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क्या सच में खत्म हो रही है गैस? सरकार का बड़ा बयान, जानिए सच्चाई

LPG Crisis: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें कहा जा रहा था कि सप्लाई सामने होने में 4 साल तक लग सकते है. मंत्रालय ने साफ़ शब्दों में कहा है कि ऐसी बातें सिर्फ भ्रम फैलाने के लिए की जा रही है और लोगों को इन पर भरोसा नहीं करना चाहिए.

Image Source: Canva
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Gas Cylinder: हाल ही में LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही थी, जिनसे लोगों में चिंता बढ़ने लगी थी. लेकिन अब सरकार ने खुद सामने आकर स्थिति साफ़ कर दी है. सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी (LPG ) की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की कमी नहीं है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें कहा जा रहा था कि सप्लाई सामने होने में 4 साल तक लग सकते है. मंत्रालय ने साफ़ शब्दों में कहा है कि ऐसी बातें सिर्फ भ्रम फैलाने के लिए की जा रही है और लोगों को इन पर भरोसा नहीं करना चाहिए. 

विदेशों से लगातार आ रही है सप्लाई

सरकार ने यह भी बताया कि भारत केवल अपने उत्पादन पर निर्भर नहीं है, बल्कि कई देशों से एलपीजी मंगाई जा रही है. अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से लगातार सप्लाई सुनिश्चित की गई है. करीब 800 हजार मीट्रिक टन एलपीजी पहले से ही आयात के लिए तय हो चुकी है और यह भारत की ओर आ रही है. इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले समय में भी एलपीजी की कमी की कोई आशंका नहीं है.

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देश में भी बढ़ा उत्पादन

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सिर्फ बाहर से ही नहीं, बल्कि देश के अंदर भी एलपीजी उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया है. सरकार के निर्देश के बाद रिफाइनरियों ने उत्पादन में तेजी लाई है. अब हालात यह हैं कि हर दिन एलपीजी का उत्पादन करीब 40% बढ़कर 50 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है. हालांकि देश की कुल जरूरत करीब 80 हजार मीट्रिक टन रोज की है, लेकिन आयात और घरेलू उत्पादन मिलाकर इस जरूरत को पूरा किया जा रहा है.

डिलीवरी सिस्टम पहले जैसा ही सुचारू

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अगर आप यह सोच रहे हैं कि सिलेंडर मिलने में देरी हो रही होगी, तो ऐसा भी नहीं है. मंत्रालय के अनुसार, पूरे देश में डिलीवरी सिस्टम पहले की तरह ही सामान्य तरीके से काम कर रहा है. हर दिन लगभग 50 लाख सिलेंडर लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं. बुकिंग के बाद डिलीवरी में भी ज्यादा समय नहीं लग रहा, करीब 5 से 6 दिन में सिलेंडर मिल जा रहा है. यानी फिलहाल किसी भी इलाके में “सिलेंडर खत्म” जैसी स्थिति नहीं है.

पिछले 10 साल में काफी मजबूत हुई व्यवस्था

सरकार ने यह भी याद दिलाया कि पिछले एक दशक में एलपीजी से जुड़ी सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है. पहले जहां करीब 14.5 करोड़ कनेक्शन थे, अब यह बढ़कर 33 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं. इसी तरह, वितरकों की संख्या भी लगभग दोगुनी हो गई है. इसका फायदा यह हुआ है कि सप्लाई चेन पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बन गई है.

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अफवाहों से दूर रहने की सलाह

सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि एलपीजी को लेकर कुछ लोग गलत जानकारी फैला रहे हैं, जिससे आम लोगों में डर पैदा हो रहा है. ऐसे में नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सिर्फ सरकारी और भरोसेमंद स्रोतों की जानकारी पर ही विश्वास करें.

आज के एलपीजी सिलेंडर के दाम

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जहां तक कीमतों की बात है, फिलहाल एलपीजी सिलेंडर के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है. अलग-अलग शहरों में कीमतें थोड़ी-बहुत अलग हैं, लेकिन कुल मिलाकर स्थिर बनी हुई हैं.
दिल्ली में घरेलू सिलेंडर करीब ₹913 में मिल रहा है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर ₹2078.50 का है. मुंबई में घरेलू सिलेंडर ₹912.50 के आसपास है, वहीं जयपुर में यह करीब ₹916.5 का है.
लखनऊ, पटना और हैदराबाद जैसे शहरों में कीमत थोड़ी ज्यादा है, जहां घरेलू सिलेंडर ₹950 से ₹1000 के बीच मिल रहा है. वहीं दक्षिण भारत के शहरों जैसे चेन्नई और बेंगलुरु में भी कीमतें लगभग इसी दायरे में हैं.

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