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नोएडा इंडोर स्टेडियम टेंडर विवाद में विजेंद्र सिंह की हुई एंट्री, CM योगी से की काईवाई की मांग
यह पूरा मामला नोएडा के सेक्टर-24 थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित सेक्टर-21ए के नोएडा इंडोर स्टेडियम से जुड़ा है. स्टेडियम के संचालन और टेंडर प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने खेल जगत और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है.
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नोएडा के सेक्टर-21ए स्थित नोएडा इंडोर स्टेडियम के संचालन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. अब इस पूरे मामले में देश के लिए कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुके मशहूर बॉक्सर विजेंद्र सिंह ने भी संज्ञान लेते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है.
विजेंद्र सिंह की CM योगी से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
विजेंद्र सिंह ने नोएडा पुलिस और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. बताया जा रहा है कि स्टेडियम के संचालन का टेंडर हासिल करने वाली सिक्योरिटी सॉल्यूशंस कंपनी पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर प्राप्त करने के गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया के दौरान ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनकी जांच में कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आई हैं.
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इतना ही नहीं, कंपनी पर देश का नाम रोशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों, विशेष रूप से बॉक्सर विजेंद्र सिंह सहित कई खिलाड़ियों के नाम और उपलब्धियों का गलत तरीके से उपयोग कर लाभ लेने के आरोप भी लगाए गए हैं. मामला सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर विजेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा और उपलब्धियों का किसी भी निजी लाभ के लिए गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.
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नोएडा इंडोर स्टेडियम का विवाद फिर से गहराया
उन्होंने संबंधित एजेंसियों से पूरे मामले की गहन जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की. यह पूरा मामला नोएडा के सेक्टर-24 थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित सेक्टर-21ए के नोएडा इंडोर स्टेडियम से जुड़ा है. स्टेडियम के संचालन और टेंडर प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने खेल जगत और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि खेल संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता नहीं होगी तो इसका सीधा असर खेलों के विकास और खिलाड़ियों के विश्वास पर पड़ेगा.
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इस बीच नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कंपनी को नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है. प्राधिकरण की प्रारंभिक जांच में टेंडर से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ियों के संकेत मिलने की बात भी सामने आई है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है और यदि किसी प्रकार की फर्जीवाड़े या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.