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कौन हैं फरसा वाले बाबा? जिनकी मौत के बाद मचा बवाल, हाईवे जाम, एक्शन में आए CM योगी ने दे दिए बड़े आदेश
बताया जा रहा है मथुरा में फरसा वाले बाबा की गोतस्करों ने गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी थी. इसके बाद आक्रोशित गोरक्षकों ने पुलिस प्रशासन पर पथराव कर दिया.
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UP के मथुरा में साधु ‘चंद्रशेखर बाबा’ की मौत के बाद बवाल हो गया. लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. चंद्रशेखर बाबा जो फरसा वाले बाबा के नाम से भी जाने जाते हैं. उन्हें एक ट्रक ने कुचल दिया था. आरोप है कि उस ट्रक में गौवंश था, बाबा अपने दो साथियों के साथ उस ट्रक का पीछा कर रहे थे. तभी उन्हें मार दिया गया.
बताया जा रहा है गोतस्करों ने गाड़ी से कुचलकर उनकी हत्या कर दी थी. इसके बाद आक्रोशित गोरक्षकों ने पुलिस प्रशासन पर पथराव कर दिया. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.
CM योगी ने लिया संज्ञान
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षक ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत पर संज्ञान लिया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री योगी ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने कहा, ‘दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’
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पुलिस ने क्या बताया?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चंद्रशेखर एक कंटेनर को रोकने का प्रयास कर रहे थे, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि संबंधित वाहनों और चालकों की पहचान कर ली गई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. घटना को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. एहतियातन कई इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है और आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी रखी जा रही है.
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पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल एक युवक को मौके से ही पकड़ लिया, जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि चंद्रशेखर गौ-तस्करों का पीछा कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने ट्रक को रोकने की कोशिश की, लेकिन ट्रक चालक ने रफ्तार बढ़ाते हुए उन्हें कुचल दिया और मौके से फरार हो गया. घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और आरोपियों की गिरफ्तारी और एनकाउंटर की मांग को लेकर हाईवे जाम कर दिया. भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, साथ ही पुलिस की 5-6 गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उनके शीशे तोड़ दिए गए.
आंसू गैस, लाठीचार्ज और भारी फोर्स तैनात
स्थिति बेकाबू होती देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर हालात पर काबू पाने की कोशिश जारी है. वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है. प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है. फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थानीय लोगों से बातचीत कर हालात को सामान्य करने की कोशिश में जुटे हुए हैं. दूसरी ओर हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
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पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं. साथ ही आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर दी गई है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके. पुलिस का दावा है कि जो लोग भी इसमें शामिल हैं, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा.
कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’?
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चंद्रशेखर ब्रज जानेमाने गौरक्षक थे, जिन्हें फरसा वाले बाबा के नाम से भी जाना जाता है. उनके हाथ में हमेशा फरसा रहता था. वह बरसाना के आजनौख गांव में रहते थे. उनकी पहचान एक प्रसिद्ध और निडर गौ रक्षक की थी. फरसा वाले बाबा गोसेवा और गौतस्करी के खिलाफ सक्रिय रहते थे. उनका एक गौरक्षा दल भी था, जो गायों की देखभाल और सेवा करता था. फरसा वाले बाबा गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे. ब्रज अपने कार्यों के चलते वह काफी लोकप्रिय थे.