Advertisement
18 महीने से नहीं सुनी जा रही आवाज...नगीना सांसद चंद्रशेखर के खिलाफ FIR की मांग को लेकर कोर्ट पहुंची रोहिणी घावरी
नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. उनके खिलाफ FIR की मांग को लेकर रोहिणी घावरी कोर्ट पहुंचीं. उन्होंने चंद्रशेखर पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं.
Advertisement
नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर दलित एक्टिविस्ट और पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचीं. रोहिणी ने चंद्रशेखर आजाद पर शोषण का गंभीर आरोप लगाया है.
कोर्ट परिसर में मीडिया से बात करते हुए रोहिणी घावरी ने कहा, "यह लड़ाई 6 अगस्त, 2025 को शुरू हुई थी. हम लगातार यह कोशिश कर रहे हैं कि कानून के जरिए हमारी आवाज सुनी जाए. जब आपके साथ कोई घटना होती है, तो आप कानून का सहारा लेते हैं. देश की बेटियों को कानून पर भरोसा है. मेरे साथ क्या हो रहा है? अब 18 महीने हो चुके हैं."
चंद्रशेखर आजाद पर दर्ज होगी FIR?
Advertisement
उन्होंने कहा, "आज भी मैं इस उम्मीद के साथ कोर्ट आई हूं कि मेरी आवाज सुनी जाएगी. मैंने स्विट्जरलैंड में अपना करियर छोड़ दिया और वापस आ गई क्योंकि मुझे विश्वास था कि जब मैं अपने लोगों के बीच रहूंगी और जज के सामने खड़ी रहूंगी, तो मेरी बात सुनी जाएगी."
Advertisement
रोहिणी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "पुलिस ने मेरी बात नहीं सुनी. उन्होंने मुझे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में लगातार 12 घंटे तक बिठाए रखा. उन्होंने मुझे एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में भी बिठाए रखा. अब जब मामला कोर्ट तक पहुंच गया है, तो आज यह हुआ कि पुलिस ने फिर से और समय मांगा है. कोर्ट ने उन्हें लगातार तीन बार समय दिया है."
ये भी पढ़ें: ‘वो सपनों में आते हैं…’, अमेरिकी शख्स ने काशी में किया चाचा का पिंडदान, मोक्ष के लिए किया हवन-पूजन और तर्पण
Advertisement
FIR की मांग को लेकर कोर्ट पहुंचीं रोहिणी घावरी!
वहीं, उनके वकील आशीष दास ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मामले में जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने कहा, "पिछली रिपोर्ट की बात करें तो कैमरे से खींची गई फोटोग्राफ पर सवाल उठ रहे हैं. फोटो से कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई, इसकी जांच की जा रही है. ये सारा भाग जांच का विषय है."
ये भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई, कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र को नोटिस भेजकर मांगा जवाब, खारिज की ये बड़ी मांग
Advertisement
एडवोकेट आशीष दास ने कहा, "मेरी मांग है कि पहले एफआईआर रजिस्टर्ड हो, उसके बाद जांच की जाए. इस देश में न्याय मिलना इतना आसान नहीं है. पीड़ित को पुलिस के पास जाना पड़ता है. कई बार प्रयास के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होती है. अंततः पीड़िता को कोर्ट में आना पड़ता है, और उन्हें गुहार लगानी पड़ती है. पुलिस की भूमिका पर मैं कुछ नहीं कह सकता हूं."
यह भी पढ़ें
बता दें कि डॉ. रोहिणी घावरी ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. यह मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है और पुलिस ने मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए और समय मांगा है.