Advertisement

Loading Ad...

अब नहीं दिखेंगे सफेद बेडशीट वाले कोच! वंदे भारत स्लीपर में रंग-बिरंगी चादरों से बदला ट्रैवल एक्सपीरियंस; यात्रियों ने साझा किया अनुभव

भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर वर्जन में बड़ा बदलाव करते हुए एसी 3 कोच में पारंपरिक सफेद चादरों की जगह रंग-बिरंगी डिजाइनदार चादरें शुरू की हैं, जिससे यात्रियों का अनुभव ज्यादा आकर्षक और ताज़ा हो गया है.

Social Media
Loading Ad...

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी करने के लिए वंदे भारत को स्लीपर बनाकर जब शुरू किया तो इसमें कई अहम बदलाव देखने को मिले. जो काफी आकर्षक और महत्वपूर्ण है. इन बदलावों में सबसे अहम हया  अब एसी 3 क्लास कोच में पारंपरिक सफेद चादरों की जगह रंग-बिरंगी और डिजाइनदार चादरें दी जा रही हैं. इस छोटे लेकिन असरदार बदलाव ने यात्रियों के अनुभव में नई ताजगी भर दी है और सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है.

पहले कैसा था रेलवे का बिस्तर सिस्टम?

अब तक भारतीय रेलवे के एसी कोच में यात्रियों को मुफ्त बिस्तर की सुविधा मिलती रही है. इसमें तकिया, चादर और कंबल शामिल होते हैं. यह सुविधा टिकट के किराए में ही जुड़ी होती है और यात्रा पूरी होने के बाद यात्रियों को ये सामान वहीं छोड़ना होता है. लंबे समय से इन चादरों का रंग सफेद ही रखा गया था. हालांकि सफेद रंग साफ-सफाई का प्रतीक माना जाता है, लेकिन कई यात्रियों का कहना था कि इससे पूरे डिब्बे का माहौल काफी गंभीर और बेरंग लगता था. कुछ लोगों ने तो मजाक में इसे मुर्दाघर जैसा अनुभव भी बताया.

Loading Ad...

रंग-बिरंगी चादरों से बदला माहौल

Loading Ad...

हाल ही में इस बदलाव की चर्चा तब शुरू हुई जब 27 फरवरी को सोशल मीडिया यूजर ओइन्द्रिला दत्ता ने एक वीडियो साझा किया. इस वीडियो में नई ट्रेनों में दी जा रही ब्लॉक-प्रिंट डिजाइन वाली रंगीन चादरें दिखाई गईं. वीडियो में साफ नजर आया कि अब कोच का माहौल पहले से ज्यादा जीवंत और आकर्षक लग रहा है. वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि रेलवे ने सफेद चादरों को बदल दिया है और अब ट्रेन का माहौल काफी बेहतर महसूस होता है. इस बदलाव ने यात्रियों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया पैदा की है. लोगों का कहना है कि रंगीन चादरें सफर को ज्यादा आरामदायक और खुशगवार बनाती हैं.

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

Loading Ad...

इंटरनेट पर इस बदलाव को लेकर लोगों ने खुलकर अपनी राय दी. कई यात्रियों ने इसे शानदार कदम बताया और कहा कि इससे ट्रेन का वातावरण ज्यादा गर्मजोशी भरा हो गया है. वहीं कुछ लोगों ने यात्रियों को जिम्मेदारी का एहसास भी कराया. उनका कहना था कि चादर, तकिया और कंबल जैसी चीजों को चोरी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इनका नुकसान अंततः रेलवे और कर्मचारियों को उठाना पड़ता है. कुछ यूजर्स ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल यह सुविधा सभी ट्रेनों में लागू नहीं हुई है. यह बदलाव अभी खास तौर पर वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में देखा जा रहा है. सामान्य एसी 3 क्लास ट्रेनों में इसे पूरी तरह लागू होने में अभी समय लग सकता है.

साफ-सफाई और सेवा में भी सुधार

सिर्फ बिस्तर ही नहीं, बल्कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में खानपान सेवा को लेकर भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है. हाल ही में वायरल एक वीडियो में देखा गया कि रेलवे कर्मचारी पूरी साफ-सफाई के साथ यात्रियों को भोजन परोस रहे थे. कर्मचारी ने ग्लव्स, मास्क और हेयर नेट पहनकर खाना सर्व किया. इससे यह साफ संकेत मिलता है कि रेलवे अब यात्रियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता दे रहा है.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि भारतीय रेलवे का यह नया प्रयोग यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. रंग-बिरंगी चादरें सिर्फ दिखने में ही नहीं, बल्कि सफर के एहसास को भी बदल रही हैं. आने वाले समय में अगर यह सुविधा सभी ट्रेनों में लागू होती है, तो निश्चित रूप से यात्रियों को और भी बेहतर अनुभव मिलेगा.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...