टल गया बड़ा विमान हादसा... काठमांडू में टर्किश एयरलाइंस फ्लाइट में लगी आग, बाल-बाल बची 289 लोगों की जान
नेपाल के काठमांडू स्थित त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह टर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट TK726 के टायर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. दमकल विभाग ने तुरंत आग पर काबू पा लिया और विमान में सवार 278 यात्री व 11 क्रू सदस्य सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए.
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नेपाल की राजधानी काठमांडू में सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इस्तांबुल से पहुंचे टर्किश एयरलाइंस के विमान TK726 के टायर में अचानक आग लग गई. त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के तुरंत बाद विमान के पहियों से उठती आग की लपटों और घने धुएं ने यात्रियों की सांसें थाम दीं. हालांकि राहत की बात यह रही कि दमकल विभाग ने तेजी दिखाते हुए कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया और एक बड़ा हादसा टल गया.
विमान में सवार थे 278 यात्री
शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान में 4 बच्चों समेत कुल 278 यात्री और 11 क्रू सदस्य सवार थे. इनमें संयुक्त राष्ट्र के कुछ अधिकारी भी शामिल थे. जैसे ही विमान के दाहिने लैंडिंग गियर में आग लगने की सूचना मिली, एयरपोर्ट प्रशासन और रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आ गई. यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए इमरजेंसी दरवाजे खोले गए और सभी लोगों को तेजी से बाहर निकाला गया. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं, लेकिन किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. वीडियो में विमान के पहियों से आग और धुएं का बड़ा गुबार साफ दिखाई दे रहा है. यह दृश्य इतना भयावह था कि एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों में भी डर का माहौल बन गया. सूचना अधिकारी ज्ञानेन्द्र भुल ने सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक विमान में यात्रियों के सामान के साथ कुछ शव भी मौजूद थे, जिन्हें दूसरे देश ले जाया जा रहा था.
हादसे की वजह अब तक साफ नहीं
फिलहाल इस हादसे के पीछे की असली वजह सामने नहीं आई है. एयरपोर्ट प्रशासन और टर्किश एयरलाइंस की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. तकनीकी खराबी, लैंडिंग के दौरान घर्षण या टायर प्रेशर जैसी कई संभावनाओं पर जांच की जा रही है.
2015 में भी हो चुका है बड़ा हादसा
दिलचस्प बात यह है कि त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर टर्किश एयरलाइंस के साथ यह पहली घटना नहीं है. साल 2015 में भी इसी कॉल साइन TK726 वाली फ्लाइट लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसलकर घास वाले हिस्से में चली गई थी. उस समय काठमांडू एयरपोर्ट घने कोहरे से ढका हुआ था और शुरुआती रिपोर्ट में फ्लाइट कैप्टन द्वारा स्थिति का सही अंदाजा न लगा पाने की बात सामने आई थी. उस हादसे में भी सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन एयरपोर्ट को चार दिनों तक बंद रखना पड़ा था.
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बताते चलें कि सोमवार को हुई इस घटना का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी देखने को मिला. विमान रनवे पर ही खड़ा रहने के कारण कई फ्लाइट्स को आसमान में होल्ड करना पड़ा. दिल्ली से आने वाली एयर इंडिया की AI 215 और शारजाह से आने वाली G9 536 को तुरंत लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी. इसके अलावा भूटान, दुबई, क्वालालंपुर और ग्वांगझाओ से आने वाले विमानों को भी लंबे समय तक काठमांडू के आसमान में चक्कर लगाने पड़े. इस घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट सुरक्षा और तकनीकी जांच व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
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