगाई की वजह से हो रहे विरोध प्रदर्शनों और दंगों पर तेहरान की कार्रवाई के जवाब में ईरान पर हमले का आदेश देने की संभावना पर विचार कर रहे हैं.
ट्रंप को अटैक ऑप्शन प्लान के बारे में ब्रीफ किया गया!
ट्रंप को तेहरान में नॉन-मिलिट्री टारगेट पर हमले समेत कई अटैक ऑप्शन के बारे में बताया गया. हालांकि, अब तक अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोई फैसला नहीं किया है. ट्रंप पहले भी ईरान को चेतावनी दे चुके हैं. अमेरिका ने ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करती है तो सेना स्ट्राइक करेगी. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, "ईरान आजादी की तलाश में है. अमेरिका मदद के लिए तैयार है."
तेहरान ने अमेरिका और इजरायल पर अशांति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को एक्स पर लिखा, "यह मानते हुए कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान दूसरे देशों जैसा है, अमेरिका भी कुछ लोगों को अफरा-तफरी और दंगे करने के लिए बढ़ावा देकर वही कदम उठा रहा है."
ईरान में 28 दिसंबर से लगातार प्रदर्शन जारी हैं!
ईरान में 28 दिसंबर से खामेनेई सरकार के खिलाफ महंगाई और बेरोजगारी को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. देश की करेंसी गिरने की वजह से खाने-पीने की चीजों और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला.
अब तक 217 प्रदर्शनकारियों की मौत का दावा!
आपको बताएं कि टाइम मैगजीन ने तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से बताया कि कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है. समाचार एजेंसी AP के मुताबिक अब तक 2600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
करीब 60 घंटे से ईरान में इंटरनेट, फोन, बिजली का ब्लैकआउट!
हिंसा को रोकने के लिए ईरानी अधिकारियों ने गुरुवार को पूरे देश में इंटरनेट और फोन कनेक्शन काट दिया. करीब 60 घंटे से ज्यादा का वक्त निकल चुका है, लेकिन अब तक न इंटरनेट सेवा फिर से शुरू हुई है और न ही मोबाइल फोन कनेक्शन.
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वहीं ईरान ने भी अमेरिका की धमकियों पर अपनी चेतावनी जारी कर दी है. ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा कि अगर अमेरिका सरकार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के दौरान कोई नया हमला करता है, तो ईरान अमेरिकी सेना और शिपिंग टारगेट पर हमला करेगा. ऐसा लगता है कि इससे इजरायल को भी खतरा है. मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा, "अगर अमेरिका सैन्य हमला करता है तो कब्जा किया हुआ इलाका और अमेरिकी सेना और शिपिंग के सेंटर हमारे असली टारगेट होंगे."
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