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CM बनते ही सुवेंदु अधिकारी का बड़ा फैसला, नंदीग्राम छोड़ भवानीपुर को क्यों चुना? जानिए वजह

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से विधानसभा में शपथ ली और नंदीग्राम सीट छोड़ने का संकेत दिया. भवानीपुर में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार को 15,000 से अधिक वोटों से हराया.

Image Source: IANS
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पश्चिम बंगाल के नए और नौवें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार दोपहर दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा में शपथ ली. भवानीपुर से विधायक के रूप में शपथ लेकर अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया कि वे पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से विधायक पद छोड़ देंगे. हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भवानीपुर के साथ ही नंदीग्राम से भी वे विधायक चुने गए थे.

भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से मिली जीत

भवानीपुर में इस बार सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार और तत्कालीन मुख्यमंत्री को 15,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया. नंदीग्राम में अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के पबित्रा कर को 9,000 से अधिक वोटों से हराया. यह दूसरी बार था जब अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया. 2021 में अधिकारी नंदीग्राम से ममता बनर्जी को लगभग 2,000 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए. इसके बाद 2021 में ममता बनर्जी भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं. 2026 में न केवल उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा बल्कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी हार का सामना करना पड़ा.

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दो सीटों से जीत का अनोखा उदाहरण

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सुवेंदु अधिकारी की तरह आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर भी इस बार एक साथ दो विधानसभा क्षेत्रों नाओदा और रेजिनगर से निर्वाचित हुए, ये दोनों ही मुर्शिदाबाद जिले के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र हैं. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे कौन सी सीट बरकरार रखेंगे और कौन सी सीट छोड़ेंगे. बुधवार को सुवेंदु अधिकारी विधानसभा परिसर पहुंचे और फिर सदन की सीढ़ियों को सिर झुकाकर और छूकर सदन में प्रवेश किया. उनका स्वागत कार्यवाहक अध्यक्ष और उत्तरी कोलकाता के मानिकतला विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक तापस रॉय ने किया.

गार्ड ऑफ ऑनर और पूजा-अर्चना

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इस दौरान नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को विधानसभा परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा परिसर के भीतर बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्प अर्पित किए. इसके बाद, वे विधानसभा परिसर के भीतर सदन के नेता और मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें आवंटित कक्ष में गए और वहां देवी-देवताओं की मूर्तियों के समक्ष पूजा-अर्चना की. बाद में वे सदन के भीतर गए और भवानीपुर से विधायक के रूप में शपथ ली. निर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को शुरू हुआ और गुरुवार को भी जारी रहेगा.

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बहरहाल, सुवेंदु अधिकारी के इस शपथ ग्रहण और दोनों सीटों से मिली जीत के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं. विधानसभा में उनका प्रवेश और मुख्यमंत्री के रूप में सक्रिय भूमिका की शुरुआत को राज्य की सियासत में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि वे किस दिशा में अपनी राजनीतिक रणनीति आगे बढ़ाते हैं और राज्य की सत्ता में किस तरह अपनी पकड़ मजबूत करते हैं.

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