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झालावाड़ में महिला ने एक साथ चार बच्चों को दिया जन्म, डॉक्टरों ने बताया बेहद दुर्लभ मामला

झालावाड़ शहर के भोई मोहल्ले की रहने वाली ज्योति कश्यप ने बुधवार सुबह करीब 11:50 बजे चार बच्चों को जन्म दिया. चारों बच्चे गर्भावस्था के लगभग 29वें सप्ताह में पैदा हुए.

Image Credits: AI-generated image
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राजस्थान के झालावाड़ जिले के अस्पताल में एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया. बच्चों का जन्म सिजेरियन ऑपरेशन से हुआ और समय से पहले जन्म होने के कारण बच्चे अभी मेडिकल देखरेख में हैं. 

झालावाड़ शहर के भोई मोहल्ले की रहने वाली और अरुण कश्यप की पत्नी ज्योति कश्यप ने बुधवार सुबह करीब 11:50 बजे चार बच्चों को जन्म दिया. इस घटना ने पूरे अस्पताल का ध्यान खींचा और डॉक्टरों ने इसे बेहद दुर्लभ घटना बताया.

गर्भावस्था के 29वें सप्ताह में हुआ जन्म

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अस्पताल प्रशासन के अनुसार, चारों बच्चे गर्भावस्था के लगभग 29वें सप्ताह में पैदा हुए और समय से पहले जन्म और कम वजन के कारण उन्हें नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया है.

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बच्चों के डॉक्टर (पीडियाट्रिशियन) डॉ. नरेश मीणा ने बताया कि बच्चों के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हैं और उन्हें खास मेडिकल देखभाल और सांस लेने के लिए रेस्पिरेटरी सपोर्ट की जरूरत है.

चारों बच्चों का वजन बेहद कम

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तीन बच्चों का वजन लगभग 1.1 किलोग्राम है, जबकि चौथी बच्ची का वजन लगभग 1.2 किलोग्राम है. आम तौर पर, समय पूरा होने पर पैदा हुए स्वस्थ बच्चे का वजन 2.5 किलोग्राम या उससे ज्यादा होता है, इसलिए इस मामले में बच्चों पर कड़ी नजर रखना जरूरी है.

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही निगरानी

अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि विशेषज्ञों की एक टीम, जिसमें रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. विशाल नागर और डॉ. विजय बकोलिया शामिल हैं, लगातार बच्चों की निगरानी कर रही है.

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डॉ. विशाल नागर ने इस डिलीवरी को बेहद दुर्लभ घटना बताया. उन्होंने कहा, "एक साथ चार बच्चों का जन्म (क्वाड्रुपलेट प्रेग्नेंसी) आम बात नहीं है और ऐसा बहुत कम मामलों में होता है. मेरे मेडिकल करियर में यह पहली बार है, जब मैंने एक ही डिलीवरी में चार बच्चों का जन्म देखा है."

मां की हालत स्थिर

यह ज्योति कश्यप की दूसरी प्रेग्नेंसी है. इस जोड़े की पहले से ही चार साल की एक बेटी है.

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अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मां की हालत स्थिर है और उन्हें गायनेकोलॉजी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि नवजात बच्चों को एनआईसीयू में गहन मेडिकल देखभाल दी जा रही है.

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डॉक्टर उम्मीद बनाए हुए हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि समय से पहले जन्म और कम वजन के कारण आने वाले दिनों में बच्चों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत होगी.

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