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ट्रंप के स्पेशल हेलिकॉप्टर के पास आया यात्री विमान, अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में बड़ी चूक, मचा हड़कंप
राष्ट्रपति ट्रंप का मरीन वन और यात्री विमान एक दूसरे से महज 1.3 किलोमीटर की दूरी पर थे. दोनों की ऊंचाई में महज 700 फीट का अंतर रह गया था.
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ईरान के साथ जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है. ट्रंप के आधिकारिक हेलिकॉप्टर मरीन वन और एक यात्री विमान तय सुरक्षा दूरी से ज्यादा करीब आ गए. ये चूक व्हाइट हाउस से उड़ान भरते समय हुई.
इस घटना के बाद अमेरिकी विमानन नियामक (Federal Aviation Administration- FAA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुई. उस समय प्रेसिडेंट ट्रंप व्हाइट हाउस से जॉइंट बेस एंड्रूज जा रहे थे. हुआ ये कि उसी समय यात्री विमान भी रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भर रहा था.
जांच में क्या सामने आया?
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FAA की शुरुआती जांच के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप का मरीन वन और यात्री विमान एक दूसरे से महज 1.3 किलोमीटर की दूरी पर थे. दोनों की ऊंचाई में महज 700 फीट का अंतर रह गया था. गनीमत ये है कि दोनों विमान टक्कर की दिशा में नहीं थे इसलिए राष्ट्रपति की सुरक्षा में बड़ा खतरा नहीं था.
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घटना का Video भी सामने आया है. इस घटना के बाद एयरपोर्ट और FAA अधिकारी हरकत में आ गए. कुछ कमर्शियल विमानों को तुरंत रोक दिया गया.
ATC को दी गई थी जानकारी
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द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मरीन वन के उड़ान से पहले क्रू ने ATC को तीन बार जानकारी दी थी, बताया गया था कि विमान तीन मिनट में उड़ान भरेगा, लेकिन क्रू को कोई जवाब नहीं मिला.
इसके बावजूद ट्रंप के विमान ने तय समय पर उड़ान भरी. इस घटना के बाद FAA यह पता लगा रहा है कि सुरक्षा प्रक्रिया में कहां चूक हुई, पालन क्यों नहीं हुआ, कैसे संपर्क टूटा? इस पूरी घटना की जांच की जा रही है. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकाया है. उन्होंने अमेरिका में हथियारों को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा है कि हथियारों की कोई कमी नहीं है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि जरूरत के मुताबिक बड़ी मात्रा में हथियार तैयार किए जा रहे हैं और उनकी सप्लाई भी लगातार की जा रही है.
ट्रंप ने लिखा, ‘अमेरिका के पास कुछ खास तरह के गोला-बारूद बहुत ज्यादा मात्रा में हैं. इसके अलावा, जरूरत के हिसाब से बड़ी मात्रा में इसका निर्माण भी जारी है. अमेरिकी रक्षा कंपनियां हमारे देश के इतिहास में सबसे ज्यादा प्लांट और फैक्ट्रियां लगा रही हैं. इससे अमेरिका की रक्षा उत्पादन क्षमता और मजबूत होगी.’
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दरअसल, अमेरिकी मीडिया लगातार हथियारों की कमी पर रिपोर्ट कर रहा है. द वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी खबर में दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री, पीट हेगसेथ के बीच पिछले शुक्रवार को कैंप डेविड में कैबिनेट मीटिंग के दौरान हथियारों की कमी को लेकर बहस हुई थी.