Advertisement
दिल की बीमारी से बचना है तो मानें CM योगी के ये आसान टिप्स; स्मार्टफोन पर भी दी चेतावनी
लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्मार्टफोन की लत और खराब जीवनशैली दिल की बीमारियों का बड़ा कारण बन रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि कम उम्र के लोग भी हार्ट, डायबिटीज और बीपी जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं.
Advertisement
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक अहम स्वास्थ्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक जीवनशैली को लेकर गंभीर चिंता जताई. अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रेक्षागृह में आयोजित कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि आज स्मार्टफोन की लत धीरे-धीरे एक खतरनाक बीमारी का रूप लेती जा रही है. इसका सबसे बड़ा असर लोगों के दिल पर पड़ रहा है.
दिल की बीमारी तेजी से बढ़ रही है
सीएम योगी ने कहा कि हार्ट हमारे शरीर का सबसे अहम अंग है. किडनी खराब होने पर इंसान डायलिसिस के सहारे जीवन जी सकता है, लेकिन दिल की बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है. उन्होंने चिंता जताई कि अब कम उम्र के लोग भी हार्ट डिजीज, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. इसकी बड़ी वजह हमारी बदलती जीवनशैली है. आज लोगों का न तो सोने का समय तय है और न ही उठने का. शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं. लोग कसरत से दूर हो गए हैं और आराम की जिंदगी जी रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति रोजाना चार से पांच घंटे स्मार्टफोन पर बिताता है, जो सेहत के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है.
Advertisement
नॉन कम्युनिकेबल बीमारियां बनी चुनौती
Advertisement
कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल के उद्घाटन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नॉन कम्युनिकेबल डिजीज आज सबसे बड़ी चुनौती बन गई हैं. उन्होंने बताया कि पहले भारतीय जीवनशैली में समय पर सोना, जागना और पौष्टिक भोजन लेना शामिल था, लेकिन अब फास्ट फूड और अनियमित दिनचर्या ने स्थिति बिगाड़ दी है. उन्होंने कहा कि आज लोग देर रात तक जागते हैं और पैकेटबंद खाने को प्राथमिकता दे रहे हैं. यही आदतें धीरे-धीरे शरीर को बीमार बना रही हैं.
बचाव और इलाज दोनों जरूरी
Advertisement
सीएम योगी ने कहा कि बीमारियों से निपटने के दो ही रास्ते हैं, पहला बचाव और दूसरा इलाज. उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें बचाव पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. जीवनशैली में सुधार लाना जरूरी है. सरकार इलाज और जागरूकता दोनों पर लगातार काम कर रही है. उन्होंने बताया कि पहले गंभीर बीमारी होने पर लोग इलाज के खर्च और डॉक्टरों की कमी को लेकर परेशान रहते थे. लेकिन अब स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता भी बढ़ी है.
आयुष्मान योजना से बढ़ी राहत
सरकार की आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 55 से 60 करोड़ लोग इसका लाभ उठा रहे हैं. इस योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है. उत्तर प्रदेश में जो लोग इस योजना से बाहर थे, उन्हें राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ा गया है. उन्होंने बताया कि अब शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्कूल के रसोइए भी इस योजना के दायरे में शामिल किए गए हैं, जिससे ज्यादा लोगों को राहत मिल रही है.
Advertisement
मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई
सीएम योगी ने यह भी कहा कि सरकार लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रही है. उन्होंने बताया कि दीपावली के दौरान बड़े पैमाने पर छापेमारी कर मिलावटी खोया और पनीर बरामद किया गया था. ऐसे लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है.
स्वस्थ भारत के लिए जरूरी है जागरूकता
Advertisement
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक बीमार देश कभी आत्मनिर्भर और मजबूत नहीं बन सकता. इसलिए जरूरी है कि लोग अपनी सेहत को लेकर अभी से सतर्क हो जाएं. उन्होंने कहा कि इलाज मिल सकता है, लेकिन कार्यक्षमता को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है.
यह भी पढ़ें
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों को कई जरूरी सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि फास्ट फूड से दूरी बनाएं और घर का पौष्टिक खाना खाएं. रोजाना योग और कसरत को अपनी दिनचर्या में शामिल करें. समय पर सोने और जागने की आदत डालें. स्मार्टफोन का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से ही करें, खासकर रात में इसका प्रयोग कम करें. उन्होंने डॉक्टरों से भी अपील की कि वे लोगों को सेहत के प्रति जागरूक करें. ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करें ताकि समाज पर इसका सकारात्मक असर पड़े. बताते चलें कि इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ डॉक्टर और चिकित्सा विशेषज्ञ भी मौजूद रहे. कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवन जीने का संदेश देने का बड़ा मंच साबित हुआ.