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बांग्लादेश बॉर्डर पर BSF और BGB में ठनी, दिन भर फंसे रहे, सबुह गायब हो गए 40 बांग्लादेशी घुसपैठिए, मचा हड़कंप

बांग्लादेश बॉर्डर पर अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर तनातनी देखी जा रही है. कई चेक पोस्ट, जीरो पॉइंट पर कई बांग्लादेशी दिन भर फंसे रहे और रातों-रात अचानक गायब हो गए. इसी बीच भारत ने बांग्लादेशी सरकार को जल्द से जल्द अपने नागरिकों के सत्यापन को कहा है.

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07 Jun 2026
( Updated: 07 Jun 2026
01:15 PM )
बांग्लादेश बॉर्डर पर BSF और BGB में ठनी, दिन भर फंसे रहे, सबुह गायब हो गए 40 बांग्लादेशी घुसपैठिए, मचा हड़कंप
सांकेतिक तस्वीर/ Image Source: IANS
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भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध प्रवासियों का मुद्दा फिर से गरमाता जा रहा है. बंगाल की सुवेंदु सरकार द्वारा डिटेक्ट, डिटेन और डिपोर्ट की नीति अब जमीन पर असर दिखानी शुरू कर चुकी है. एक ओर जहां BSF और BGB के बीच गतिरोध गाहे-बगाहे बढ़ जाता है तो वहीं केंद्र सरकार ने बांग्लादेशी सरकार से अवैध बांग्लादेशियों के सत्यापन का अनुरोध किया है. इसी बीच ख़बर सामने आ रही है कि बीते गुरुवार और शुक्रवार से ही नो मेन्स लैंड या जीरो पॉइंट के पास फंसे करीब बांग्लादेशी अवैध प्रवासी रातों-रात गायब हो गए. कहा जा रहा है कि ये संभवतः बांग्लादेशी सीमा के अंदर लौट गए.

खबर के मुताबिक अवैध प्रवासियों को लेकर सीमा पर कई दिनों से BSF और BGB के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है. सबसे ज्यादा तनाव कूचबिहार जिले के मेखलीगंज क्षेत्र के पनिशाला इलाके में पिलर नंबर-134 के पास देखने को मिला, जहां पर कई बांग्लादेशी पहुंचे हुए थे. कहा जा रहा है कि उनके सत्यापन के बावजूद BGB ने उन्हें अपनी ओर लेने से मना कर दिया. BGB ने उन्हें स्वीकारने से ये कह कर मना कर दिया कि कथित तौर पर भारत की ओर से उन्हें ‘अवैध रूप से वापस भेजने’ की कोशिश की जा रही है.

रातों-रात कहां गायब हो गए 40 बांग्लादेशी घुसपैठिए?

वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक BSF ने कई बार BGB के सामने अवैध प्रवासियों के सत्यापन और सुरक्षित वापसी के मुद्दे पर बातचीत के लिए फ्लैग मीटिंग का प्रस्ताव रखा था, लेकिन BGB की ओर से हर बार इनकार किया गया और चुप्पी साध ली गई. हालांकि अनुमान लगाया जा रहा है कि कई घंटों की तनातनी और स्टैंडबाय के बीच शनिवार की सुबह तीखी बहस के बाद हालात बदले और बाद में फंसे ये सभी लोग बांग्लादेशी क्षेत्र में लौट गए.

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फ्लैग मीटिंग का प्रस्ताव नहीं मान रही BGB

इतना ही नहीं अवैध प्रवासियों के जीरो पॉइंट के पास फंसे होने की स्थिति कूचबिहार के सीतलकुची और दिनहाटा तथा जलपाईगुड़ी के सकाती के पास भी देखने को मिली. सूत्रों के मुताबिक इन इलाकों में महिलाओं और बच्चों समेत करीब 30 अन्य बांग्लादेशी नागरिक शुक्रवार तक सीमा पर फंसे रहे थे, लेकिन शनिवार सुबह तक वे भी वहां से गायब हो चुके थे. इनके बारे में भी अनुमान लगाया जा रहा है कि ये भी संभवतः अपनी सीमा की ओर लौट गए होंगे.

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी थी कि भारत सरकार की ओर से बांग्लादेशी सरकार को ऐसे 2,860 लोगों की लिस्ट सौंपी गई है, जिनके बारे में शक है कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं और अवैध रूप से भारत में घुसकर यहां रह रहे हैं. हालांकि अब तक ढाका की ओर से इस संबंध में कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ कानून के अनुसार होगी कार्रवाई: भारत

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भारत ने अवैध प्रवासियों को लेकर अपना रुख दोहराते हुए शुक्रवार को कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों, जिनमें बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं, के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, नागरिकता सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होते ही अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी.

नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों से निपटने के लिए स्पष्ट कानूनी व्यवस्था मौजूद है.

उन्होंने कहा, "भारत में यदि कोई विदेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहा है, चाहे वह बांग्लादेश का ही क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. जहां तक ऐसे लोगों के निर्वासन (डिपोर्टेशन) का सवाल है, इसके लिए दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है."

भारत बांग्लादेश की ओर से सत्यापन का कर रहा इंतजार

जायसवाल ने बताया कि भारत संदिग्ध अवैध प्रवासियों के मामलों को बांग्लादेश के समक्ष भेजता है ताकि उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि की जा सके. सत्यापन पूरा होने के बाद ही निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की जाती है.

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उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले अभी भी बांग्लादेशी अधिकारियों के पास लंबित हैं और भारत को उम्मीद है कि इन पर जल्द कार्रवाई होगी, जिससे अवैध रूप से रह रहे लोगों को सुचारू और प्रभावी तरीके से वापस भेजा जा सके.

भारत ने सत्यापन के लिए बांग्लादेश को सौंपी 2,860 लोगों की लिस्ट

विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि उसने भारत में रह रहे 2,680 से अधिक संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के मामलों को सत्यापन के लिए बांग्लादेश के पास भेजा है. जायसवाल के अनुसार, नागरिकता सत्यापित होते ही भारत मौजूदा द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत इन लोगों को बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू करेगा.

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ये भी पढ़ें: बंगाल में अपना बोरिया-बिस्तर बांधने लगे घुसपैठिए, बांग्लादेश बॉर्डर चेकपोस्ट के पास लगी भारी भीड़, सामने आया VIDEO

उन्होंने कहा, "2,680 से अधिक मामलों में राष्ट्रीयता सत्यापन का अनुरोध बांग्लादेश को भेजा गया है. सत्यापन पूरा होने के बाद हम इन बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित करने की स्थिति में होंगे."

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने यह भी बताया कि कई मामलों में सत्यापन प्रक्रिया पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित है. भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश इस मुद्दे पर शीघ्र प्रतिक्रिया देगा ताकि दोनों देशों के बीच मौजूद व्यवस्था के तहत अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों को उनके देश वापस भेजा जा सके. भारत सरकार का कहना है कि अवैध प्रवास के मामलों में सभी कार्रवाई मौजूदा कानूनों और द्विपक्षीय समझौतों के अनुरूप की जा रही है.

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होल्डिंग सेंटर में रखे गए 400 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक

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आपको बताएं कि बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों को लेकर गतिरोध का मामला ऐसे वक्त में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने घुसपैठियों की पहचान और निर्वासन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है. सरकार ने ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति के तहत कार्रवाई शुरू की है. सूत्रों के मुताबिक अब तक करीब 400 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत केंद्रों में रखा गया है.

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