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जापान को क्यों चाहिए हरियाणा के 50,000 युवा? सामने आया टोक्यो का बड़ा गेमप्लान, जानिए वजह
Haryana: जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर और हरियाणा सरकार के बीच एक अहम साझेदारी बनी है, जिसके तहत अगले 5 सालों में करीब 50,000 युवाओं को रोजगार और इंटर्नशिप के अवसर मिल सकते हैं. यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते तकनीकी और औद्योगिक सहयोग का हिस्सा माना जा रहा है..
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Haryana-Fukuoka Connect 2026: हरियाणा के युवाओं के लिए विदेश में काम करने का एक बड़ा रास्ता खुलता नजर आ रहा है. जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर और हरियाणा सरकार के बीच एक अहम साझेदारी बनी है, जिसके तहत अगले 5 सालों में करीब 50,000 युवाओं को रोजगार और इंटर्नशिप के अवसर मिल सकते हैं. यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते तकनीकी और औद्योगिक सहयोग का हिस्सा माना जा रहा है..
जापान में क्यों बढ़ी भारतीय युवाओं की मांग?
जापान के फुकुओका प्रांत में कई बड़ी कंपनियां सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, IT और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम कर रही हैं. लेकिन वहां एक बड़ी समस्या सामने आ रही है कुशल कर्मचारियों की भारी कमी. बताया जा रहा है कि लगभग 80% कंपनियां तकनीकी स्टाफ की कमी से जूझ रही हैं. इसका मुख्य कारण जापान की उम्रदराज होती आबादी और कामकाजी युवाओं की कमी है. इसी कमी को पूरा करने के लिए जापान अब भारत जैसे देशों की ओर देख रहा है, जहां बड़ी संख्या में युवा और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित लोग मौजूद हैं.
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किन क्षेत्रों में मिलेंगे रोजगार के मौके?
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इस समझौते के तहत हरियाणा के युवाओं को मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री, ऑटोमोबाइल सेक्टर, आईटी सेवाओं और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा. यह सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं होगा, बल्कि कई युवाओं को इंटरनशिप और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स से भी जोड़ा जाएगा, जिससे वे जापानी इंडस्ट्री के हिसाब से खुद को तैयार कर सकें..
युवाओं को पहले दी जाएगी खास ट्रेनिंग
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इस पहल के तहत “हरियाणा-फुकुओका कनेक्ट 2026” नाम से एक कार्यक्रम चलाया जाएगा. इसके जरिए हरियाणा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जापानी भाषा और इंडस्ट्री आधारित तकनीकी कोर्स शुरू किए जाएंगे. इसका मकसद यही है कि जब युवा जापान जाएं तो वे वहां के कामकाज, भाषा और तकनीकी माहौल के लिए पूरी तरह तैयार हों और उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो.
भारत-जापान समझौते का हिस्सा है यह योजना
यह पूरी योजना कोई अलग कदम नहीं है, बल्कि भारत और जापान के बीच अगस्त 2025 में हुए एक बड़े समझौते का हिस्सा है. उस समझौते में तय किया गया था कि आने वाले 5 वर्षों में करीब 50,000 कुशल भारतीय युवाओं को जापान में रोजगार के अवसर दिए जाएंगे. हरियाणा को इस योजना का एक अहम केंद्र इसलिए बनाया गया है क्योंकि यहां तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है.
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सरकारों और संस्थानों के बीच हुई अहम बातचीत
फुकुओका सरकार, फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों के साथ विस्तार से बातचीत की है. इस बातचीत में निवेश, उद्योगों की जरूरत, स्किल गैप और शिक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि अगले कुछ वर्षों में एक मजबूत स्किल बेस तैयार किया जाएगा, जिससे हरियाणा के युवा वैश्विक स्तर पर रोजगार पा सकें.
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युवाओं के लिए खुल रहा है विदेश का नया दरवाजा
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इस समझौते को हरियाणा के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है. अगर योजना अपने तय समय पर आगे बढ़ती है, तो हजारों युवाओं को न सिर्फ नौकरी मिलेगी, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव और बेहतर करियर बनाने का मौका भी मिलेगा. यह कदम आने वाले समय में भारत और जापान के बीच रोजगार और शिक्षा के रिश्तों को और मजबूत कर सकता है.