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जन्मदिन पर उठाई बंदूक, बनीं फिदायीन… दो बलूच महिलाओं ने पाकिस्तान में मचाई तबाही, मार गिराए 100 से ज्यादा सैनिक

पाकिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शनिवार को कई शहरों में एक साथ फिदायीन हमले करने का दावा किया है. संगठन के अनुसार इन हमलों में करीब 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. BLA ने यह भी दावा किया कि हमलों को दो महिलाओं ने अंजाम दिया, जिनमें एक 24 वर्षीय आसिफा मेंगल थीं.

Source: BLA/ Asifa Mengal

पाकिस्तान में अलगाववादी हिंसा एक बार फिर तेज हो गई है. लंबे समय से बलूचिस्तान की आज़ादी की मांग कर रहे संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शनिवार को देश के विभिन्न इलाकों में एक साथ कई हमले किए अलग-अलग दावों के बीच BLA ने कहा है कि इन फिदायीन हमलों में करीब 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं. बताया जा रहा है कि हमले एक साथ कई शहरों में किए गए, जिससे पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों पर भारी दबाव देखने को मिला. हालांकि, पाकिस्तानी प्रशासन की ओर से अभी तक हताहतों के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

BLA ने किया बड़ा दावा 

इन घटनाओं को लेकर बबलूच लिबरेशन आर्मी ने एक और बड़ा दावा किया है. संगठन का कहना है कि इन फिदायीन हमलों को दो महिलाओं ने अंजाम दिया. इनमें से एक महिला की पहचान 24 वर्षीय आसिफा मेंगल (Asifa Mengal) के रूप में की गई है. बताया गया है कि आसिफा बलूचिस्तान के नुशकी इलाके की रहने वाली थीं. उनके पिता का नाम मोहम्मद इस्माइल बताया जा रहा है. बीएलए के अनुसार आसिफा मेंगल का जन्म 2 अक्तूबर 2002 को हुआ था. उन्होंने अपने 21वें जन्मदिन के मौके पर ही संगठन की 'मजीद ब्रिगेड' में शामिल होने का फैसला लिया था. मजीद ब्रिगेड वही यूनिट मानी जाती है, जो पाकिस्तान में कई बड़े हमलों को अंजाम देती रही है. दावा है कि जनवरी 2024 में आसिफा ने खुद को फिदायीन हमलावर के रूप में तैयार करने का निर्णय लिया था. उनका मुख्य निशाना नुशकी में स्थित आईएसआई का मुख्यालय बताया जा रहा है.

BLA ने जारी की तस्वीर 

दूसरी महिला हमलावर को लेकर अभी तक पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि बलूच लिबरेशन आर्मी ने उसकी एक तस्वीर और वीडियो जारी किया है. वीडियो में वह अन्य साथियों के साथ हंसती हुई नजर आती है और हाथ में बंदूक लिए हुए दिखाई देती है. वीडियो में वह पाकिस्तान सरकार पर महिलाओं के उत्पीड़न के आरोप लगाती है और कहती है कि सरकार बलूचों से सीधे मुकाबला करने में सक्षम नहीं है.

हमें एक साथ चलने की जरूरत: आसिफा मेंगल

आसिफा मेंगल से जुड़ा एक बयान भी सामने आया है, जिसमें वह खुद को काफी उग्र और उत्साही दिखाती है. वह कहती है कि बलूच राष्ट्र को जागने की जरूरत है और सभी को कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ना होगा. उनके अनुसार दुश्मनों के दिन अब गिने चुने रह गए हैं और उनकी ताकत भी कमजोर हो चुकी है. साथ ही वह यह भी कहती है कि बलूचों को किसी भी हाल में दुश्मन से समझौता नहीं करना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती का दावा इससे अलग है. उनका कहना है कि इन घटनाओं में 140 विद्रोही मारे गए हैं. इसके अलावा अलग अलग रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि 17 सैनिकों समेत कुल 50 अन्य लोगों की मौत हुई है. इन आंकड़ों ने हालात को और जटिल बना दिया है.

बताते चलें कि इस मामले को लेकर जानकारों का मानना है कि बीते कुछ वर्षों में यह हमला पाकिस्तान में सबसे बड़ा माना जा रहा है. इससे पहले भी बलूच संगठन समय समय पर सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं. ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा, बलूचिस्तान में असंतोष और वहां चल रहे लंबे संघर्ष को वैश्विक चर्चा में ला खड़ा किया है.

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