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आतंक का ‘रेट कार्ड’ उजागर... दहशत फैलाने के बदले मिलती थी बड़ी रकम, ATS की पूछताछ में संदिग्ध आतंकियों ने खोला राज

UP ATS ने 4 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें स्पेशल कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड दी है. पूछताछ में खुलासा हुआ कि पाकिस्तानी हैंडलर्स उन्हें दहशत फैलाने के बदले पैसे देने का लालच दे रहे थे.

आतंक का ‘रेट कार्ड’ उजागर... दहशत फैलाने के बदले मिलती थी बड़ी रकम, ATS की पूछताछ में संदिग्ध आतंकियों ने खोला राज
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उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है. यूपी ATS ने 4 अप्रैल को चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारों पर भारत में दहशत फैलाने की योजना बना रहे थे. गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से स्पेशल कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया है.

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

ATS की शुरुआती पूछताछ में कई हैरान करने वाली जानकारियां सामने आई हैं. सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों को उनके पाकिस्तानी हैंडलर्स से लगातार संदेश मिल रहे थे. इन संदेशों में साफ कहा गया था कि जितनी ज्यादा दहशत फैलाई जाएगी, उतना अधिक पैसा दिया जाएगा. यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि पूरा मॉड्यूल संगठित तरीके से काम कर रहा था.

धमाके की तैयारी का रिहर्सल

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने बड़े हमले से पहले रिहर्सल किया था. उन्होंने पिकअप और बाइक में आग लगाकर विस्फोट जैसी स्थिति बनाने की कोशिश की थी. चारों संदिग्ध पाकिस्तानी हैंडलर अबु बकर के संपर्क में थे और सोशल मीडिया के इस्तेमाल में पूरी तरह प्रशिक्षित बताए जा रहे हैं. बातचीत के लिए अफगानिस्तान के नंबर और पहचान छिपाने के लिए VPN व इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था.

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दुबई कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता

मामले में दुबई कनेक्शन भी सामने आया है. जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि मेरठ का रहने वाला आकिब दुबई में बैठकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था. उसी ने साकिब का संपर्क पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराया था. बताया जा रहा है कि आकिब पहले से ही इन हैंडलर्स के संपर्क में था और पैसों के लेन-देन की जिम्मेदारी भी उसी के पास थी.

संवेदनशील ठिकानों पर थी नजर

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ATS को आरोपियों के मोबाइल से कई अहम सुराग मिले हैं. इनमें रक्षा प्रतिष्ठानों और कैंट इलाकों के वीडियो शामिल हैं, जिन्हें हैंडलर्स को भेजा जा रहा था. इसके अलावा रेलवे के सिग्नल सिस्टम और गैस सिलिंडर ले जाने वाले वाहनों को भी निशाना बनाने की योजना थी. जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ हिंदूवादी नेताओं को टारगेट करने की साजिश रची जा रही थी.

बहरहाल, यूपी ATS की इस कार्रवाई ने एक बड़े आतंकी खतरे को समय रहते खत्म कर दिया है. फिलहाल एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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