Advertisement

Loading Ad...

असद के बाद UP पुलिस ने भानु प्रताप को लगाया ठिकाने! अयोध्या में दो लाख का इनामी बदमाश एनकाउंटर में ढेर

कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू पर 2 लाख का इनाम था. UP की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को जानकारी मिली थी कि आरोपी साथी के साथ बाइक से भाग रहा है.

Source- X/AyodhyaPolice
Loading Ad...

UP Police Encounter: उत्तर प्रदेश में गुंडे-मवाली और बवालियों का हिसाब चुन-चुनकर किया जा रहा है. अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए पुलिस अपराधियों को तुंरत निपटा देती है, फिर न धर्म देखा जाता है न जाति, न रसूख. सूर्या हत्याकांड में आरोपी असद के बाद अब अयोध्या में बदमाश भानु प्रताप सिंह को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया. 

कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू पर 2 लाख का इनाम था. UP की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को जानकारी मिली थी कि आरोपी साथी के साथ बाइक से भाग रहा है. टीम ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने स्टेन-गन से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की जो बबलू को लग गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस उसे अस्पताल लेकर गई जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. 

40 आपराधिक मुकदमे, अलग-अलग जिलों में इनाम घोषित

Loading Ad...

बताया जा रहा है, गोली लगने के बाद भानु प्रताप सिंह को हॉस्पिटल में एडमिट करवाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई थी. जो समय पर नहीं पहुंची तो STF की टीम खुद उसे लेकर CHC पहुंची. जहां से उसे दर्शननगर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था. भानु प्रताप सिंह गोरखपुर के थाना बेलघाट इलाके के विधनापार गांव का रहने वाला था. पुलिस के मुताबिक, अयोध्या के महाराजगंज थाना में क्षेत्र ऐमी घाट पुल के पास रात करीब 11 बजे STF ने कुख्यात अपराधी की घेराबंदी की. 

Loading Ad...

यह भी पढ़ें- योगी की पुलिस ने महिला संग दुष्कर्म करने वाले गहना का किया एनकाउंटर, जवाबी फायरिंग में लगी गोली, गिड़गिड़ाकर मांगने लगा माफी

यह भी पढ़ें

STF के मुताबिक, भानु प्रताप के खिलाफ UP के अलग-अलग जिलों में लगभग 40 गंभीर मुकदमे दर्ज थे. इनमें दूध कारोबारी की हत्या, लूट और रंगदारी जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज थे. वह लगातार फरार चल रहा था. उस पर आजमगढ़ पुलिस ने 1 लाख रुपए, अंबेडकरनगर पुलिस ने 50 हजार रुपए, गोरखपुर पुलिस ने 25 हजार रुपए और बस्ती पुलिस ने 15 हजार रुपए का इनाम रखा था. बताया जा रहा है वह कई महीनों से घर भी नहीं गया था. पुलिस उसकी तलाश के लिए जगह-जगह छापेमारी कर अभियान चला रही थी. आखिरकार जब पकड़ में आया तो पुलिस पर ही फायरिंग की, जिसकी वजह से कुख्यात भानु प्रताप खुद मारा गया. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...