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ट्रंप का बड़ा फैसला, आतंकियों की मदद करने वालों को अमेरिका में नहीं मिलेगी एंट्री, वीजा कर दिया बैन
रुबियो ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि आतंकवादी, हिंसक और आपराधिक वामपंथी नेटवर्कों को वित्तपोषण, भर्ती, उकसाने या अन्य प्रकार की सहायता देने वाले विदेशी नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी.
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ट्रंप प्रशासन ने अपनी आव्रजन नीति को और सख्त करते हुए उन विदेशी नागरिकों के खिलाफ नई वीजा प्रतिबंध नीति की घोषणा की है, जिन पर प्रशासन द्वारा वामपंथी आतंकवादी संगठनों या उनसे जुड़े समूहों का समर्थन करने का आरोप है.यह घोषणा ऐसे समय में की गई, जब अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की मंत्रीस्तरीय बैठक की शुरुआत की.बैठक का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक आतंकवाद के दोबारा उभरते खतरे से निपटने के लिए वैश्विक समन्वय को मजबूत करना बताया गया.
ट्रंप सरकार का कट्टर वामपंथी आतंकी समूहों पर बड़ा एक्शन
अमेरिकी विदेश विभाग के एक बयान के अनुसार, नई नीति के तहत उन विदेशी नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी, जिन्होंने आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन या उन्हें उकसाया हो, हिंसक आपराधिक गतिविधियों का समर्थन किया हो अथवा प्रशासन द्वारा वामपंथी आतंकवादी करार दिए गए समूहों और उनसे जुड़े संगठनों के लिए वित्तपोषण, भर्ती या लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई हो.इसके अलावा हिंसक गतिविधियों के उद्देश्य से ऐसे नेटवर्कों के समन्वय में सहायता करने वालों को भी इस दायरे में रखा जाएगा.
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‘इस कदम का उद्देश्य अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करना है’
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रुबियो ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.उन्होंने कहा कि आतंकवादी, हिंसक और आपराधिक वामपंथी नेटवर्कों को वित्तपोषण, भर्ती, उकसाने या अन्य प्रकार की सहायता देने वाले विदेशी नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी.
ये कार्रवाई किस धारा के तहत की जा रही है
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उन्होंने कहा कि इस नीति से उन वीजा मार्गों को बंद किया जा सकेगा, जिनका इस्तेमाल ऐसे संगठन अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने, आर्थिक स्थिरता को कमजोर करने और अमेरिकी भूमि पर हिंसक गतिविधियों के समन्वय के लिए कर सकते हैं.यह कार्रवाई इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 212(ए)(3)(सी) के तहत की जा रही है.
वीजा प्रतिबंधों की घोषणा ऐसे समय हुई, जब अमेरिकी विदेश विभाग ने राजनीतिक आतंकवाद के दोबारा उभरने के मुद्दे पर मंत्रीस्तरीय बैठक आयोजित की.इसमें पश्चिम गोलार्ध, यूरोप और एशिया की सरकारें एक साथ आईं ताकि कोऑर्डिनेशन बढ़ाया जा सके, जानकारी साझा करने के तरीकों को मजबूत किया जा सके और सरकार के मुताबिक बढ़ते हुए सीमा-पार के खतरे के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन सहयोग को बढ़ाया जा सके.
'नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी'
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सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मार्को रुबियो ने कहा कि अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है.उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद-रोधी रणनीति को अब उस खतरे पर भी केंद्रित होना चाहिए, जिसे उन्होंने चरमपंथी वामपंथ से प्रेरित राजनीतिक हिंसा के दोबारा उभरने के रूप में वर्णित किया.
रुबियो ने कहा, "लंबे समय तक हमारी आतंकवाद-रोधी रणनीति में एक बड़ी कमी रही है, क्योंकि राजनीतिक वामपंथ से प्रेरित कट्टर हिंसा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.हमें इस खतरे को पहचानना होगा और इससे निपटने के लिए अपने आतंकवाद-रोधी ढांचे को मजबूत करना होगा.
‘जल्द ही और भी नाम घोषित किए जाएंगे’
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रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने पहले ही चार हिंसक कट्टर वामपंथी समूहों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है और उनकी फंडिंग में रुकावट डालने वाली जानकारी के लिए 10 मिलियन डॉलर तक के रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस ऑफर की घोषणा की है।उन्होंने कहा, "जल्द ही और भी नाम घोषित किए जाएंगे.वाशिंगटन साझेदार सरकारों के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग, कानून प्रवर्तन सहयोग और सीमा-पार चरमपंथी नेटवर्क में फंडिंग की रुकावट को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है."
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति ज्ञापन-7 में पहली बार सभी अमेरिकी कानून प्रवर्तन और इंटेलिजेंस एजेंसियों को इन राजनीतिक आतंकवाद को रोकने, पहचानने, फंड देने, डीबैंक करने, गिरफ्तार करने और उन पर मुकदमा चलाने के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है.
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अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने क्या कहा?
अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वित्त मंत्रालय राजनीतिक आतंकवाद का समर्थन करने वाले वित्तीय नेटवर्कों को निशाना बनाने के लिए वित्तीय प्रतिबंधों और धन शोधन-रोधी (एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग) उपायों का इस्तेमाल करेगा.उन्होंने कहा कि कार्रवाई राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं, बल्कि संदिग्ध और आपराधिक गतिविधियों के आधार पर की जाएगी.
‘आतंकवादियों की यात्राओं पर रोक लगाने के लिए काम करेंगी’
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अमेरिकी विदेश विभाग की फैक्ट शीट के अनुसार, प्रशासन का मानना है कि अमेरिका में अन्य वैचारिक श्रेणियों की तुलना में अति-वामपंथी सरकार-विरोधी आतंकवाद से जुड़े हमलों और साजिशों की संख्या अधिक रही है.इसमें कहा गया है कि मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेने वाली सरकारें जानकारी शेयर करने में सुधार करने, आतंकवादियों की यात्राओं पर रोक लगाने और अंतरराष्ट्रीय चरमपंथी नेटवर्क के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करेंगी.
‘हिंसा से निपटने पर जोर दिया जा रहा है’
विदेश विभाग के अनुसार, यह पहल ट्रंप प्रशासन की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत आव्रजन प्रवर्तन, कानून प्रवर्तन सहयोग और वित्तीय उपायों के माध्यम से राजनीतिक रूप से प्रेरित हिंसा से निपटने पर जोर दिया जा रहा है.साथ ही इसका उद्देश्य आतंकवाद-रोधी सहयोग और खुफिया सूचना साझाकरण को लेकर अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और मजबूत करना है.
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Source INPUT- IANS