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खामेनेई रिजीम के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच ईरान को आई भारत की याद, विदेश मंत्री एस. जयशंकर को आया अराघची का फोन

Iran Protest: अलग-अलग शहरों में हुई झड़पों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि सरकार और सुरक्षा बलों के लिए हालात काबू में रखना मुश्किल होता जा रहा है.

Image Source: Social Media

Iran Protest: ईरान में इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. देश में महंगाई, बेरोज़गारी और सरकार की नीतियों के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं. पिछले करीब 20 दिनों से पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, जो अब हिंसक रूप ले चुके हैं. अलग-अलग शहरों में हुई झड़पों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि सरकार और सुरक्षा बलों के लिए हालात काबू में रखना मुश्किल होता जा रहा है. इसी बढ़ते तनाव के बीच बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बात की.

भारत और ईरान के बीच हुई अहम बातचीत


ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत की. इस बातचीत में ईरान और उसके आसपास की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई. खुद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों ने क्षेत्र में तेजी से बदल रहे हालात पर विचार किया. इससे साफ है कि भारत इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर है और हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है.

हिंसक झड़पों में हजारों की मौत


ईरान में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान अब तक करीब 280 जगहों पर हिंसक झड़पें हो चुकी हैं.इन झड़पों में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की जान गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक करीब 2,500 लोगों की मौत हो चुकी है. कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई हैं और सड़कों पर सेना व सुरक्षा बल तैनात हैं. आम लोग डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं.

भारतीय दूतावास की नागरिकों को सख्त सलाह


ईरान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. दूतावास ने साफ कहा है कि सभी भारतीय अपने पासपोर्ट, पहचान पत्र और जरूरी यात्रा दस्तावेज हमेशा साथ रखें. साथ ही नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे प्रदर्शन, रैलियों और हिंसा प्रभावित इलाकों से दूर रहें.
दूतावास ने यह भी कहा है कि यदि संभव हो तो भारतीय नागरिक व्यावसायिक उड़ानों के जरिए जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें. इसके अलावा, किसी भी नए घटनाक्रम की जानकारी के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखें और हर समय भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें.

ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों को लेकर चिंता

ईरान में पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है. जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील की है कि छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए तुरंत निकासी अभियान शुरू किया जाए. संगठन का कहना है कि हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और छात्रों की जान को गंभीर खतरा है. छात्रों और उनके परिवारों में डर और बेचैनी का माहौल है.

ईरान की चेतावनी के बाद अमेरिका सतर्क


ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसकी जमीन पर हमला किया गया, तो वह पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा. इस चेतावनी के बाद अमेरिका ने सतर्कता बढ़ा दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर में स्थित अल उदैद एयरबेस से कुछ अमेरिकी सैन्य कर्मचारियों को एहतियातन हटाने की सलाह दी है. इससे साफ है कि अमेरिका भी हालात को लेकर गंभीर है.

ट्रंप का प्रदर्शनकारियों को बयान


इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को संदेश देते हुए कहा कि वे पीछे न हटें और अपने संस्थानों पर डटे रहें. उन्होंने यह भी कहा कि “मदद रास्ते में है”, हालांकि उन्होंने इस पर ज्यादा जानकारी नहीं दी. उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल और तेज हो गई है.

हालात बेहद नाजुक, सभी की नजर ईरान पर

ईरान में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं. हिंसक प्रदर्शन, हजारों मौतें और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है. भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार नजर रखे हुए है. आने वाले दिनों में ईरान की स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है.

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