‘मुस्कुराइए, यह आपके नए उत्तर प्रदेश का नया लखनऊ है…’, ग्रीन कॉरिडोर के उद्घाटन पर CM योगी ने कही बड़ी बात

राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने लखनऊ में 1,519 करोड़ रुपये की ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का लोकार्पण व शिलान्यास किया. सीएम योगी ने कहा कि इस परियोजना से शहर में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी.

Source: X/ @myogiadityanath

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में 1,519 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊवासियों को बधाई देते हुए कहा कि राजधानी तेजी से नए भारत के आधुनिक शहर के रूप में उभर रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की राजधानी में बेहतर कनेक्टिविटी और सुगम यातायात व्यवस्था जरूरी होती है. इसी लक्ष्य के साथ लखनऊ में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को तेजी से विकसित किया जा रहा है, जिससे लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी.

बिना सरकारी बजट के तैयार हुआ बड़ा प्रोजेक्ट

सीएम योगी ने बताया कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने अलग से बजट नहीं दिया. लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शहर में सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कर उसका समुचित उपयोग किया और उसी से संसाधन जुटाकर करीब 1,519 करोड़ रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा किया. उन्होंने कहा कि शहरी विकास के क्षेत्र में यह मॉडल एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि किस प्रकार संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करके बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए जा सकते हैं.

28 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत आईआईएम रोड से पक्का पुल तथा पक्का पुल  (डालीगंज) से समता मूलक चौराहा तक के दो चरणों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनका लोकार्पण किया गया. इसके साथ ही समता मूलक चौराहा से शहीद पथ और शहीद पथ से किसान पथ तक के तीसरे व चौथे चरण का शिलान्यास भी किया गया है. पूरी परियोजना लगभग 28 किलोमीटर लंबी है, जो राजधानी के विभिन्न हिस्सों को जोड़ते हुए यातायात को सुगम बनाएगी.

45 मिनट का सफर अब 10-15 मिनट में

सीएम योगी ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर के बनने से राजधानी में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा. पहले जिन मार्गों पर लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में 45 मिनट से एक घंटा लग जाता था, अब वही दूरी सिर्फ 10 से 15 मिनट में तय हो सकेगी. इससे समय की बचत होगी और शहर में जाम की समस्या भी कम होगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों का भी विकास किया जा रहा है. भूमि को कब्जामुक्त कराया जा रहा है और इस पर करोड़ों की लागत से विकास कार्य कराए जा रहे हैं. इससे शहर में नई सुविधाएं विकसित हो रही हैं.

लखनऊ बना आधुनिक राजधानी का मॉडल

सीएम योगी ने कहा कि आज देश और दुनिया से आने वाले लोग लखनऊ की स्वच्छता, बेहतर सड़कों और आधुनिक व्यवस्थाओं की सराहना करते हैं. वे लखनऊ से प्रभावित होते हैं. अटल सरकार के समय राजनाथ सिंह ही थे, जिन्होंने लखनऊ को शहीद पथ की सौगात दी थी. बाद में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग से किसान पथ का निर्माण किया गया, जिसने राजधानी की बाहरी रिंग रोड के रूप में लखनऊ को नई पहचान दी. आज ये मार्ग शहर के भविष्य के विस्तार और विकास का आधार बन रहे हैं.

टेक्नोलॉजी का नया केंद्र बन रहा लखनऊ

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ केवल इंफ्रास्ट्रक्चर में ही नहीं, बल्कि इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना स्थापित हुई है, जहां प्रदेश के युवा इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ कार्य कर रहे हैं. एकेटीयू, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई से पढ़े युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं.

स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में हो रहा विकास

सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है. इससे राजधानी और आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास तेजी से होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन झूलेलाल वाटिका में हो रहा है. कभी इस स्थान पर अवैध कब्जा हो गया था, जिसे हटाकर इसे फिर से सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित किया गया. आने वाले 19 मार्च से नव संवत्सर (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के अवसर पर यहां झूलेलाल महोत्सव के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे. मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि इस स्थान पर कभी भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच भी आयोजित हुए थे.

उत्तर प्रदेश बन रहा देश का ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज गल्फ में वॉर छिड़ी हुई है. इसके अतिरिक्त वैश्विक स्तर पर आर्थिक चुनौतियां हैं, लेकिन मजबूत नेतृत्व के कारण भारत तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश भी इस विकास यात्रा में पीछे नहीं रहेगा और देश के 'ग्रोथ इंजन' के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. लखनऊ को कनेक्टिविटी, निवेश, टेक्नोलॉजी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी.

सीएम और रक्षामंत्री ने निर्माण कर्मियों का किया सम्मान

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माण कार्य में लगे कर्मियों पर पुष्प वर्षा की और उन्हें पुरस्कृत भी किया. रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने इन कर्मियों के साथ ग्रुप फोटो भी कराया. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, जय देवी, अमरेश कुमार, सदस्य विधानपरिषद डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.

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