रूसी लड़कियों से संबंध, यौन बीमारियों का शिकार हुए बिल गेट्स! एपस्टीन स्कैंडल की नई फाइल से सनसनी
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने एपस्टीन से जुड़ी 30 लाख पेज की फाइल जारी की हैं. इसमें जेफ्री एपस्टीन के कुछ ईमेल भी सामने आए हैं. जिनमें बिल गेट्स की निजी बातें बताई गईं हैं.
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Bill Gates: जिस स्कैंडल ने अमेरिका समेत दुनियाभर की नामचीन हस्तियों की नींद उड़ा दी थी. उसमें माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का नाम भी था. चर्चित एपस्टीन फाइल के दस्तावेज सामने आने के बाद अब बिल गेट्स नए विवाद से घिर गए हैं.
अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन स्कैंडल (Epstein Files) से जुड़ी नई फाइल्स रिलीज की हैं. इनमें स्कैंडल के मुख्य आरोपी जेफ्री एपस्टीन के कुछ ईमेल सामने आए हैं. ईमेल के अनुसार बिल गेट्स को रूसी लड़कियों के साथ संबंधों के बाद यौन बीमारी (सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज, STD) हो गई थी.
बिल गेट्स ने एपस्टीन से मांगी थी दवाईयां?
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेफ्री एपस्टीन ने खुद को कुछ ईमेल किए थे. जिसमें स्कैंडल से जुड़ी चौंकाने वाली बातें सामने आईं. इन्ही ईमेल के कुछ अंशों में बिल गेट्स की यौन बीमारियों से संबंधित बातें लिखी हुई थी. ईमेल में एपस्टीन ने यह भी लिखा था कि बिल गेट्स ने एपस्टीन से एंटीबायोटिक दवाएं मांगी थी, ताकि वह ये दवाएं चुपचाप अपनी पत्नी (पूर्व पत्नी) मेलिंडा गेट्स को दे सकें. जहां इस दावे से सनसनी मच गई वहीं, बिल गेट्स के प्रवक्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह आधारहीन और काल्पनिक बताया है.
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने एपस्टीन से जुड़ी 30 लाख पेज की फाइल जारी की है. इसमें 1 लाख 80 हजार तो तस्वीरें ही हैं, जबकि 2 हजार से ज्यादा वीडियो हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपस्टीन ने 18 जुलाई 2013 को सुबह 11:49 बजे खुद को एक लंबा ईमेल लिखा था. इसमें उसने बिल गेट्स से नाराजगी जताई थी. दोनों की 6 साल की दोस्ती खत्म हो गई.
एपस्टीन ने बिल गेट्स के लिए लिखा था, आपने मुझसे आपके STD से जुड़े ईमेल डिलीट करने को कहा, मेलिंडा को चुपचाप एंटीबायोटिक देने के लिए दवाएं मांगीं. एपस्टीन ने मेल में बिल गेट्स और उनकी पत्नी के बीच विवाद का भी जिक्र किया था. जिसकी वजह बिल गेट्स की पत्नी मेलिंडा और गेट्स के पूर्व सलाहकार बोरिस निकोलिस के बीच संबंध को बताया गया.
बिल गेट्स की ओर से क्या कहा गया?
इन सनसनीखेज दावों के बाद बिल गेट्स ने चुप्पी तोड़ी है उनके प्रवक्ता ने कहा, ‘ये दावे पूरी तरह से बेतुके और झूठे हैं ये दस्तावेज केवल एपस्टीन की उस हताशा को दर्शाते हैं जो गेट्स के साथ संबंध न रख पाने के कारण पैदा हुई थी. गेट्स ने पहले भी स्वीकार किया है कि उन्होंने एपस्टीन से मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने हमेशा किसी भी गलत काम में शामिल होने से इंकार किया है और एपस्टीन के साथ जुड़ने पर खेद व्यक्त किया है.’
इससे पहले एपस्टीन स्कैंडल से जुड़े लोगों की तस्वीरें जारी हुई थी. जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप और बिल गेट्स समेत कई दिग्गजों के प्राइवेट मोमेंट का खुलासा हुआ. कई तस्वीरें भी जारी की गईं जिसमें बिल गेट्स और ट्रंप लड़कियों के साथ नजर आए. हालांकि बिल गेट्स पहले ही कह चुके हैं कि एपस्टीन के साथ उनका कनेक्शन था लेकिन किसी तरह की अनैतिक गतिविधियों में वे शामिल नहीं थे. गेट्स ने एपस्टीन के साथ कारोबारी संबंध होने से भी इंकार किया.
क्या है एपस्टीन स्कैंडल?
बात साल 2005 की है जब पहली बार जेफरी एपस्टीन के खिलाफ एक 14 साल की लड़की की मां ने केस दर्ज करवाया था. आरोप था कि एपस्टीन ने बच्ची को मसाज के बहाने बुलाया लेकिन उसके साथ यौन शोषण की कोशिश की. केस की जांच हुई तो कई नाबालिग लड़कियां सामने आईं. जिनके साथ जेफरी ने यौन शोषण किया है. इतना ही नहीं वह पूरा रैकेट चलाता था. जिसमें वह नाबालिग लड़कियों को यॉट पर ले जाकर बड़ी हस्तियों को उपलब्ध कराता था. कई महीनों की जांच के बाद एपस्टीन पर क्रिमिनल केस दर्ज हुए. इस स्कैंडल में जांच की आंच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुर्सी तक भी आई.
जांच में सामने आया कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है. यहीं पर एपस्टीन हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं और इन पार्टियों में नाबालिग लड़कियां लाई जाती थीं. इन लड़कियों को प्राइवेट जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से लाया जाता था. क्योंकि यह शहर से काफी दूर था और समुद्र से घिरा था. जहां आसानी से नहीं पहुंचा जा सकता. शोषण के बावजूद लड़कियां वहां से भाग नहीं सकती थी. क्योंकि समुद्र में तैरकर ही वहां से निकला जा सकता है जो कि आसान नहीं है. एपस्टीन के इस काले कारनामें में उसकी गर्लफ्रेंड गिस्लीन मैक्सवेल भी साथ देती थी. लड़कियों को मारा पीटा जाता था. जबरदस्ती की जाती थी. एपस्टीन को पूरी छूट के साथ जेल भेजा गया
मी टू मूवमेंट ने खोले केस के तार
जांच के बाद साल 2008 में एपस्टीन को जेल भेजा गया लेकिन यह कैद आजादी जैसी ही थी. वह महज 13 महीने जेल में रहा, इस दौरान वह बाहर आकर काम भी करता था. हालांकि इसके ठीक 8 साल बाद मी टू मूवमेंट चला और इस केस की पीड़िताएं सामने आने लगीं, लेकिन एपस्टीन के खिलाफ असली मुहिम छेड़ी वर्जीनिया ग्रिफे ने, जो 3 साल तक शिकार रही.
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साल 2025 में वर्जीनिया ग्रिफे की मौत हो गई लेकिन उनकी किताब ‘नोबडीज गर्ल’ में शोषण की कहानी साफ-साफ लिखी थी. जिसमें कई नामचीन हस्तियों का नाम था. इसमें ब्राजील के प्रिंस एंड्रयू से लेकर पूर्व राष्ट्रपति तक को लेकर खुलासे हुए. वहीं, साल 2019 में जेफरी एप्स्टीन की गिरफ्तारी के बाद जेल में ही उसकी मौत हो गई.
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