'गेस्ट हाउस कांड उनका वास्तविक चेहरा...', CM योगी का सपा पर करारा हमला, बांग्लादेश में दलित युवक की हत्या पर चुप्पी को लेकर भी साधा निशाना
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद को कथित रूप से दलितों की हितैषी बताने वाली विपक्षी पार्टियों पर तगड़ा निशाना साधा है. उन्होंने सपा पर हमला बोलते हुए गेस्ट हाउस कांड की याद दिलाई और महिलाओं के साथ बर्बर व्यवहार को लेकर आइना दिखाया. उन्होंने कहा पूछा कि बांग्लादेश में दलित नौजवान को जलाया गया तब इनके मुंह क्यों सिल गए.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर किया गया तगड़ा हमला सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने स्टेट गेस्ट हाउस में महिलाओं के साथ बर्बर व्यवहार कर अपना वास्तविक चरित्र दिखाया था. कांग्रेस ने बाबा साहेब को चुनाव से वंचित रखने का प्रयास किया. उन्हें भारत रत्न न मिले, इसके लिए षडयंत्र रचे. कांग्रेस आज भले ही संविधान की प्रति लेकर घूम रही है, लेकिन उसकी असलियत को समझने की आवश्यकता है.
CM योगी का विपक्ष पर तगड़ा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा, दलितों के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले गिनाएं कि बाबा साहेब के नाम पर उन्होंने क्या किया और उनके दर्शन से क्या प्रेरणा ली? सब जानते हैं कि कौन मुख्यमंत्री बनने पर दलित महापुरुषों के स्मारक तोड़ने की धमकी देता था. कड़वा-कड़वा थू, मीठा-मीठा गप, नहीं चलेगा और समाज यह स्वीकार भी नहीं करेगा, क्योंकि समाज असलियत जानता है. जाति के नाम पर समाज को बांटने वाली ताकतें बताएं कि जब बांग्लादेश में दलित नौजवान को जलाया जा रहा था तो उनका मुंह क्यों सिला था.
'बाबा साहेब ने दिखाई थी न्याय की रोशनी'
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का जीवन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने, दलितों, वंचितों, गरीबों को न्याय प्रदान करने के लिए समर्पित था. हर दलित-वंचित, गरीब, महिला जब न्याय की अपेक्षा रखती है और उसे जो रोशनी दिखाई देती है, वह रोशनी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने ही दिखाई थी. बाबा साहेब का जो प्रकाश फैला है, उसे हड़पने के लिए कुछ स्वार्थी ताकतें फिर से उनके नाम का स्मरण करने का नाटक कर रही हैं.
केजीएमयू, भाषा विवि और कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम क्यों बदला: CM योगी
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जिन लोगों को दलितों, वंचितों, गरीबों व महिलाओं से नफरत रही. जिन्होंने सामाजिक न्याय के पुरोधाओं का अपमान किया, सामाजिक न्याय के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों के लिए सदैव रास्ते बंद किए, आज वे झुनझुना पकड़ाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं. ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि दलित महापुरुषों के नाम पर बने जनपदों, केजीएमयू, भाषा विश्वविद्यालय व कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम क्यों बदल गया? दलितों-वंचितों व गरीबों के हक पर किसने डकैती डाली, किसने दलितों-वंचितों को भूमि पट्टे के अधिकार से वंचित किया? किसने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय योजना पर ब्रेक लगाया और प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू नहीं होने दिया?
बाबा साहेब के मूर्तिस्थलों पर बाउंड्रीवाल व छत्र लगाने का शुभारंभ
सीएम ने कहा ये लोग चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए. इन्होंने दलितों, वंचितों, गरीबों की पीड़ा कभी नहीं देखी. कन्नौज के मेडिकल कॉलेज का नाम फिर से बाबा साहेब के नाम पर हो, इसके लिए मंत्री असीम अरुण ने मेरा कार्यक्रम लगाकर वहां घोषणा करवाई. बाबा साहेब की 135वीं जयंती पर यूपी सरकार ने बड़े कार्यक्रम का शुभारंभ किया है. पहले चरण में सभी 75 जनपदों में एक-एक, फिर सभी उन स्थानों पर, जहां सार्वजनिक भूमि पर बाबा साहेब की प्रतिमाएं हैं, वहां बाउंड्रीवाल व मूर्ति का छत्र बनाने के कार्यों का शिलान्यास किया गया है. इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मंत्री असीम अरुण को दी गई है. बाबा साहेब, संत रविदास, महात्मा ज्योतिबा फुले, महर्षि वाल्मीकि, बिजली पासी, सातन पासी समेत सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने वाले हर महापुरुष को हम सम्मान देंगे, जिनके कारण समाज मजबूती से टिका है. यह कार्यक्रम इसलिए हो रहा है कि महापुरुषों की मूर्तियां सुरक्षित रहें, गरीब-वंचित-दलित समाज का व्यक्ति जाकर सम्मान व्यक्त कर सके और कोई उपद्रवी मूर्तियों को नुकसान न पहुंचा सके. हमारी सरकार ने गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी, बदायूं में अवंती बाई लोधी और लखनऊ में ऊदा देवी पासी के नाम पर पीएसी बटालियन का निर्माण किया.
'हमारी सरकार ने संत रविदास के प्रति ज्ञापित की कृतज्ञता'
सीएम ने कहा कि संत रविदास की जन्मभूमि वाराणसी के सीरगोवर्धन में माघ पूर्णिमा पर लाखों लोग एकत्र होते हैं. वहां पर्याप्त जगह नहीं थी. सपा के लोग कार्यक्रम नहीं होने देते थे. हमारी सरकार आई तो दो लाख लोगों के कार्यक्रम के लिए पार्क का निर्माण कराया, रविदास जी की भव्य प्रतिमा, फोरलेन, अतिथि भवन भी बना दिया. जिस महापुरुष ने अनुयायियों को कंठी देकर भक्ति परंपरा को ऊंचाई दी, हमारी सरकार उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रही है. सपा के लोग महर्षि वाल्मीकि की पावनस्थली लालापुर चित्रकूट में कब्जा कर रहे थे. वहां के साधु बार-बार मेरे पास आते थे. हमने प्रशासन को गुंडों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया. आज वहां रोपवे, सड़क भी बना दी है. पीएम मोदी ने अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा, क्योंकि इन महापुरुषों ने समाज के लिए सब कुछ किया.
'सरकार बना रही डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक व शोध केंद्र'
सीएम ने कहा कि लखनऊ में हमारी सरकार ने तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविद को बुलाकर डॉ. भीमराव आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक व शोध केंद्र के कार्य को बढ़ाया. इसके प्रथम चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है, जुलाई तक द्वितीय चरण का कार्य कराने का निर्देश दिया है. यहां दलित बच्चों के लिए बाबा साहेब के दर्शन पर शोध करने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. सामाजिक न्याय और जनचेतना के लिए केंद्र बनेगा, जिससे समाज महापुरुषों के बारे में जान सके. यहां छात्रावास, शोध केंद्र, ऑडिटोरियम, बाबा साहेब की भव्य प्रतिमा भी स्थापित हो रही है.
बाबा साहेब के दर्शन व कृतित्व से लेनी चाहिए प्रेरणा
सीएम ने कहा कि हर किसी को बाबा साहेब के दर्शन व कृतित्व से प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए. बाबा साहेब ने कहा था कि मैं हमेशा भारतीय रहूंगा. बाबा साहेब को भी लालच दिया गया, लेकिन वह योगेंद्र नाथ मंडल की तरह बहके नहीं. सीएम ने महासभा के पदाधिकारियों से कहा कि सांसद ब्रजलाल ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और योगेंद्र नाथ मंडल पर जो पुस्तक लिखी है, उसे पढ़िए और यहां भी रखिए. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर अपने पुरुषार्थ से वंचितों, दलितों के मसीहा बन गए, जबकि योगेंद्र नाथ मंडल का कोई नाम लेने वाला नहीं है. राष्ट्रमाता और भारत की एकता-अखंडता से खिलवाड़ स्वीकार नहीं करना चाहिए. भारत की स्वाधीनता, तिरंगा, राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत का अपमान करने वाला बाबा साहेब का अपमान करता है. हम ऐसा कुछ भी स्वीकार न करें जो बाबा साहेब के दर्शन के विपरीत हो, जो दलितों-वंचितों, गरीबों का हक छीनने के लिए उकसाता हो. कांग्रेस व सपा ने नहीं, बल्कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार ने बाबा साहेब से जुड़े पंच तीर्थों का विकास किया. डबल इंजन सरकार वंचितों को वरीयता, अति पिछड़ों को प्राथमिकता, दलितों को सम्मान दे रही है. हर गरीब, दलित-वंचित के लिए राशन, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना, बिजली कनेक्शन, पीएम-सीएम आवास, शौचालय की व्यवस्था भी डबल इंजन सरकार की देन है.
55 वर्ष से भटकते लोगों को दिया जमीन का मालिकाना हक
सीएम ने बताया कि तीन दिन पहले मैं लखीमपुर खीरी गया था. वहां थारू जनजाति के 4356 वंचित परिवार अधिकार के लिए भटक रहे थे. किसी सरकार ने उनके लिए पहल नहीं की. हमने सभी को जमीन का मालिकाना हक दिया. 1971 में बांग्लादेश से भारत आए दलित हिंदुओं को भी जमीन का पट्टा दिया. वे 55 वर्ष से भटक रहे थे. डबल इंजन सरकार के प्रतिनिधि के रूप में मैं उनके पास गया और उन्हें हक दिया. जिस दलित, वंचित, गरीब, जनजाति समुदाय के व्यक्ति के पास मकान बनाने के लिए जमीन नहीं है, हमारी सरकार कहती है कि उसे प्राथमिकता के आधार पर जमीन का पट्टा मिलना चाहिए. सरकार यह भी सुनिश्चित कराएगी कि गांव के सामुदायिक शौचालय की स्वच्छता से जुड़ी बहनों को समय पर मानदेय मिले.
मुख्यमंत्री ने डॉ. आंबेडकर महासभा कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में स्मारिका का विमोचन किया और 75 जनपदों में स्थापित बाबा साहेब की 75 मूर्तियों के सौंदर्यीकरण व संरक्षण कार्य का वर्चुअल शुभारंभ किया. इसके पहले सीएम योगी ने हजरतगंज चौक स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया.
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इस अवसर पर आंबेडकर महासभा के अध्य़क्ष एवं विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल ने अतिथियों का स्वागत किया. समारोह में कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, आंबेडकर महासभा के प्रदेश अध्य़क्ष प्रमोद सरोज, महामंत्री अमरनाथ प्रजापति, कोषाध्यक्ष डॉ. सत्या दोहरे आदि की मौजूदगी रही.
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