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क्रेमलिन ने बताया कि कब संभव है पुतिन-जेलेंस्की की मुलाकात

तुर्किए में हुई शांति वार्ता के महज एक दिन बाद रूस ने अपने दुश्मन देश यूक्रेन पर हमला और तेज कर दिया है. रूस ने ड्रोन के ज़रिए यूक्रेन के सुमी इलाके में एक यात्री बस को निशाना बनाया. इस हमले में बस में सवार 9 लोगों की मौत हुई है. रूस के इस हमले को यूक्रेन की पुलिस ने वॉर क्राइम क़रार दिया है.

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रूस और यूक्रेन के बीच बीते तीन सालों से चल रहा युद्ध तुर्किए में हुई शांति वार्ता के बाद खत्म होता दिखाई नही दे रहा है. लेकिन एक फिर क्रेमलिन ने पुतिन-जेलेंस्की की मुलाकात को लेकर बयान दिया है. क्रेमलिन ने यह भी बताया कि ये मुलाकात कब संभव है.

पुतिन-जेलेंस्की की हो सकती है मुलाकात

शांति वार्ता में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बात ना बनने के बाद शनिवार को एक बार फिर रूस की ओर से एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है. रूस ने कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के बीच मुलाक़ात हो सकती है. यह मुलाक़ात तब संभव होगी जब दोनों देशों के वार्ताकारों के बीच सहमति बन जाएगी. बताया जा रहा है कि यह अहम मुलाक़ात इस्तांबुल में हो सकती है.

यूक्रेन पर हमले तेज

रूस ने शांति वार्ता के महज एक दिन बाद यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं. सुमी इलाके में रूस के ड्रोन अटैक में बस में सवार 9 यात्रियों की मौत हो गई. 

TASS की रिपोर्ट के मुताबिक रूस की सेना ने यूक्रेन की सैन्य छावनी को निशाना बनाया. जहां यूकेनि सेना ने अपने हथियार रखे गए थे. हालांकि रूस द्वारा किए गए इस हमले में यूक्रेन का कितना नुकसान हुआ है. इसको लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है. वही यूक्रेन की पुलिस ने इस ‘वॉर क्राइम’ बताया है और कहा इस तरह आम नागरिकों को निशाना बनाया जाना कहीं से भी जायज नहीं है. यूक्रेन की सैन्य छावनी के एक अधिकारी ने मौजूद परिस्थिति को लेकर कहा अभी हमले वाले क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य जारी है.

तुर्किए में हुई थी शांति वार्ता 

बताते चलें कि शुक्रवार को रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल के बीच शांति वार्ता हुई थी. इस बैठक का उद्देश्य सीजफायर को लेकर बात करना था लेकिन बात नहीं बन सकी लेकिन 1000-1000 युद्धबंदियों की  रिहाई को लेकर बात जरूर बनी थी. तुर्की के इस्तांबुल में हुई इस शांति वार्ता में यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव ने किया, जबकि रूस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी व्लादिमीर मेंडिस्की ने किया.

युद्धविराम पर क्यों नहीं बन पाई बात?

शांति वार्ता के दौरान यूक्रेन युद्धविराम चाहता था लेकिन रूस ने इस बात की शर्त रखी थी कि अगर यूक्रेन विवादित इलाक़ों से अपनी सेना को हटा ले तो युद्धविराम पर बातचीत आगे बढ़ेगी. अब ये क़यास लगाए जा रहे है कि आने वाले दिनों में ख़ुद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पुतिन और जेलेंस्की के साथ बैठकर शांति वार्ता की बातों को आगे बढ़ाएंगे.
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