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जब गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल हसनैन ने पकड़़ ली जवान की गलती, ऑन स्पॉट लगा दी क्लास!
बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) का एक मजेदार वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें वो गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान वर्ड ऑफ कमांड दे रहे टुकड़ी कमांडर को समझाइश दी. इस दौरान उन्होंने समझाया कि वर्ड ऑफ कमांड दिया कैसे जाता है.
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माननीय राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने नालंदा खुला विश्वविद्यालय में ऑनलाइन क्लास स्टूडियो एवं मास कम्युनिकेशन स्टूडियो का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर और जनरल सैल्यूट दिया गया. यहां उन्होंने जिस तरह वर्ड ऑफ कमांड का नेतृत्व कर रहे जवान को समझाइश दी उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
आपको बता दें कि नालंदा में गार्ड ऑफ़ ऑनर का निरीक्षण करते समय, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने बिहार पुलिस के टुकड़ी कमांडर को 'वर्ड ऑफ़ कमांड' की बारीकियां मौके पर सिखाने की कोशिश की और क्या गलती हो रही है उसके बारे में भी बताया. इतना ही नहीं उन्होंने इस संबंध में साथ में मौजूद IPS को भी वर्ड ऑफ कमांड के बारे में बताया कि कैसे पॉज यानी कि कहां रुकना है, कहां क्या बोलना है और किसकी-कितनी अहमियत है. ये नहीं कि एक साथ, एक झटके में सब बोल जाना है.
जनरल हसनैन ने इस दौरान जवान को समझाया कि वर्ड ऑफ कमांड जो होता है उसमें बीच-बीच में वक्फ़ा यानी कि गैप लिया जाता है, आप सीधे चले जा रहे हो, वो नहीं होना चाहिए.
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इसके बाद उन्होंने फिर IPS को समझाया कि,"सलमान गार्ड...रुको (गैप लो) फिर कहना है राष्ट्र सैल्यूट...सलामी...शस्त्र! ये नहीं ही कि एक झटके में खत्म करना है....खत्म नहीं करना है..."
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बिहार के राज्यपाल Lt. General Syed Ata Hasnain के सामने गलत गॉर्ड ऑफ ऑनर दे रहा था जवान, ऑन स्पॉट लगी क्लास, IPS के सामने पुलिस वाले को बता दिया सैल्यूट का तरीका.#Bihar #BiharGovernor pic.twitter.com/MJmC1MeDOg
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इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में संचार परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है और भारत को अपनी सभ्यतागत विरासत तथा उपलब्धियों की कहानी विश्व के समक्ष आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करनी चाहिए.
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उन्होंने सोशल मीडिया, पॉडकास्ट, एआई तथा अन्य डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से नालंदा की गौरवशाली विरासत और भारत की सांस्कृतिक धरोहर के व्यापक प्रचार-प्रसार का आह्वान किया. उन्होंने युवाओं से नवाचार को अपनाने और संवाद कौशल को सुदृढ़ बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि भविष्य उन्हीं का है, जो संचार के माध्यम से समाज को प्रेरित करने की क्षमता रखते हैं.