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व्हाइट हाउस में एक बार फिर राष्ट्रपति ट्रंप की हुई तीखी बहस, इस बार सामने थे दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा, जानिए पूरा मामला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा व्हाइट हाउस पहुंचे. इस दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई. बातचीत के दरम्यान अमेरिकी राष्ट्रपति ने दक्षिण अफ्रीका में श्वेत (गोरे किसानों की) नरसंहार का मुद्दा उठाकर रामफोसा घेरना शुरू किया. इस पर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दोनों वैश्विक खबरों की सुर्खियों में बने हुए हैं. कभी भारत-पाक मुद्दे पर मध्यस्थता की बात को लेकर, तो कभी बीते 3 साल से युद्ध लड़ रहे रूस-यूक्रेन के बीच मध्यस्थता के प्रयास को लेकर. इन सबसे इतर अमेरिका के व्हाइट हाउस में एक बार फिर इतिहास दोहराया है. इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान बहस हो गई. इन दोनों नेताओं के बीच ठीक उसी प्रकार बहस हुई जैसे कुछ महीने पहले व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और ट्रंप के बीच हुई थी.
ट्रंप ने पेश किए 'सबूत'
दरअसल, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा 19 मई को अमेरिका के साथ अपने देश के संबंध में नई जान फूंकने के मकसद से पहुंचे थे, लेकिन स्थिति एकदम इसके विपरीत तब बन गई, जब व्हाइट हाउस में रामफोसा की मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई. इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच बातचीत की शुरुआत बहुत ही साधारण तरीके से हुई. इस दौरान अचानक ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका में नक्सलवाद (गोरे किसानों के नरसंहार) के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया. तब बातचीत तीखी बहस में तब्दील हो गई. ट्रंप ने आरोप लगाते हुए कहा कि आपके शासन में खूनी नरसंहार हो रहा है और तमाशबीन बने हुए हैं. इसी आरोप को जैसे ही रामफोसा ने खारिज किया तो ट्रंप ने एक वीडियो को सबूत के तौर पर दिखाते हुए दावा किया कि साउथ अफ्रीका में गोरे लोगों को टारगेट किया जा रहा है. उन्होंने इस दौरान रामफोसा को नरसंहार को लेकर मीडिया में छपी हुई खबरों को भी दिखाया.
रामफोसा ने खारिज किया ट्रंप का आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों को खारिज करते हुए रामफोसा ने कहा अफ़्रीका में हिंसा बढ़ी है, इसके जद में सभी जाति, वर्ग के लोग हैं, ऐसा नहीं है कि हिंसा में मारे गए लोग सिर्फ श्वेत हैं, बल्कि अश्वेत लोगों की हत्या भी हुई है. यह भी कह सकते है कि ज्यादा हत्या अश्वेत लोगों की हुई है. ट्रंप द्वारा पेश किए गए वीडियो क्लिप को लेकर रामफोसा ने कहा हमने कभी ऐसा वीडियो नहीं देखा है, हम इसकी प्रामणिकता का पता लगाएंगे कि आखिर ये विडियो कहां का है. उन्होंने आगे कहा मेरे देश में अपराध है ये मानता हूं लेकिन ऐसा नहीं की सिर्फ श्वेत लोगों के साथ है. मेरी इस यात्रा का मुख्य उद्देश अमेरिका के साथ संबंध को बेहतर बनाना था, जो साल 1994 में रंगभेद युग के बाद बेहद निचले स्तर पर पहुंच गया है. रामफोसा ने हिम्मत दिखाते हुए ट्रंप पर तंज कसा और कहा- "हम रंगभेद को दूर करने का प्रयास कर रहे है हालाँकि, मुझे इस बात का अफसोस है कि मेरे पास आपको तोहफे में देने के लिए विमान नहीं है." जिस पर ट्रंप ने कहा काश आपके पास होता. बताते चले कि अमेरिकी राष्ट्रपति के कतर दौरे के दौरान कतर की सरकार ने 3400 करोड़ रुपये की बेहद खास विमान अमेरिका के लिए गिफ़्ट किया था.
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फरवरी महीने में ही दक्षिण अफ़्रीका में श्वेत लोगों की हत्या को लेकर अमेरिका की तरफ से दी जाने वाली सहायता राशि पर रोक लगाने का फैसला लिया था. उस वक्त दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा ने ट्रंप को आंतरिक मामलों में दखल ना देने की नसीहत दी थी.
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