डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवर्स के लिए खुशखबरी, Zomato, Swiggy-Uber समेत सभी ऐप्स के कामगारों को मिलेगी सरकारी कर्मचारी जैसी सुविधाएं
Gig Workers: इस नए नियम का मकसद है कि डिलीवरी पार्टनर्स और कैब ड्राइवर जैसे अस्थायी कामगार भी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें. इसके तहत उन्हें पेंशन, बीमा, स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेंगे.
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Zomato Ola and Uber Social Security: केंद्र सरकार अब जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, फ्लिपकार्ट, अमेजॉन जैसी कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर्स और ओला, उबर जैसे कैब ड्राइवरों को सामाजिक सुरक्षा यानी (Social Security) के दायरे में लाना चाहती है. इसके लिए सरकार ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत एक नया ड्राफ्ट तैयार किया है. यह ड्राफ्ट 31 दिसंबर, 2025 को जारी किया गया और इस पर हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं. सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 समेत चार नए लेबर कोड्स 21 नवंबर, 2025 को नोटिफाई किए गए थे. इसका मकसद उन अस्थायी कामगारों (गिग वर्कर्स) को सरकारी योजनाओं में शामिल करना है, जो ऐप या प्लेटफॉर्म के जरिए काम करते हैं.
गिग वर्कर्स के लिए काम करने की न्यूनतम शर्त
मसौदा नियमों के अनुसार, किसी भी गिग वर्कर या कैब ड्राइवर को सामाजिक सुरक्षा का लाभ पाने के लिए साल में कम से कम 90 दिन काम करना जरूरी होगा. अगर कोई वर्कर एक से अधिक कंपनियों या ऐप्स के साथ काम करता है, तो कुल मिलाकर 120 दिन काम करना होगा.
यह नियम इस तरह काम करता है:
किसी दिन चाहे जितनी भी कमाई हुई हो, उस दिन को एक कार्यदिवस माना जाएगा.
अगर कोई वर्कर एक दिन में तीन अलग-अलग ऐप्स के लिए काम करता है, तो उसे तीन दिन का काम माना जाएगा.
मतलब यह कि हर दिन, हर काम को गिना जाएगा, चाहे वह कितना छोटा ही क्यों न हो.
कौन-कौन से कामगार इसमें शामिल होंगे
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने साफ किया है कि यह नियम सभी गिग वर्कर्स पर लागू होंगे, जिन्हें कंपनियां सीधे या किसी सहयोगी एजेंसी के जरिए काम पर रखती हैं. हर कंपनी को अपने जुड़े कामगारों की जानकारी सरकारी पोर्टल पर नियमित रूप से अद्यतन करनी होगी. अगर जानकारी अद्यतन नहीं हुई, तो कामगार सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं ले पाएगा.
पंजीकरण और डिजिटल पहचान
नए नियमों के तहत, 16 साल या उससे अधिक उम्र का हर अस्थायी कामगार अपने आधार जैसे दस्तावेजों के आधार पर एक निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण करेगा. पंजीकरण के बाद कामगार को डिजिटल पहचान पत्र मिलेगा, जिसे पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा.
गिग वर्कर के लिए अलग कोष
गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए एक अलग सामाजिक सुरक्षा कोष बनाया जाएगा. इसमें कंपनियों से योगदान जमा किया जाएगा. अगर कोई कंपनी समय पर योगदान नहीं देती है, तो उसे हर महीने एक प्रतिशत ब्याज भी देना होगा.
उद्देश्य और फायदा
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इस नए नियम का मकसद है कि डिलीवरी पार्टनर्स और कैब ड्राइवर जैसे अस्थायी कामगार भी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें. इसके तहत उन्हें पेंशन, बीमा, स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेंगे. सरकार का यह कदम गिग वर्कर्स की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
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