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इस्तांबुल में घंटे भर चला रूस-यूक्रेन के बीच शांति वार्ता का ड्रामा, नहीं बन पाई कोई सहमति, जानें उस एक घंटे में क्या-क्या हुआ

रूस-यूक्रेन के बीच इस्तांबुल में हुए शांति वार्ता के दूसरे दौर में भी युद्धविराम पर कोई सहमति नहीं बन सकी है. इस दौरान रूस ने यूक्रेन के 'बिना शर्त युद्धविराम' को ठुकरा दिया. दोनों ही देशों के बीच यह वार्ता तुर्की की मध्यस्थता में हुई, जो करीब एक घंटे तक चली.

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रूस ने यूक्रेन पर किए गए हमले के कुछ घंटे बाद फिर से सीजफायर के लिए शांति वार्ता की. लेकिन करीब घंटे भर चली बैठक में नतीजा शून्य निकला. रूस ने युद्धविराम पर कोई भी सहमति नहीं जताई. ऐसे में दोनों देशों के बीच युद्ध अभी भी जारी रहेगा. बिना किसी शर्त के रूस ने सीजफायर के लिए मना कर दिया. इस बात की जानकारी यूक्रेनी प्रतिनिधि सर्गी किस्लित्सया ने दी है. वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति के दावे में कहा गया है कि दोनों ही पक्ष 'प्रिजनर एक्सचेंज' पर सहमत हुए हैं. इससे पहले 16 मई को भी शांति वार्ता में कोई परिणाम नहीं निकल पाया था. देखा जाए, तो रूस की तरफ से यह सभी वार्ता सिर्फ एक दिखावा है, क्योंकि अंदरूनी वह युद्धविराम नहीं चाहता है.

रूस-यूक्रेन के बीच फिर से नहीं बनी युद्ध विराम पर सहमति 

बता दें कि रूस-यूक्रेन के बीच इस्तांबुल में हुए शांति वार्ता के दूसरे दौर में भी युद्धविराम पर कोई सहमति नहीं बन सकी है. इस दौरान रूस ने यूक्रेन के 'बिना शर्त युद्धविराम' को ठुकरा दिया. दोनों ही देशों के बीच यह वार्ता तुर्की की मध्यस्थता में हुई, जो करीब एक घंटे तक चली. वहीं 16 मई को हुए पहले दौर में भी युद्ध समाप्ति पर कोई बातचीत नहीं बन पाई थी. अभी तक सिर्फ कैदियों की अदला-बदली पर ही सहमति बन पाई है. 

'करीब 1 घंटे तक चला ड्रामा'

बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच सीजफायर को लेकर घंटे भर तक ड्रामा चलता रहा. इस दौरान कोई भी नतीजा नहीं निकला. यह बातचीत उस समय हुई है, जब यूक्रेन ने रूस के परमाणु-सक्षम बॉम्बर्स पर हमला किया था, जिसकी वजह से तनाव और बढ़ गया है. इसमें दोनों ही पक्षों की तरफ से सीजफायर को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखी. इसकी मेजबानी तुर्की ने की. 

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युद्धविराम पर डोनाल्ड ट्रंप का दबाव 

यूक्रेन ने जब से रूस के परमाणु-सक्षम बॉम्बर्स पर हमला किया है. तब से तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया है. साल 2022 के बाद दूसरी बार शांति वार्ता पर चर्चा हुई. लेकिन कोई परिणाम नहीं निकल पाया. वहीं संकट की इस घड़ी में दोनों देशों के ऊपर अमेरिका का दबाव बना हुआ है. ट्रंप ने साफ कहा है कि 'अगर प्रगति नहीं हुई, तो अमेरिका मध्यस्थता से पीछे हट सकता है.' इस्तांबुल के सिरेगन पैलेस में हो हुई वार्ता में देरी देखने को मिली. इस बैठक में यूक्रेन ने रूस को ड्राफ्ट ज्ञापन सौंपा, तो वहीं रूस ने शांति योजना का प्रस्ताव दिया. पिछली वार्ता में 1,000 कैदियों की अदला-बदली हुई थी, 

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यूक्रेनी राष्ट्रपति ने चली बड़ी चाल

इस्तांबुल में चली वार्ता के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बड़ी चाल चली है. उन्होंने युद्धविराम के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक का प्रस्ताव रखा है. उनका कहना था कि रूस और अमेरिका की वार्ता से संघर्ष का हल निकाला जा सकता है. वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी कि रूसी लड़ाकू विमानों पर यूक्रेन के हमले उन्हें बातचीत के लिए मजबूर करेंगे.

दोनों देशों के सिर्फ प्रतिनिधिमंडल हुए शामिल

सीजफायर की सहमति को लेकर इस बैठक में दोनों देशों की तरफ से कोई बड़ा नेता शामिल नहीं हुआ. पिछले 3 साल में युद्धविराम की दिशा में एक खास कदम था, इस दौरान यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव ने की. वहीं रूस टीम का नेतृत्व व्लादिमीर मेदिंस्की ने की, जो पुतिन के सहयोगी हैं. दोनों देशों के बीच तुर्की विदेश मंत्री हकन फिदान ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई.

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यूक्रेन ने 40 विमानों को मार गिराने का दावा किया

रूस द्वारा किए गए हमले के कुछ घंटे पहले यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने ड्रोन हमले में रूस के 40+ विमान नष्ट किए हैं. वहीं रूस ने भी कहा है कि उसने जवाबी कार्रवाई में 162 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए हैं. इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइल में कोई हताहत नहीं हुआ है.

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