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ट्रेन में सफर करने वाली न्यू मदर्स के लिए बड़ी राहत, 500 स्टेशनों पर बनेंगे बेबी फीडिंग रूम
Railway Rules: रेलवे स्टेशन पर भीड़, लोगों की आवाजाही और प्राइवेसी की कमी के कारण कई माताओं को अपने बच्चे को फीड कराने में असहजता महसूस होती है. अब भारतीय रेलवे ने ऐसी माताओं की परेशानी को समझते हुए एक अच्छी पहल की है, जिससे ट्रेन यात्रा उनके लिए पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक हो सकती है.
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Indian Railway: रेलवे में सफर करना वैसे तो लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है, लेकिन छोटे बच्चे के साथ यात्रा करना किसी नई मां के लिए आसान नहीं होता. खासकर लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा के दौरान बच्चे को समय पर दूध पिलाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है. रेलवे स्टेशन पर भीड़, लोगों की आवाजाही और प्राइवेसी की कमी के कारण कई माताओं को अपने बच्चे को फीड कराने में असहजता महसूस होती है. अब भारतीय रेलवे ने ऐसी माताओं की परेशानी को समझते हुए एक अच्छी पहल की है, जिससे ट्रेन यात्रा उनके लिए पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक हो सकती है.
करीब 500 स्टेशनों पर बनाए गए बेबी फीडिंग रूम
रेल मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस सुविधा की जानकारी साझा की है. रेलवे के मुताबिक, देश के करीब 500 रेलवे स्टेशनों पर अब शिशुओं को दूध पिलाने के लिए अलग से बेबी फीडिंग रूम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. इन कमरों का मकसद नई माताओं को ऐसी जगह देना है, जहां वे बिना किसी झिझक और परेशानी के अपने छोटे बच्चे को दूध पिला सकें और उसकी देखभाल कर सकें.
एक मां के लिए बच्चे को समय पर दूध पिलाना बेहद जरूरी होता है. ऐसे में स्टेशन पर अलग कमरा मिलने से उसे भीड़ के बीच जगह तलाशने या किसी असहज स्थिति का सामना करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. खासकर उन महिलाओं के लिए यह सुविधा काफी मददगार साबित हो सकती है, जो पहली बार मां बनी हैं और बच्चे के साथ लंबी दूरी की यात्रा कर रही हैं.
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वेटिंग रूम में भी प्राइवेसी का इंतजाम
रेलवे ने केवल अलग फीडिंग रूम ही नहीं बनाए हैं, बल्कि कई स्टेशनों के वेटिंग रूम में भी स्क्रीन और पार्टिशन की व्यवस्था की गई है. इसका उद्देश्य माताओं को थोड़ी प्राइवेसी देना है, ताकि वे अपने बच्चे को आराम से दूध पिला सकें या उसकी जरूरत के हिसाब से देखभाल कर सकें.
अक्सर रेलवे स्टेशन जैसी जगहों पर लोगों की भीड़ होती है और मां के लिए बच्चे को फीड कराना काफी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में स्क्रीन और पार्टिशन जैसी छोटी-सी व्यवस्था भी एक मां के लिए बहुत बड़ी राहत बन सकती है.
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आने वाले समय में और स्टेशनों तक पहुंचेगी सुविधा
रेलवे की योजना इस सुविधा को केवल कुछ चुनिंदा स्टेशनों तक सीमित रखने की नहीं है. आने वाले समय में देश के और भी रेलवे स्टेशनों पर बेबी फीडिंग की सुविधा बढ़ाई जा सकती है. इससे ज्यादा से ज्यादा माताओं को यात्रा के दौरान अपने बच्चों की जरूरत पूरी करने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक जगह मिल सकेगी.
नई माताओं के लिए क्यों है यह जरूरी?
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छोटे बच्चे के साथ यात्रा करते समय एक मां की चिंता सिर्फ अपने सफर को लेकर नहीं होती, बल्कि हर वक्त बच्चे की जरूरतों का ध्यान रखना पड़ता है. बच्चा कब भूखा हो जाए, कब उसे दूध चाहिए या कब वह बेचैन हो जाए, यह पहले से तय नहीं होता. ऐसे में रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित और निजी फीडिंग रूम मिलना मां और बच्चे दोनों के लिए राहत की बात है.
रेलवे की यह पहल भले ही एक छोटी सुविधा लगती हो, लेकिन नई माताओं के लिए इसका महत्व बहुत बड़ा है. इससे उन्हें यात्रा के दौरान थोड़ी सुविधा, प्राइवेसी और सबसे जरूरी- अपने बच्चे की देखभाल के लिए सुकून का माहौल मिल सकेगा.
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