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‘राजनीति के लिए संतों का अपमान बंद करें’, अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में संतों के अपमान पर भड़का सनातन समाज
साधु-संतों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि केवल एक वर्ग विशेष का तुष्टिकरण करने और चुनावी लाभ लेने के लिए अखिलेश यादव और उनकी पार्टी लगातार संत परंपरा और सनातन धर्म को अपमानित करने का दुस्साहस कर रही है, जिसे अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिंदू संतों का घोर उपहास उड़ाए जाने का मामला अब तूल पकड़ चुका है. पीसी में एआई तकनीक से बने एक विवादित वीडियो के जरिए शिखाधारी हिंदू संत को नशा और अनैतिक कृत्य करते हुए दर्शाया गया, जिससे संपूर्ण सनातन समाज में भारी रोष और आक्रोश व्याप्त है.
‘सनातन धर्म का अपमान अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’
साधु-संतों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि केवल एक वर्ग विशेष का तुष्टिकरण करने और चुनावी लाभ लेने के लिए अखिलेश यादव और उनकी पार्टी लगातार संत परंपरा और सनातन धर्म को अपमानित करने का दुस्साहस कर रही है, जिसे अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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सनातन पर प्रहार अखिलेश की पुरानी फितरत: जगद्गुरु बालक देवाचार्य
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अखिलेश यादव की इस हरकत पर पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक देवाचार्य ने बेहद तीखा और आक्रामक पलटवार किया है. उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव का पूरा इतिहास ही सनातन विरोधी रहा है और पूरी दुनिया उनके इस चेहरे से वाकिफ है. जगद्गुरु ने सपा पर हमला बोलते हुए याद दिलाया कि यह वही परिवार है जिसके मुखिया ने कभी निहत्थे रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं और खुद अखिलेश यादव ने साल 2015 में इसी बनारस की धरती पर संतों पर बेरहमी से लाठियां बरसाई थीं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का यह खुला षड्यंत्र है कि सनातन और संतों को लगातार बदनाम किया जाए, क्योंकि उनकी राजनीति पूरी तरह मुस्लिम वोटों की बैसाखी पर टिकी है.
सपा सरकार आई तो नहीं सुरक्षित रहेंगी बहन-बेटियां
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जगद्गुरु बालक देवाचार्य ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि यदि प्रदेश में दोबारा अखिलेश यादव की सरकार बनी, तो हिंदुओं के घर जलाए जाएंगे और हमारी बहन-बेटियां बिल्कुल सुरक्षित नहीं रहेंगी. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए वीडियो की सच्चाई उजागर करते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने अपने ही काले कार्यकाल के अपराधों, बेटियों से छेड़छाड़ और अराजकता को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन से जोड़ने का निकृष्ट प्रयास किया है. चंदा चोरी जैसे मामलों पर भी जगद्गुरु ने गहरा शक जताते हुए कहा कि यह सब सपा से जुड़े षड्यंत्रकारियों द्वारा जानबूझकर कराया गया खेल हो सकता है ताकि सनातन को बदनाम किया जा सके.
'राजनीति करें, लेकिन सनातन और आराध्य का अपमान बर्दाश्त नहीं'
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संत समाज ने विपक्षी दल को कड़े लहजे में नसीहत दी है कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ना और सरकार की कमियों को उजागर करना विपक्ष का काम है, लेकिन इसके लिए सनातन धर्म, हमारे आराध्यों और साधु-संतों को निशाना बनाना बंद करें. जगद्गुरु बालक देवाचार्य ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अखिलेश यादव राजनीति के दायरे में रहकर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाएं, न कि संतों की मर्यादा को तार-तार करें. यदि सनातन परंपरा और संत समाज पर इस तरह का ओछा प्रहार जारी रहा, तो पूरा संत समाज सड़क पर उतरकर इसका