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Epstein files: पाकिस्तान को दान कर सफेद की काली कमाई… कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के इंटरव्यू में नया खुलासा

मैनहट्टन के पाम बीच को अय्याशी का अड्डा बनाने वाला जेफरी एपस्टीन अपनी काली कमाई में सफेदी की परत चढ़ाने के लिए कई तरीके आजमाता था. उसने अपनी गंदी कमाई को पवित्र बताया था.

सौ चुहे खाकर बिल्ली हज को चली… ये कहावत उन लोगों पर सटीक बैठती है जो अपने काले कारनामों को खैरात बांटकर ढकने की कोशिश करते हैं. दुनिया के सबसे वहशीयाना और कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) ने भी अपने गंदे धंधे से कमाए पैसों को पवित्र करने के लिए कई तिकड़म अपनाई थी. एपस्टीफ फाइल्स में आए दिन होते नए-नए खुलासों के बीच जेफरी एपस्टीन का पुराना इंटरव्यू सामने आया है. जिसमें वह अपनी काली कमाई को पवित्र बता रहा है. 

अमेरिकी न्याय विभाग (American Justice Department) की ओर से जेफ्री एपस्टीन से जुड़े हजारों दस्तावेज, वीडियोज, फोटोज जारी किए जा रहे हैं. जिनमें नाबालिग बच्चियों के साथ उसकी गंदी हरकत ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया. अमेरिकी न्याय विभाग ने अब जेफरी एपस्टीन का आखिरी इंटरव्यू भी जारी किया है. जिसमें उसने पाकिस्तान में दान, काली कमाई और बिल गेट्स फाउंडेशन से जुड़ा खुलासा किया है. 

काली कमाई पाकिस्तान में की दान!

जेफरी एपस्टीन ने अपने इंटरव्यू में बताया कि उसकी कमाई के पैसे गंदे नहीं थे. वह पैसों को पवित्र करने के दान करता था. एपस्टीन ने खुलासा किया कि वह पाकिस्तान जैसे गरीब देशों को पोलियो फंड के लिए खूब दान देता था. वह मानता था कि कमाई कैसे भी हो अगर उसे दान किया जाए तो वह गलत कमाई नहीं. जेफरी एपस्टीन ने यह भी कहा था कि मैं नैतिकता का बोझ नहीं ढो सकता हूं. मैं जैसा हूं, वैसा ही रहना चाहता हूं. जब उससे पूछा गया कि क्या वे खुद को शैतान मानते हैं? इस पर एपस्टीन ने जवाब दिया, मुझे लोग कुछ भी कहे, मैं इस पर कोई रिएक्शन नहीं देता हूं. मैं पैसे को गंदा नहीं मानता हूं, क्योंकि यह मेरे पास है.

बिल गेट्स फाउंडेशन से ली मदद 

अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से जारी फाइल्स में यह भी खुलासा हुआ है कि जेफरी ने पाकिस्तान में पोलियों फंड में दान करने के लिए बिल गेट्स फाउंडेशन (Bill Gates Foundation) की मदद ली थी. जारी दस्तावेजों के मुताबिक, जेफरी बिल गेट्स से पोलियो फंड पर बात कर रहे हैं. ये फंड पाकिस्तान और नाइजीरिया को दिया जा रहा था. इस दौरान दोनों के बीच पाकिस्तान में पोलियो कर्मचारी को गोली मारे जाने पर भी बातचीत हुई थी. 

एपस्टीन फाइल्स में क्या-क्या खुलासा हुआ? 

एपस्टीन फाइल्स में हर दिन कुछ न कुछ भयानक जारी किया जा रहा है. इस फाइल में स्कैंडल से जुड़े वीडियो, फोटोज, ईमेल, फ्लाइट रिकॉर्ड, हाथ से लिखे नोट्स और कई विवादित जानकारियां शामिल हैं. फाइल्स में कई फेमस हस्तियां हैं जो नाबालिग बच्चियों और लड़कियों के साथ नजर आ रही हैं. कई डरावने वीडियो आए जिसमें जेफरी और उसके क्लाइंट गलत तरीके से बच्चियों को टच कर रहे हैं. इनमें अमेरिका के राष्ट्रपति 

नॉर्वे की राजकुमारी और जेफरी एपस्टीन के बीच संबंध 

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से 30 जनवरी को जारी की गई एपस्टीन फाइल्स में नॉर्वे की क्राउस प्रिंसे मेटे-मारिट का नाम भी आया था. नॉर्वे के अखबार के मुताबिक, इन फाइलों में मेटे-मारिट और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच 2011 से 2014 के दौरान हुए कई ईमेल शामिल हैं. दोनों के बीच लंबे समय तक संपर्क रहा. एपस्टीन ने मेटे-मारिट के साथ शादी को लेकर अपने इरादे भी जाहिर किए थे. 

कौन है जेफरी एपस्टीन? 

अमेरिका में जन्मा जेफरी एपस्टीन शेयर बाजार का महारथी थी. बतौर इनवेस्टमेंट एडवाइजर वह बड़े लोगो संपर्क में आया. जेफरी की दोस्ती डोनाल्ड ट्रंप, माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स, ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू विंडरसन, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति क्लिंटन जैसे लोगों से उसकी दोस्ती हुई. इन बड़े कनेक्शन के दम पर उसने काला यौन अपराध का काला साम्राज्य खड़ा कर दिया. 

क्या है एपस्टीन स्कैंडल? 

बात साल 2005 की है जब पहली बार जेफरी एपस्टीन के खिलाफ एक 14 साल की लड़की की मां ने केस दर्ज करवाया था. आरोप था कि एपस्टीन ने बच्ची को मसाज के बहाने बुलाया लेकिन उसके साथ यौन शोषण की कोशिश की. केस की जांच हुई तो कई नाबालिग लड़कियां सामने आईं. जिनके साथ जेफरी ने यौन शोषण किया है. इतना ही नहीं वह पूरा रैकेट चलाता था. जिसमें वह नाबालिग लड़कियों को यॉट पर ले जाकर बड़ी हस्तियों को उपलब्ध कराता था. कई महीनों की जांच के बाद एपस्टीन पर क्रिमिनल केस दर्ज हुए. इस स्कैंडल में जांच की आंच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुर्सी तक भी आई. 

यह भी पढ़ें- रूसी लड़कियों से संबंध, यौन बीमारियों का शिकार हुए बिल गेट्स! एपस्टीन स्कैंडल की नई फाइल से सनसनी

जांच में सामने आया कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है. यहीं पर एपस्टीन हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं और इन पार्टियों में नाबालिग लड़कियां लाई जाती थीं. इन लड़कियों को प्राइवेट जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से लाया जाता था. क्योंकि यह शहर से काफी दूर था और समुद्र से घिरा था. जहां आसानी से नहीं पहुंचा जा सकता. शोषण के बावजूद लड़कियां वहां से भाग नहीं सकती थी. क्योंकि समुद्र में तैरकर ही वहां से निकला जा सकता है जो कि आसान नहीं है. एपस्टीन के इस काले कारनामें में उसकी गर्लफ्रेंड गिस्लीन मैक्सवेल भी साथ देती थी. लड़कियों को मारा पीटा जाता था. जबरदस्ती की जाती थी. एपस्टीन को पूरी छूट के साथ जेल भेजा गया

मी टू मूवमेंट ने खोले केस के तार

जांच के बाद साल 2008 में एपस्टीन को जेल भेजा गया लेकिन यह कैद आजादी जैसी ही थी. वह महज 13 महीने जेल में रहा, इस दौरान वह बाहर आकर काम भी करता था. हालांकि इसके ठीक 8 साल बाद मी टू मूवमेंट चला और इस केस की पीड़िताएं सामने आने लगीं, लेकिन एपस्टीन के खिलाफ असली मुहिम छेड़ी वर्जीनिया ग्रिफे ने, जो 3 साल तक शिकार रही. 

साल 2025 में वर्जीनिया ग्रिफे की मौत हो गई लेकिन उनकी किताब ‘नोबडीज गर्ल’ में शोषण की कहानी साफ-साफ लिखी थी. जिसमें कई नामचीन हस्तियों का नाम था. इसमें ब्राजील के प्रिंस एंड्रयू से लेकर पूर्व राष्ट्रपति तक को लेकर खुलासे हुए. वहीं, साल 2019 में जेफरी एप्स्टीन की गिरफ्तारी के बाद जेल में ही उसकी मौत हो गई. अब इन फाइल्स के सामने आने के बाद पूरी दुनिया में सनसनी मच गई. कई डिस्टर्बिंग दावे इन फाइलों में हैं. 

 

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