जो 20 साल तक नीतीश नहीं कर पाए वो सम्राट सरकार ने सबसे पहले किया, दो दशक बाद राबड़ी देवी ने खाली किया बंगला
जब तक नीतीश कुमार बिहार की सत्ता के शीर्ष पर रहे लालू परिवार को बंगला खाली नहीं करना पड़ा, लेकिन सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही मंत्री नंद किशोर राम को यह बंगला अलॉट कर दिया गया.
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पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने लगभग 20 वर्षों के बाद सरकारी बंगला खाली कर दिया है, जिसके बाद बिहार की राजनीति के सबसे प्रतिष्ठित पतों में से एक पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड एक नए अध्याय में प्रवेश कर गया.
RJD प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के साथ राबड़ी कौटिल्य नगर स्थित अपने पारिवारिक आवास में शिफ्ट हो गईं हैं. इसके साथ ही RJD की राजनीतिक यात्रा से जुड़े एक युग का अंत हो गया.
20 दशक का सफर खत्म
राबड़ी देवी 2 फरवरी, 2006 से इस सरकारी बंगले में रह रही थीं. यह आवास उन्हें विपक्ष की नेता के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान आवंटित किया गया था, पहले बिहार विधानसभा और बाद में विधान परिषद में सदस्य के रूप में राबड़ी देवी यहां रह रहीं थीं.
वर्षों से, यह बंगला लालू परिवार का राजनीतिक केंद्र बना रहा, जहां महागठबंधन की कई बैठकें हुईं और कई महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीतियों और निर्णयों को आकार दिया गया. परिणामस्वरूप, 10 सर्कुलर रोड बिहार में RJD की राजनीति का पर्याय बन गया.
राबड़ी देवी ने क्या चिंता जताई?
बंगले का कब्जा सौंपने से पहले राबड़ी देवी ने सरकारी संपत्तियों की आधिकारिक सूची को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर 2006 में आवास आवंटित किए जाने के समय तैयार किए गए मूल प्रभार रजिस्टर और सूची मांगी थी.
सूत्रों के अनुसार, विभाग ने अभी तक मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं. राबड़ी देवी का कहना था कि आवास औपचारिक रूप से सौंपने से पहले सूची का सत्यापन किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में सरकारी संपत्ति से संबंधित किसी भी विवाद या आरोप से बचा जा सके. मामला लंबित होने के बावजूद, उन्होंने गुरुवार को बंगला खाली कर दिया.
अब कहां शिफ्ट हुईं हैं राबड़ी देवी?
बिहार विधान परिषद में विपक्ष की वर्तमान नेता होने के नाते राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड पर एक सरकारी आवास आवंटित किया गया है. हालांकि, लालू परिवार फिलहाल कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में शिफ्ट हो गया है.
इस बीच, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पहले ही 1 पोलो रोड स्थित अपने आधिकारिक आवास में जा चुके हैं. परिणामस्वरूप, परिवार की राजनीतिक और निजी गतिविधियां अब अलग-अलग स्थानों से संचालित होंगी.
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बिहार सरकार ने पहले राबड़ी देवी को एक महीने के भीतर बंगला खाली करने का निर्देश दिया था. इसके बाद 15 दिन का विस्तार दिया गया और फिर सात दिन का अंतिम नोटिस जारी किया गया. इस दौरान, परिवार ने धीरे-धीरे अपना सामान शिफ्ट किया. पिछले कई दिनों से ट्रकों सामान को इधर से उधर कर रहे थे.
10 सर्कुलर रोड के बंगले मे कौन रहेगा?
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सरकार ने अब 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला राज्य के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है. खास बात ये है कि बिहार में जब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहे तब तक लालू परिवार को बंगला खाली नहीं करना पड़ा था, लेकिन सम्राट सरकार के आते ही तस्वीर बदल गई, हालात बदल गए जज्बात बदल गए, आखिरकार कई दिनों के सियासी ड्रामे के बाद पूर्व CM राबड़ी देवी को बंगला खाली करना ही पड़ा.