हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, नूंह में बनेगा मॉडर्न सिटी, 7 गांव होंगे शामिल
Haryana: इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को दी गई है. योजना का मकसद ऐसा शहर तैयार करना है जहां लोगों को रहने, पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए हर आधुनिक सुविधा एक ही जगह मिल सके.
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Haryana: इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नूंह के साथ-साथ जोगीपुर, खेड़ला, नलहड़, डुंडाहेड़ी, फिरोजपुर नमक और सालाहेड़ी गांवों की जमीन को विकसित किया जाएगा. इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को दी गई है. योजना का मकसद ऐसा शहर तैयार करना है जहां लोगों को रहने, पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए हर आधुनिक सुविधा एक ही जगह मिल सके.
किसानों की मर्जी के बिना नहीं खरीदी जाएगी जमीन
इस बार सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी किसान की जमीन जबरदस्ती नहीं ली जाएगी. जमीन खरीदने की पूरी प्रक्रिया ई-भूमि पोर्टल के जरिए होगी और यह पूरी तरह किसानों की सहमति पर आधारित रहेगी. जिन किसानों की जमीन इस परियोजना में आती है, वे 31 अगस्त 2026 तक पोर्टल पर अपनी जमीन का प्रस्ताव दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद अधिकारियों की टीम सभी प्रस्तावों की जांच करेगी और तय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान रखी जाएगी ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो.
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शहर में मिलेंगी सभी आधुनिक सुविधाएं
सरकार की योजना केवल जमीन खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां एक पूरी तरह आधुनिक शहर बसाया जाएगा. शहर में चौड़ी सड़कें, साफ पेयजल व्यवस्था, सीवर नेटवर्क, बिजली की बेहतर सुविधा, बड़े पार्क, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इससे लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा और आसपास के गांवों में भी विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी. माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह इलाका निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है.
रोजगार और कारोबार को मिलेगा बड़ा फायदा
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार के रूप में मिलने की उम्मीद है. शहर के निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलेगा. इसके अलावा व्यापार, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे. बेहतर बुनियादी ढांचा बनने से जिले की आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा मिलेगा. इससे नूंह का विकास पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ सकता है.
अधिकारियों ने दी योजना की जानकारी
एचएसवीपी के नोडल अधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि फिलहाल परियोजना से जुड़ी जमीन का डाटा ई-भूमि पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है. वहीं, संपदा अधिकारी नवीन के अनुसार इच्छुक किसान 31 अगस्त तक पोर्टल पर अपनी जमीन का पंजीकरण करा सकते हैं. इसके बाद सभी प्रस्तावों की जांच कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. दूसरी ओर, उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि वह इस पूरे मामले में संबंधित विभाग से विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे.
पुरानी योजना आज भी अधूरी
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नूंह में नया शहर बसाने की कोशिश पहली बार नहीं हो रही है. इससे पहले वर्ष 2010 में सरकार ने यहां तीन सेक्टर विकसित करने की योजना बनाई थी. जमीन का अधिग्रहण भी हुआ और वर्ष 2012 में मुआवजे का अवार्ड भी घोषित कर दिया गया था. लेकिन मुआवजे को लेकर विवाद अदालत तक पहुंच गया, जिसके कारण पूरा प्रोजेक्ट बीच में ही अटक गया. कई किसान आज भी अपने मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में इस बार सरकार सहमति के आधार पर जमीन खरीदने की नीति अपनाकर पुराने विवादों से बचने की कोशिश कर रही है, ताकि विकास कार्य बिना किसी बड़ी रुकावट के आगे बढ़ सके.