सड़क सुरक्षा को लेकर CM योगी सख्त, अब लंबी दूरी के भारी वाहनों में दो ड्राइवर जरूरी
CM Yogi: एआरटीओ और पीटीओ की टीम ने खास तौर पर व्यावसायिक और लंबी दूरी के वाहनों को ध्यान में रखते हुए चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाया. अधिकारियों ने चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के नियम समझाए और उनका पालन करने की अपील की.
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UP Heavy Truck Drivers Rules: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर रविवार को परिवहन विभाग की ओर से एक विशेष अभियान चलाया गया. इस अभियान का मकसद सड़क हादसों को रोकना और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था. एआरटीओ और पीटीओ की टीम ने खास तौर पर व्यावसायिक और लंबी दूरी के वाहनों को ध्यान में रखते हुए चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाया. अधिकारियों ने चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के नियम समझाए और उनका पालन करने की अपील की.
दो चालकों की अनिवार्यता पर दिया गया जोर
अधिकारियों ने नेशनल परमिट और लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों के चालकों को बताया कि भारी और व्यावसायिक वाहनों में दो चालकों का होना बहुत जरूरी है. खासकर रात के समय एक ही चालक से लगातार वाहन चलवाना खतरनाक हो सकता है. थकान के कारण चालक को नींद आने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे हादसे हो सकते हैं. इसलिए दो चालकों की व्यवस्था अनिवार्य है ताकि जरूरत पड़ने पर वाहन रोका जा सके और दूसरा चालक जिम्मेदारी संभाल सके.
मोबाइल फोन, ओवरलोडिंग और ओवरटेक से बचने की सलाह
अभियान के दौरान चालकों को यह भी सख्ती से समझाया गया कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें. फोन पर बात करना या मैसेज देखना ध्यान भटकाता है और दुर्घटना का कारण बन सकता है. इसके अलावा ओवरलोडिंग और तेज गति से ओवरटेक करने से बचने की सलाह दी गई. अधिकारियों ने बताया कि अधिक भार वाले वाहन जल्दी नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं और हादसों की आशंका बढ़ जाती है.
नाबालिग ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई
चेकिंग के दौरान यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर नाबालिग ई-रिक्शा चला रहे थे. यातायात प्रभारी उपनिरीक्षक रामयतन यादव ने बताया कि अलग-अलग जगहों पर 16 ऐसे ई-रिक्शा पकड़े गए, जिन्हें नाबालिग चला रहे थे. इन सभी पर 10-10 हजार रुपये का चालान किया गया. साथ ही उन्हें और उनके अभिभावकों को समझाया गया कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना गैरकानूनी और जानलेवा हो सकता है.
वाहनों का चालान और सीज की कार्रवाई
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अंकिता शुक्ला ने अभियान के दौरान 25 वाहनों का चालान किया. उन्होंने चालकों को दो टूक शब्दों में बताया कि भारी वाहनों में दो चालक होना अनिवार्य है और नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं यात्री मालकर अधिकारी रवि चंद्र त्यागी ने चार ओवरलोड वाहनों को सीज कर माती चौकी के सुपुर्द किया. इसके अलावा एक डग्गामार बस सहित 15 अन्य वाहनों का भी चालान किया गया.
थकान महसूस हो तो आराम करने की सलाह
अधिकारियों ने चालकों को यह भी समझाया कि अगर वाहन चलाते समय थकान, आंखों में भारीपन या नींद आने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत वाहन रोककर आराम करें. जल्दबाजी या मजबूरी में ड्राइविंग करना जान जोखिम में डाल सकता है. सुरक्षित यात्रा के लिए सतर्क रहना और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है.
जागरूकता पंपलेट और नियम पालन का संकल्प
अभियान के दौरान चालकों को जागरूक करने के लिए पंपलेट भी बांटे गए. इनमें सड़क सुरक्षा से जुड़े आसान नियम और सावधानियां लिखी थीं. अधिकारियों ने सभी चालकों को यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प भी दिलाया. उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति नियमों का पालन करे तो सड़क हादसों में काफी कमी लाई जा सकती है.
सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी
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इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना था. परिवहन विभाग का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है. थोड़ी सी सावधानी और नियमों का पालन करके कई कीमती जानें बचाई जा सकती हैं.
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